ट्रैक और सिग्नल सिस्टम अपग्रेड:रेलवे का मिशन रफ्तार, 16 की बजाए 12 घंटे में पूरा हाेगा दिल्ली से मुंबई का सफर

कोटा3 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • 160 किमी की रफ्तार से ट्रेनें चलाने के लिए ट्रैक और सिग्नल सिस्टम अपग्रेड किया जाएगा
  • कोटा रेल मंडल में भरतपुर से हिंडौन के बीच काम शुरू

दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए मिशन रफ्तार का काम शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट की घोषणा 2016-17 के रेल बजट में हुई थी। कोटा रेल मंडल के भरतपुर-हिंडौन सेक्शन समेत पश्चिम मध्य रेलवे के कई हिस्सों में अधिक क्षमता के बिजली के तार लगाए जाएंगे। सिग्नल सिस्टम अपग्रेड किया जाएगा। पैनल इंटरलॉकिंग, पुलों को मजबूत किया जाएगा और रेलवे ट्रैक की फेंसिंग की जाएगी। ये प्रोजेक्ट 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

इसके बाद ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे दिल्ली-मुंबई का 1330 किमी का सफर 16 की बजाए 12 घंटे में ही पूरा हो जाएगा। पहले चरण में राजधानी एक्सप्रेस की गति बढ़ाई जाएगी। कोटा रेल मंडल के भरतपुर से हिंडौन रेलवे स्टेशनों के बीच ओएचई के खंभाें की दूरी कम करने का काम शुरू कर दिया गया है। अभी दो खंभों की दूरी 72 मीटर है। इसे कम करके 65 मीटर किया जा रहा है। रेलवे ट्रैक व खंभों की दूरी 2.30 मीटर से बढ़ाकर 3 मीटर की जा रही है। बिजली सब स्टेशन डबल फेस से बढ़ाकर ट्रिपल फेस के हो जाएंगे। इनमें ज्यादा क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।

अपग्रेडेशन प्लान- खंभों की दूरी कम की जाएगी, सबस्टेशन में उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगेंगे

स्लीपरों के नीचे गिट्टी की गहराई बढ़ाई जाएगी

अभी इस ट्रैक पर 300 मिलीमीटर की गहराई तक गिट्टी बिछी है। इसे बढ़ाकर 350 मिलीमीटर किया जा रहा है। इस बदलाव के चलते जब ट्रैक पर ट्रेन तेज गति से चलेगी तो कंपन नहीं होगा और संतुलन बना रहेगा। ट्रेनों का संतुलन बनाए रखने के लिए ही ट्रैक के नीचे गिट्टी बिछाई जाती है।

इंप्रूव स्विच ज्वाॅइंट लगाए जाएंगे

पटरी के दो हिस्सों के बीच में यह स्विच ज्वाॅइंट लगाए जाएंगे। अधिक ठंड के दिनों में जब पटरियां सिकुड़ती हैं तो बीच का गैप बढ़ने से वे क्रैक हो जाती हैं। इससे अक्सर हादसे हो जाते हैं। नई तरह के ज्वाॅइंट पटरियों के गैप को पूरा करेंगे।

लेवल क्रॉसिंग को सिग्नलयुक्त करेंगे

लेवल क्रॉसिंग को सिग्नलयुक्त करने से ट्रेन जब किसी लेवल क्रॉसिंग से एक स्टेशन पहले गुजर रही होगी, तभी उस क्रॉसिंग पर तैनात कर्मी को स्वत: सूचना मिलेगी और गेट स्वत: बंद हो जाएगा। इससे क्रॉसिंग पर मानवीय भूलों के कारण हादसे नहीं होंगे।

पांच बड़े पुलों के गर्डर बदलेंगे

दिल्ली से मुंबई के बीच पांच बड़े रेलवे पुल पड़ते हैं। मजबूती को बढ़ाने के लिए इन पुलों के गर्डर बदले जाएंगे। इनके अलावा बाकी सभी छोटे पुल-पुलियाओं को सुधारा जाएगा।
ट्रैक के किनारे फेंसिंग की जाएगी

ट्रेनों के सामने मवेशी या किसी तरह का व्यवधान न आ सके, इसके लिए यह व्यवस्था की जा रही है। इससे ट्रेन की गति बनाए रखने में मदद मिलेगी। कोटा रेल मंडल में इसका काम शुरू कर दिया गया है।

एक साल में 319 किमी की दूसरी और तीसरी रेल लाइन बिछाई जाएगी

पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में इस साल लगभग 319 किमी की दूसरी व तीसरी रेल लाइन बिछाने की योजना है। अब तक 80 किमी की रेल लाइन बिछाई जा चुकी है। बीना-कटनी तीसरी लाइन के कार्य की कुल लंबाई 278 किमी. है, जिसकी लागत 2878 करोड़ रुपए है। इसमें सागर से नरयावली (19 किमी), मकरोनिया से लिधौराखुर्द (10 किमी) तक कुल 29 किमी मई 2021 तक और हरदुवा से रीठी (15 किमी), बीना मालखेड़ी से खुरई (18 किमी) तक कुल 33 किमी जून 2021 में पूरा कर लिया गया है। कटनी से सिंगरौली दोहरीकरण का कार्य की लंबाई 257 किमी व लागत 1763 करोड़ है। इसे मार्च 2024 तक पूरा करने की योजना है। इसमें अब तक 48 किमी का कार्य कमीशन हो गया है। पिछले दिनों मुख्य संरक्षा आयुक्त ने चारों खण्डों में 120 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनाें का ट्रायल किया जा चुका है।

दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए कोटा रेल मंडल में काम शुरू कर दिया गया है। सिग्नल सहित कई विभागों के टेंडर जल्द ही फाइनल हो जाएंगे। इसके बाद काम तेजी से चलेगा।

-पंकज शर्मा, डीआरएम

दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाना रेलवे का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। ट्रैक को अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया है। तय समय में काम पूरा करेंगे। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की गति भी बढ़ जाएगी।
-राहुल जयपुरिया, सीपीआरओ, पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर

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