रिजल्ट जारी:1.5 करोड़ च्वाॅइस फिलिंग 21 काे लाॅक हाेगी प्रायाेरिटी

कोटा15 दिन पहले
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जोसा ने मॉक सीट अलॉटमेंट-1 का परिणाम रविवार को घोषित कर दिया। सीट अलॉटमेंट की इस प्रक्रिया में 1 लाख 81 हजार 914 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन्हाेंने कुल 1.5 करोड़ से अधिक सीट च्वाॅइस फिलअप की। औसतन 83 सीट च्वाॅइस प्रति विद्यार्थी फिलअप की गईं है।

अलॉटमेंट-1 से सीट आबंटन सिर्फ इंडिकेटिव है। जिनका आबंटन नहीं हो सका वे विशेषज्ञों की राय लेकर च्वाॅइस फिलिंग के प्रायाेरिटी में संशाेधन करें‌। 20 सितंबर को हाेने वाले मॉक सीट अलॉटमेंट-2 का इंतजार करें। यदि आवश्यक हो तो फिर से च्वाॅइस फिलिंग का प्रायाेरिटी ऑर्डर बदल लें।

प्रायाेरिटी ऑर्डर बदलने के लिए दाे दिन का समय मिलेगा। जोसा-2022 काउंसलिंग शेड्यूल के आधार पर च्वाॅइस फिलिंग तथा ऑटोलाॅकिंग की आखिरी तारीख 21 सितंबर हाेगा।

बता दें कि जोसा काउंसलिंग से देश के विभिन्न इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर संस्थानों, आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल-आईटी तथा गवर्नमेंट फंडेड टेक्निकल इंस्टिट्यूट, जीएफटीआई के अंडर ग्रेजुएट, डुएल-डिग्री इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर पाठ्यक्रमों में प्रवेश हाेता है।

एक्सपर्ट...एनआईटी सिस्टम चयन में बरतें सावधानी
एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि आईआईटी संस्थानों की मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग महत्वपूर्ण ब्रांच हाेती हैं। इनका स्तर कंप्यूटर-साइंस के समान मान सकते हैं। एनआईटी- सिस्टम में ऐसा नहीं है। विद्यार्थियों को यहां चयन में सावधानी बरतनी होगी।

स्पष्ट है कि विद्यार्थी एनआईटी सिस्टम की ‘मैथमेटिक्स और कंप्यूटिंग’ ड्रांस को प्राथमिकता नहीं दें। क्योंकि उपरोक्त ब्रांच की स्थिति एनआईटी- सिस्टम में आईआईटी जैसी नहीं है।

एक्सपर्ट अमित आहूजा के अनुसार जाेसा के पहले माॅक सीट एलोकेशन में कुल 1 लाख 81 हजार 914 स्टूडेंट्स ने च्वाॅइस भरी जो पिछले साल के मुकाबले 50 हजार अधिक है। इस बार 1 करोड़ 51 लाख 50 हजार 746 च्वाॅइसेस को शामिल किया है। इस वर्ष भी जेंडर न्यूट्रल एवं फीमेल कोटे से सीट आबंटित की गई।

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