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  • Physics Was A Bit Difficult, Chemistry Was Easy And Maths Was Landy, Students Said That If Studies Were Offline, They Could Have Done Better In The Paper.

जेईई मेन परीक्षा -2021:फिजिक्स थोड़ा मुश्किल, केमेस्ट्री आसान और मैथ्स लैंदी रहा, स्टूडेंट्स बोले-पढ़ाई ऑफलाइन हाेती ताे पेपर काे बेहतर कर सकते थे

कोटा4 दिन पहले
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परीक्षा केंद्र पर छात्र-छात्राओं की जांच करते हुए कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
परीक्षा केंद्र पर छात्र-छात्राओं की जांच करते हुए कर्मचारी।
  • एप से फेस मिलान करने के बाद ही मिली सेंटरों पर एंट्री

एनटीए की ओर से काेटा सहित देश-विदेश के 334 परीक्षा सेंटर पर जेईई मेन 2021 के थर्ड सेशन की परीक्षा हुई। यह परीक्षा दाे शिफ्ट में सुबह 9 से 12 और दाेपहर तीन से शाम 6 बजे के बीच हुई। काेटा में तीन सेंटर पर दाे पारियाें में परीक्षा हुई। इनमें कुल रजिस्टर्ड 1914 में से 1505 स्टूडेंट्स उपस्थित और 409 एबसेंट रहे। यानी करीब 80 फीसदी स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी।

एनटीए के सिटी काे-ऑर्डिनेटर इंजीनियर प्रदीप सिंह गाैड़ ने बताया कि सभी सेंटर पर शांतिपूर्व परीक्ष संपन्न हुई है। उन्हाेंंने बताया कि सेंटर पर एप के माध्यम से फेस के मिलान के बाद ही स्टूडेंट्स काे सेंटर पर एंट्री मिली है। वहीं, स्टूडेंट्स प्रीति मीना, रानी कुमारी, सिम्पी सिंघल ने बताया कि पेपर मार्च के सेशन से टफ था। ऑफलाइन पढ़ाई होती तो पेपर और अच्छा कर सकते।

सुबह 7 बजे सेंटर पर स्टूडेंट्स पहुंचे

सेंटर पर दाेनाें पारियाें में स्टूडेंट्स साेशल डिस्टेंसिंग के साथ सेंटर के बाहर खड़े रहे। निर्धारित प्राेटाेकाॅल और सेनेटाइजेशन सिस्टम और नए मास्क के साथ सेंटर पर लैब के लिए एंट्री दी। लैैब में भी स्टूडेंट्स की पूरी तरह से साेशल डिस्टेसिंग की सुविधा रही। थर्ड सेशन में चार दिन तक दाे-दाे शिफ्ट में 27 जुलाई तक परीक्षाएं हाेंगी।

एनटीए ने स्टूडेंट्स से फीडबैक लेकर समरी बताई

कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जेईई-मेन एनटीए की ओर से परीक्षा से संबंधित सुविधाओं को लेकर स्टूडेंट्स से फीडबैक लिया। यह फीडबैक परीक्षा समाप्त होने के बाद कंप्यूटर स्क्रीन पर ही ऑनलाइन लिया गया। परीक्षा का समय पूरा होते ही स्टूडेंट्स को उनके प्रश्नों की समरी भी बता दी।

फिजिक्स टफ, केमेस्ट्री आसान मैथ्स लैंदी रहा : बृजेश माहेश्वरी

स्टूडेंट्स के फीडबैक एवं सीसेट पर प्राप्त रिस्पाॅन्सेज के आधार पर पेपर का एनालिसिस किया गया है। सुबह की पारी का पेपर ओवरआॅल लैंदी था। फिजिक्स सबसे कठिन, केमेस्ट्री सबसे आसान रही। जबकि मैथ्स का पेपर कैलकुलेटिव ज्यादा होने से स्टूडेंट्स को पेपर साॅल्व करने में समय ज्यादा लगा।

केमेस्ट्री व फिजिक्स में एसरशन- रीजन आधारित प्रश्न पूछे गए थे। इस बार स्टूडेंट्स को यह सुविधा दी गई है कि रीजनल या इंग्लिश लैंग्वेज में प्रश्न की भाषा स्पष्ट नहीं है तो सुविधानुसार पेपर का मीडियम परिवर्तित कर सकता है। यह सुविधा पहली बार दी गई है।

पिछले सेशन की तुलना में गणित कठिन था, रसायन विज्ञान में प्रश्न आसान रहे : नितिन विजय

जेईई मेन के पहले पेपर गणित से शुरुआत करने वाले छात्रों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। क्योंकि गणित खंड के संख्यात्मक खंड को कठिन और समय लेने वाला बताया था। रसायन विज्ञान के पेपर आसान और बड़े पैमाने पर एनसीईआरटी से बताया है। भौतिकी में प्रश्न मध्यम स्तर के थे। कार्बनिक और भौतिक रसायन विज्ञान के प्रश्न समान रूप से कठिन थे। फिजिक्स के सवाल फॉर्मूला बेस्ड थे और आसान थे। रसायन विज्ञान में प्रश्न आसान और एनसीईआरटी आधारित थे। पिछले सेशन की तुलना में गणित कठिन और लंबा था।

फिजिक्स, केमिस्ट्री रहे सामान्य : शैलेन्द्र माहेश्वरी

जेईई मेन की दोनों परियों में गणित का पेपर लैंदी रहा। कैलकुलेशन लंबी होने से अधिक समय लगा है। फिजिक्स और केमिस्ट्री दोनों ही सामान्य रहे है। हालांकि फिजिक्स का पड़ला केमिस्ट्री के मुकाबले ज्यादा था। यदि इसी तरह का ट्रेंड आगे भी हो तो छात्रों को केमिस्ट्री पहले हल करके मैथ्स के लिए समय बचाना चाहिए।

रेजोनेंस ने उपलब्ध कराए सॉल्युशन : आरके वर्मा

रेजोनेंस ने विद्यार्थियों के लिए जेईई मेन के वीडियो सॉल्युशन एवं विश्लेषण तैयार किए गए हैं रेजोनेंस की वेबसाइट पर देख सकते हैं। इस वर्ष प्रश्न पत्र में 90 प्रश्न थे, जिनमें से विद्यार्थी को कुल 75 प्रश्न ही हल करने थे। फिजिक्स, केमेस्ट्री एवं मैथ्स में 20-20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गए एवं इनके अतिरिक्त तीनों विषय में 10-10 न्यूमेरिकल प्रश्न पूछे गए। प्रत्येक विषय में पूछे गए 10 न्यूमेरिकल प्रश्नों में से किन्ही 5 प्रश्नों को अटेम्पट करने का प्रावधान दिया गया था।

पहली पारी में पेपर साधारण और संतुलित रहा : देव शर्मा

पहली पारी का पेपर साधारण एवं संतुलित रहा। प्रश्न-पत्र में 11वीं एवं 12वीं सिलेबस से लगभग समान मात्रा में प्रश्न पूछे। केमेस्ट्री के प्रश्न पत्र में प्रैक्टिकल-बेस्ड क्वेश्चन पूछे गए। फिजिक्स में इस तरह के प्रश्न नदारद रहे। मैथमेटिक्स में 11-सदस्य क्रिकेट टीम चुनने की संभावना पर आधारित प्रश्न पूछा गया जो कि परम्यूटेशन-कांबिनेशन तथा प्रोबेबिलिटी पर आधारित था।

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