डस्टबिन के स्थान पर 250 पावर कोटेड मैटलिक डस्टबिन:ट्रेनाें में आगजनी की घटना रोकने के लिए कोचों से हटेंगे प्लास्टिक के डस्टबिन

कोटाएक महीने पहले
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यह कार्य 25 दिसंबर से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। - Dainik Bhaskar
यह कार्य 25 दिसंबर से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा।

दुर्ग उधमपुर ट्रेन के दो एसी कोचों में एक पखवाड़े पूर्व लगी आग के बाद रेलवे बोर्ड ने अब कोचों में प्लास्टिक डस्टबिन के स्थान पर मैटलिक डस्टबिन लगाने का फैसला किया है। इस बारे में बोर्ड ने इंडियन रेलवे के सभी महाप्रबंधकों और डीआरएम को आदेश जारी कर दिए हैं।

कोटा मंडल की पैसेंजर, मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के आईसीएफ कोचों में लगे प्लास्टिक डस्टबिन के स्थान पर 250 पावर कोटेड मैटलिक डस्टबिन लगाए जाएंगे।

यह कार्य 25 दिसंबर से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। दुर्ग उधमपुर ट्रेन के दो एसी कोचों में आगजनी की घटना मुरैना के पास हुई थी। घटना उस समय हुई थी जब ट्रेन खड़ी हुई थी। ट्रेन के एसी कोच में यात्री भी सवार थे। एसी कोच में आगजनी की घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने कोचों में लगे प्लास्टिक डस्टबिन के स्थान पर मैटलिक डस्टबिन लगाने का फैसला किया। इसमें पहले फाइबर रीन फॉरेस्ट प्लास्टिक डस्टबिन लगाने का फैसला किया गया। इसके बाद एक और आदेश जारी किया गया पावर कोटेड मेटलिक डस्टबिन लगाए जाएं। अब कोटा मंडल की कोटा-इंदौर इंटरसिटी, कोटा-झालावाड़, कोटा-नागदा सहित अन्य ट्रेनों के आईसीएफ कोच में पावर कोटेड मैटलिक डस्टबिन लगाए जाएंगे। 125 पावर कोटेड मैटलिक डस्टबिन जबलपुर से कोटा पहुंच रहे हैं।

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