मजदूरों का धरना:कर्फ्यू में फंसे लोगों ने घेरा मकबरा व कैथूनीपाेल थाना

कोटा3 वर्ष पहले
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  • 1 महीने से परकाेटे में कर्फ्यू, लाेग रात 12 बजे धरने पर बैठे, बाेले-काम पर नहीं जाएंगे ताे खाएंगे कैसे

कोरोना वायरस से पिछले एक माह से घरों में कैद होकर लड़ाई लड़ रहे परकोटे के लोगों का सब्र आखिर गुरुवार मध्य रात्रि को टूट गया। देखते ही देखते सड़कों पर लोगों का भारी जमावड़ा एकत्रित होने लगा। लोग कर्फ्यू की पाबंदियों से परेशान नजर आए और कर्फ्यू काे तोड़कर सैकड़ों की संख्या में घरों से निकल गए। लोग मकबरा और कैथूनीपोल थाने का घेराव करने के लिए देर रात घरों से निकल पड़े और थानों के सामने तक चले गए। आक्रोशित लोगों ने पाटनपोल, घंटाघर क्षेत्र में पुलिस द्वारा लगाई गई बल्लियां तक तोड़ दी और नारेबाजी भी की। पुलिस-प्रशासन कुछ कर पाता उसके पहले लोग आपे के बाहर होने लगे और हंगामा कर दिया। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल थीं। इससे पहले दिन में भी गंधीजी का पुल इलाके में महिलाअाें ने प्रदर्शन किया था। लोगों का कहना है कि उनकी मंशा सरकार के आदेश की अवहेलना करना और कोरोना महामारी को फैलाना नहीं है, लेकिन अब उनकी मजबूरियां सरकारी आदेशों को न मानने पर विवश कर रही हैं। सरकार भले ही दूध, सब्जी, राशन, दवाएं जैसी सुविधाएं मुहैया करवा रही हो, लेकिन लोगों का कहना है कि उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी घर में पैसा खत्म होने की है। सरकार की पाबंदियों से काम पर नहीं जा पा रहे हैं। घर पर रखा पैसा खत्म हो चुका या खत्म होने की कगार पर है। लोगों का कहना है कि सरकार हर बार कर्फ्यू की तारीख आगे बढ़ा रही है। इससे हमारी परेशानी और ज्यादा बढ़ रही है। कई घरों में लोगों के खाने का राशन खत्म हो चुका है।

लोग बोले- जिस इलाके में पाॅजिटिव नहीं, कम से कम वहां मिले थोड़ी छूट
जब प्रशासन ने नियम बना दिए हैं कि कोरोना पॉजिटिव मरीज के आसपस का 100 मीटर का एरिया पैक किया जाएगा तो फिर पूरे कैथूनीपोल अाैर वार्ड 44 में क्यो कर्फ्यू लगा रखा है। जबकि यहां 14 दिन पहले मात्र 2 पॉजिटिव आए थे। - दिलीप पाठक, पूर्व पार्षद वार्ड 44
रेतवाली में तो एक भी पाॅजीटिव मरीज नहीं आया तो फिर यह के लोगों को किस बात की सजा दी जा रही है। प्रशासन अपनी कमजोरी छिपाने के लिए कर्फ्यू बढ़ा रहा है। - महेश गौतम लल्ली, पूर्व पार्षद एवं स्थानीय निवासी

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