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पानी की पीर:चंबल किनारे की 300 काॅलोनियों के लोग फ्लाेराइडयुक्त पानी पीने काे मजबूर

कोटाएक महीने पहले
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  • शहर के पटरी पार और बारां रोड एरिया में काॅलोनियां बसे हो गए 8 से 10 साल, अभी तक नहीं मिला चंबल का पानी, फ्लोराइड युक्त पानी से हडि्डयां हो रही कमजोर

एक तरफ तो चंबल का पानी कोटा से बूंदी और भीलवाड़ा तक पहुंचाया जा रहा है, लेकिन चंबल नदी से 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में नगर निगम क्षेत्र में बसी पटरी पार व बाेरखेड़ा क्षेत्र में स्थित 300 से अधिक काॅलोनियां ऐसी हैं, जहां आज तक चंबल का पानी नहीं पहुंचा।

इन काॅलाेनियाें में 50 हजार से अधिक की आबादी है। इन काॅलाेनियाें काे बसे 3 साल से लेकर 20 साल तक हाे गए हैं, कई काॅलाेनियां अप्रूव्ड हैं। लाेगाें काे मकान बनाने से पहले 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक खर्च करके बाेरिंग करवाना पड़ता है।

इन काॅलोनियों में घर-घर में बाेरिंग है और उसका टीडीएस 1600 तक हाेने के बावजूद उसे पीने की मजबूरी बन गया है। इतने वर्षाें से बाेरिंग का पानी पीने से अब अब लाेगाें की हड्डियां कमजाेर हाेने लगी हैं। 50 साल से अधिक के उम्र वाले अधिकांश लाेगाें के घुटने जवाब दे चुके हैं। इनमें से कुछ लाेग ताे ऑपरेशन कर घुटने बदलवा भी चुके हैं।

स्थानीय लाेग पार्षद से लेकर विधायक और सांसद तथा नगर निगम, यूआईटी से लेकर जलदाय विभाग तक के दरवाजे ये लाेग खटखटा चुके हैं। यहां की पार्षद संताेष बैरवा खुद यही पानी पी रही हैं। अपनी और जनता की पीड़ा काे उन्हाेंने हाल ही 6 जनवरी काे हुई बाेर्ड की बैठक में भी उठाया था। अभी भी इन लाेगाें काे चंबल का शुद्ध पानी कब तक मिलेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता।
शहर की इन काॅलाेनियाें में हैं सबसे ज्यादा परेशानी, जहां जलदाय विभाग की पाइप लाइन नहीं बिछी होने से लोग हो रहे परेशान

शहर के स्टेशन एरिया, पटरी पार, बारां रोड एरिया की पूनम काॅलाेनी, दुर्गानगर फर्स्ट, सेकंड, थर्ड, विस्तार याेजना, ज्ञान विहार, अर्पण विहार, गुरुगाेविंद सिंह विहार, गुरुकृपा कालाेनी, आस्था नगर, विनायक धाम, गणपति नगर, एकता नगर, अंजली नगर, सिद्धि विनायक, सिद्धिधाम, श्रीकृष्ण रेजीडेंसी, श्रीविहार, वैशाली नगर, गाेकुल कालाेनी, फ्रेंड्स काॅलाेनी, मालीपुरा, कृष्णा विहार, थेकड़ा क्षेत्र, तिरुपति आवास, बालाजी नगर, सूर्य नगर, आदित्य नगर, लाजपत नगर, लाजपत नगर फर्स्ट, बजरंग विहार, भारत विहार से लेकर पूरा बाेरखेड़ा क्षेत्र और हाथीखेड़ा तक बसी कालाेनियाें सहित 300 काॅलाेनियाें में जलदाय विभाग से पानी सप्लाई नहीं हाे रहा है।

