तेल का कारोबार:हाड़ौती में राेज 10 हजार टन साेयाबीन व पांच हजार टन सरसाें के तेल का उत्पादन

काेटाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
हाड़ाैती में एक दिन में 10 हजार टन साेयाबीन का तेल और 5 हजार टन सरसाें के तेल का उत्पादन है। - Dainik Bhaskar
हाड़ाैती में एक दिन में 10 हजार टन साेयाबीन का तेल और 5 हजार टन सरसाें के तेल का उत्पादन है।
  • हाड़ौती के 2 लाख किसानों को फायदा, 50 हजार लाेगाें काे मिला हुआ है राेजगार

इन दिनाें खाने के तेल साेयाबीन और सरसाें के तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसका सीधा फायदा हाड़ाैती में किसानाें व तेल उत्पादन करने वाले इंड्रस्ट्री काे हाे रहा है। क्याेंकि हाड़ाैती में एक दिन में 10 हजार टन साेयाबीन का तेल और 5 हजार टन सरसाें के तेल का उत्पादन है। साेयाबीन में काेटा पहले नंबर पर और सरसाें में तीसरे नंबर पर है।

काेराेना की दूसरी लहर में भी यह प्लांट पूरी क्षमता से चले और पूरे देश में खाने के तेल की सप्लाई की। 50 फीसदी से ज्यादा साेयाबीन का तेल प्रदेश में ही यूज हाे जाता है। जबकि सरसाें का तेल राजस्थान, मध्यप्रदेश के अलावा बिहार, बंगाल और यूपी भी जाता है।

एक्सपर्ट बजरंग साबू ने बताया कि यहां हाड़ाैती में पैदा हाेने वाली 2 से 3 लाख टन साेयाबीन काे यूज किया जाता है और करीब 10 लाख टन साेयाबीन मध्यप्रदेश व आसपास से खरीदी जाती है। हाड़ाैती में 7 बड़े प्लांट हैं। इनमें कसार, रानपुर, बारां राेड पर दाे, बूंदी में दाे और एक बारां में है। वहीं एक बाबा रामदेव का सरसाें का प्लांट भी है।

इनमें करीब सीधे ताैर पर 20 हजार कर्मचारी काम करते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से 50 हजार जुड़े हुए हैं। खास बात यह रही कि काेराेना की दूसरी लहर में एक भी दिन प्लांट बंद नहीं हुए। पूरी क्षमता से 24 घंटे प्लांट चले और कर्मचारियाें ने पूरी क्षमता से उत्पादन किया। इससे देश में तेल की कमी नहीं रही। यहां के उत्पादन के चलते दाे मल्टीनेशनल कंपनियां भी हैं, जाे हर साल 2 लाख टन तेल का एक्सपाेर्ट करती है।

खाद्य तेलाें के दाम पहुंचे उच्चतम स्तर पर

खाद्ध तेलाें की बात करें ताे दिवाली के बाद से खाद्ध तेलाें के दाम बहुत बढ़ गए हैं। साेयाबीन का तेल का पीपा 15 लीटर का पहले 1500 से 1600 रुपए के बीच आ जाता था। अब 2300 से 2400 रुपए का हाे गया है। सरसाें तेल पर भी पीपे पर 300 से 400 रुपए की तेजी है।

काेराेना के बाद बढ़ा साेया बड़ी का उत्पादन: इस काराेबार में सबसे बड़ा ट्रैंड साेयाबीन की बड़ी का आया है। लाेग इम्युनिटी बढ़ाने के लिए साेयाबीन का ज्यादा उपयाेग करने लगे हैं। हाड़ाैती में साेयाबीन की बड़ी के 2 प्लांट हैं। यहां 100 टन डेली का उत्पादन है। यह बड़ी पूरे देश में सप्लाई हाेती है। इससे पहले 70 फीसदी ही उत्पादन हाेता था।

औसतन 75 कराेड़ रुपए राेज का उत्पादन

उद्याेगपति साबू ने बताया कि हाड़ाैती में करीब 10 हजार टन साेयाबीन और 5 हजार टन सरसाें का उत्पादन है। यानि प्रतिदिन साेयाबीन का तेल करीब 50 कराेड रुपए राेज और सरसाें का 25 कराेड़ रुपए राेज का उत्पादन है। इससे हाड़ाैती के 2 लाख किसानाें काे सीधा फायदा मिलता है। उन्हें आसपास के राज्याें से दाेनाें फसलों मं ज्यादा दाम मिलता है और इधर-उधर बेचने के लिए नहीं भटकना पड़ता है।

खबरें और भी हैं...