हिन्दुस्तान की ‘आशा’:पीएम ने कूनो आई मादा चीता को दिया नाम-आशा

कोटा19 दिन पहलेलेखक: आशीष जैन
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नामीबिया से भारत के कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीतों काे नाम दिया जाएगा। एक मादा चीता काे खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आशा’ नाम दिया है। आशा यानी उम्मीद...। आशा नाम देने के पीछे भी यही मानना है कि इसी मादा चीता से भारत में प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को भविष्य को लेकर ज्यादा उम्मीद हैं।

नामीबिया से लेकर भारत में पुनर्वास तक पूरे प्रोजेक्ट को देख रहे चीता कंजर्वेशन फंड (सीसीएफ) की सीनियर एडवाइजर (स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव) सुसेन यानिती ने यह जानकारी दी। वे और उनकी पूरी टीम इस वक्त कूनो साइट पर ही हैं। सुसेन ने बताया कूनो में लाए 8 में से 5 मादा हैं। इन्हीं में से एक का नामकरण पीएम मोदी ने चीते छोड़ने की सेरेमनी के दौरान हिंदुस्तानी नाम ‘आशा’ दिया। अन्य के नाम अभी तय नहीं किए हैं।

3 साल 4 महीने की है ‘आशा’
मादा चीता ‘आशा’ की उम्र मात्र 3 साल 4 महीने है। इसे जुलाई, 2022 में नामीबिया में ही सीसीएफ के पड़ोसी फार्म से पकड़ा था। फार्म का स्वामित्व नामीबिया के बड़े उद्योगपति के पास था। बाद में उसे सीसीएफ संपत्ति के तौर पर रिलीज कर दिया था, लेकिन दो माह बाद फिर से इस मादा को उसी पड़ोसी फार्म से पकड़ा गया था।

चीता पुनर्वास का पहला अंतरमहाद्वीप मिशन

सुसेन ने बताया कि इस तरह का अंतरमहाद्वीपीय मिशन पहली बार हुआ है, जिसमें दक्षिणी अफ्रीकी चीता को किसी अन्य महाद्वीप (भारत-एशिया) में शिफ्ट किया गया है। हम सभी की उम्मीदों के अनुरूप यह मिशन सफल रहा है। बहुत सरल तरीके से पूरा हो सका है। फिलहाल हमारी टीम कूनो में ही चीतों की निगरानी कर रही है।