सर्दी में बढ़े हार्ट अटैक के केस:मरीजों की संख्या हुई दोगुनी, सर्दी में हार्ट का रखें ख्याल, अटैक का बढ़ जाता है खतरा

कोटाएक महीने पहले
भर्ती मरीज

सर्दी का मौसम लोगों के दिल को झटका दे रहा है। सर्दी बढ़ने के साथ ही न्यू मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जहां हम तौर पर 5 से 6 मरीज रोज भर्ती होते थे, पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या बढ़कर रोज की आईपीडी 10 तक पहुंच गई है। मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.भंवर एस रणवा ने बताया कि सर्दियों में व्यक्ति का रूटीन बदल जाता है। खानपान में बदलाव होता है। गरिष्ठ भोजन का उपयोग ज्यादा किया जाता है। इसके अलावा सर्दियों में व्यायाम में कमी आ जाती है। जिससे शरीर की कार्यप्रणाली में भी बदलाव आने लगता है।

सर्दियों में बीपी में भी बदलाव होने लगता है। ब्लड पंप करने में हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। खून का प्रवाह कम होता है और जमने लगता है। ये समस्या उन लोगों के साथ ज्यादा होती है जो पहले से हार्ट के मरीज हैं। नस सख्त बन जाती है। नसों को गर्म और एक्टिव करने के लिए ब्लड का फ्लो बढ़ता है तो ब्लड प्रेशर की समस्या होती है। बीपी बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा बना रहता है।

30 प्रतिशत तक बढ़ी ओपीडी

डॉ. रणवा ने बताया कि वर्तमान में ओपीडी 30 प्रतिशत तक बढ़ गया है। सर्दी बढ़ने के साथ ही ओपीडी 130 से ज्यादा का हो गया। जबकि आमतौर पर,खासकर गर्मियों में 70 से 100 तक रहता है। भर्ती के मरीज भी 4-5 से बढ़कर 10 तक पहुंच गए। इनमें हार्ट अटैक के केस आ रहे हैं।

सर्दियों में रखें विशेष ख्याल

डॉ. रणवा ने बताया कि सर्दियों में लोगों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। खासकर जो लोग पहले से हार्ट की समस्या से ग्रसित है। उन मरीजों को डेली रूटीन मेंटेन करना चाहिए। हल्का व्यायाम, सैर जरूर करनी चाहिए। खासकर डाइट का विशेष ध्यान रखे। हल्का और पौष्टिक भोजन करें।