सरकारी डॉक्टर ने फोन पर किया इलाज, मासूम की मौत:कंपाउंडर ने हॉस्पिटल गेट पर ही लिखी दवा

कोटा3 महीने पहले

आधी रात में गवर्नमेंट हॉस्पिटल पहुंची 6 साल की बच्ची का डॉक्टर ने फोन पर इलाज किया। वह घर गई, वहां उसकी स्थिति बिगड़ गई। हॉस्पिटल ले जाते समय रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। मामला कोटा के मंडाना CHC का है। बच्ची को लेकर पिता CHC पहुंचे थे तो गेट बंद था। आवाज लगाई तो कंपाउंडर आया। उसने गेट तक नहीं खोला। उसने वहीं से सरकारी आवास में सो रही डॉक्टर को फोन मिलाकर बात की। फोन पर ही डॉक्टर ने दवा लिखवा दी। आरोप है कि हॉस्पिटल में डॉक्टर रही होती तो शायद बच्ची की जान बच जाती। उसे रात भर निगरानी में रखा जाता तो ऐसी नौबत ही नहीं आती।

बनवारी लाल रामगंजमंडी में कॉन्स्टेबल पद पर तैनात हैं। शनिवार को छुट्टी लेकर मंडाना अपने घर आए थे। बनवारी ने बताया कि रविवार रात को एक बजे उसकी 6 साल की बेटी आरोही को किसी कीड़े ने काट लिया था। बेटी ने हल्का का निशान दिखाया था। वो बेटी को लेकर CHC मंडाना पहुंचे। वहां मेन गेट पर ताला लगा हुआ था। आवाज लगाई तो एक कार्मिक अंदर से आया। उसने पूछा क्या हुआ। उन्होंने पूरी बात बताई। निशान भी दिखाए। उसे दस्त भी हो रहे थे।

बनवारी लाल ने कहा- तकलीफ सुनकर मौके पर मौजूद कंपाउंडर ने ड्यूटी डॉक्टर को फोन लगाया। सारी बात बताई। इसके बाद डॉक्टर ने दवाई दे दी। कहा- तकलीफ हो तो फिर आ जाना। हम बच्ची को घर लेकर आ गए। थोड़ी देर बच्ची ठीक रही। इसके बाद उसकी तकलीफ बढ़ने लगी। रात लगभग साढ़े 3 बजे उसको गाड़ी पर लेकर कोटा के लिए रवाना हुआ। रास्ते में ही बेटी ने दम तोड़ दिया।

तकलीफ बढ़ने पर रविवार रात करीब साढ़े 3 बजे आरोही को गाड़ी पर लेकर परिजन कोटा के लिए रवाना हुए। रास्ते ही में उसने दम तोड़ दिया।
तकलीफ बढ़ने पर रविवार रात करीब साढ़े 3 बजे आरोही को गाड़ी पर लेकर परिजन कोटा के लिए रवाना हुए। रास्ते ही में उसने दम तोड़ दिया।

पिता बोला- रात में पता ही नहीं चला किस कीड़े ने काटा
पिता ने बताया कि रात के समय पता नहीं चला कि किस कीड़े ने काटा है। बच्ची ने बताया था कि हल्का सा दाफड़ (कीड़ा काटने का निशान) हुआ है। सुबह घर में उसी जगह एक सांप नजर आया था।

बेटी ने कहा था- बुक लेकर आना
बनवारी ने बताया मेरी बेटी फर्स्ट क्लास में पढ़ती थी। उसने कहा था- पापा मेरे लिए बुक लेकर आना। अब मैं किसके लिए बुक लेकर आऊं। रात में डॉक्टर मौके पर आ जाती, बेटी की हालत देख लेती तो शायद उसे इलाज मिल जाता। ये बाद में पता चला कि आरोही को सांप ने डंसा है। अब क्या शिकायत करूं? किस से शिकायत करूं? मेरी बेटी तो चली गई। लापरवाही ने मासूम की जान ले ली।

डॉक्टर बोलीं- कीड़े-मकोड़े काटने की बात बताई थी
ड्यूटी डॉक्टर निराली कलवार ने बताया- हमारे CHC पर नाइट ड्यूटी नहीं होती, इमरजेंसी में ऑन कॉल ड्यूटी पर आ जाते है। मैं हॉस्पिटल परिसर स्थित क्वार्टर में ही थी। रात के समय बच्ची को हॉस्पिटल लाया गया था। उस समय परिवार के साथ आराम से खड़ी थी। उसमें कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे थे। किसी के काटने का निशान भी नहीं था। परिजन भी स्पष्ट नहीं बता सके कि किसने काटा है। हॉस्पिटल में मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने जैसी कंडीशन बताई, उस हिसाब से दवा बताई। ये इमरजेंसी केस नहीं लगा। फिर भी तकलीफ बढ़ने पर परिजनों को वापस आने को कहा था। बच्ची की मौत का मुझे भी दुख है। लापरवाही का आरोप लगाया जा रहा है यह गलत है। पिछले 1 महीने से यहां दो डॉक्टर काम कर रहे हैं। पूरे 24-24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। एक भी दिन का ऑफ नहीं लिया है। वो किसी को नहीं दिख रहा।