स्पाइना बाइफिडा जागरूकता:1000 बच्चों में से 4-5 के निकलती है पीठ में कूब, 10 माह के बच्चे का किया ऑपरेशन

कोटा18 दिन पहले
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10 माह का बालक कपिल। - Dainik Bhaskar
10 माह का बालक कपिल।

प्रतिवर्ष अक्टूबर माह को स्पाइना बाइफिडा जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। स्पाइना बाइफिडा एक जन्मजात दोष है, जिसमें एक विकासशील बच्चे की रीढ़ की हड्डी ठीक से विकसित नहीं हो पाती है। हमारे देश में यह सबसे ज़्यादा होने वाली जन्मजात विकृति है।

लगभग 1000 जन्म लेने वाले बच्चों में यह 4 से 5 बच्चों में होती है। मेडिकल काॅलेज के न्यूराे सर्जन डाॅ. एसएन गाैतम ने मंगलवार काे एमबीएस हाॅस्पिटल में स्पाइना बाइफिडा के ही एक प्रकार मेनिंनगाेमायलाेसीस से पीड़ित 10 माह की उम्र के एक बालक कपिल का सफल ऑपरेशन किया।

न्यूराे सर्जन डाॅ. गाैतम स्पाइना बाइफिडा हाेने के पीछे कारण बताते हैं कि यह एक जेनेटिक कारण है। जिसमें महिला का गर्भावस्था के दाैरान रेडीएशन के सम्पर्क में आने, गर्भावस्था में फोलिक ऐसिड (विटामिन बी 9) की कमी हाेना, अधिक उम्र में गर्भधारण करना, गर्भावस्था के दाैरान अधिक मात्रा में हानिकारक दवाओं का सेवन करने से हाेने वाला बच्चा स्पाइना बाईफिड़ा से पीड़ित हाेता है।

इन कारणाें से बचकर हाेने वाले बच्चाें काे इस जन्मजात बीमारी से बचाया जा सकता है। ऐसे बच्चे हाेने पर उनका ऑपरेशन करके विकृति को सही से रिपेयर करना और साथ में बच्चे को रेहेबिलेटेशन करना ही इसका उपचार हाेता है।

यह हाेते हैं इस बीमारी के लक्षण
1. कभी-कभी रीढ़ की हड्डी में दोष के ऊपर की त्वचा पर लक्षण देखे जा सकते हैं। उनमें बालों का एक असामान्य गुच्छा, एक बर्थमार्क या उभरी हुई रीढ़ की हड्डी के ऊतक ओर सिस्ट (पानी से भरी हुई गांठ )शामिल हैं।
2. आंत्र रुकावट, कब्ज, या मल का रिसाव
3. मांसपेशियों में कमजोरी, कड़ी मांसपेशियां
4. यूरिन की समस्या, बिस्तर गीला करना, मूत्र का रिसाव, या मूत्र पथ का संक्रमण
5. बौद्धिक अक्षमता, कूबड़ निकलना, एक या दोनों पैरों में लकवा

एेस किया जा सकता है बचाव :

गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों तक आपके सिस्टम में पर्याप्त फोलिक एसिड होना स्पाइना बाईफ़िडा को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। चूंकि कई महिलाओं को यह पता नहीं चलता है कि वे इस समय तक गर्भवती हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रसव उम्र की सभी वयस्क महिलाएं फोलिक एसिड के 400 से 1,000 माइक्रोग्राम (एमसीजी) का दैनिक पूरक लें।

स्वस्थ आहार खाना भी एक अच्छा विचार है। जिसमें फोलेट से भरपूर या फोलिक एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल हैं। यह विटामिन कई खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से मौजूद है, जिनमें बीन्स और मटर, खट्टे फल और जूस, अंडे, दूध, गहरे हरे रंग की सब्जियां, जैसे फूलगाेभी और पालक आदि शामिल है।

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