पानी की कहानी, पीड़िताें की जुबानी

1. हमारी काॅलाेनी में हर व्यक्ति के 50 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक बाेरिंग करवाने में खर्च हाे चुके हैं। वर्ष 2009 से अब तक 3 आरओ बदल चुका हूं और 1500 रुपए प्रति वर्ष उसके मेंटेनेंस पर खर्च करता हूं। अब ताे घुटने जवाब दे चुके हैं। - बहादुर सिंह राठाैड़, दुर्गानगर
2. 15 साल से बाेरिंग का पानी पीते मेरे घुटने ही खराब हाे गए हैं। फ्लाेराइड पानी से हालत इतनी खराब हाे गई थी कि घर से निकलना मुश्किल हाे गया, पैर टेड़े हाे गए। काॅलाेनी में चंबल का पानी दिलवाने के लिए हर प्रयास किए, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। - चंद्रपाल सिंह, पूनम काॅलाेनी
3. काेटा के बाहर वालाें काे चंबल का शुद्ध पानी मिल रहा है, लेकिन हमें 1000 से ऊपर टीडीएस वाला पानी पीना पड़ रहा है। इस कारण घुटनाें में दर्द की समस्या से ग्रसित हाे गए। हर जनप्रतिनिधि काे लिखित में दे चुके हैं, लेकिन पानी आज तक नहीं मिला। - सीताराम शर्मा, दुर्गानगर सुपर काॅलाेनी
4. हम लाेग वर्ष 2008 से 1600 टीडीएस के पानी काे फिल्टर करके पी रहे हैं। हर घर में बाेरिंग है और बाेरिंग का पानी बिना आरओ के पी नहीं सकते हैं। डाॅक्टर कह रहे हैं घुटने की कटाेरी बदलनी पड़ेगी। वाे भी बदलवा लेंगे, फिर समस्या आ जाएगी। - रामकल्याण मिमराेट गणपति काॅलाेनी
250 टीडीएस तक ही पी सकते हैं पानी

बाेरखेड़ा और पटरीपार क्षेत्र की काॅलाेनी में पिछले 15 वर्षाें से आरओ का काम कर रहे ब्रांडेड कंपनी के टेक्निशियन आशीष पांडे बताते हैं कि यहां हर काॅलाेनी और घर का टीडीएस मैंने नाप रखा है। यहां पर 1050 से लेकर 1600 तक टीडीएस का पानी मिलता है। सर्दियाें में कुछ ठीक रहता है, लेकिन बारिश में ताे 1600 टीडीएस तक पहुंच जाता है। अधिकांश घराें में फिल्टर लगे हुए हैं, हर दाे-तीन माह में मेंटेनेंस करने पड़े हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार 250 टीडीएस तक का ही पानी पीने याेग्य हाेता है।
अभी एक साल और लगेगा इन क्षेत्रों के लोगों को चंबल का पानी उपलब्ध होने में

बीबी मिगलानी, एक्सईएन जलदाय विभाग सवाल- पटरी पार, बाेरखेड़ा में पेयजल सप्लाई क्याें नहीं है। जवाब- जब 130 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट बना था तब डिमांड नहीं थी, इसलिए प्लान नहीं बनाया । सवाल- अब क्या याेजना है। जवाब- विभाग 130 एमएलडी प्लांट के पास ही 70 एमएलडी का एक नया प्लांट स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट में यूआईटी बना रही है। इसके बाद सर्वे कराकर लाइन डालेंगे। सवाल- कितना समय और वंचित रहेंगे लाेग। जवाब- प्लांट बनने, लाइन डालने में 1 साल और लगेगा।

क्षेत्र के लोगों को चंबल का पानी नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन: संताेष बैरवा, पार्षद
सवाल- इस समस्या के लिए आप क्या कर रही है।
जवाब- इसके लिए मैंने बाेर्ड की मीटिंग से लेकर विधायक तक के सामने मांग रखी है। समाधान नहीं हाेगा ताे आंदाेलन करेंगे।

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