सवारियां चिल्लाती रहीं, ड्राइवर ने एक न सुनी:बस के पुर्जों के बीच फंसी 3 बॉडी; घायल बोले- आंखों के सामने उड़े परखच्चे

कोटा4 महीने पहले

कोटा-बारां हाईवे पर आज सुबह हुए भीषण हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। दुर्घटना में घायल बस की सवारियों ने हादसे के बारे में जो कारण बताया वो प्राइवेट बस संचालन की पोल खोलने के लिए काफी है। सवारियों का कहना है कि यदि ड्राइवर ने उनकी बात मान ली होती तो शायद इतना बड़ा हादसा ही नहीं होता।

इस भीषण हादसे में 4 लोगों की दर्दनाक मौत के पीछे ड्राइवर को ही जिम्मेदार बताया जा रहा है। भास्कर ने इस हादसे की पड़ताल के लिए एमबीएस अस्पताल में भर्ती जिंदा बचे घायल यात्रियों से बात की।

घायलों ने बताया कि ड्राइवर को कई बार स्पीड कम करने को कहा गया, लेकिन उसने एक नहीं सुनी। देखते ही देखते इतना भीषण हादसा हो गया कि बस के एक हिस्से के परखच्चे उड़ गए। स्लीपर कोच में सो रहे लोगों ने केबिन में ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। शव इतनी बुरी तरह फंसे थे कि क्रेन मंगवाकर बाहर निकाला गया।

घायलों ने बताई हादसे की कहानी
बस में सफर कर रहे (शिवपुरी, एमपी) पिछोरी निवासी श्रीराम रजक ने बताया कि बस गुजरात अहमदाबाद से उरई (कानपुर) जा रही थी। रास्ते में ड्राइवर ने पानी पिया, टॉयलेट भी किया। बस चालू करते ही सादा गुटखा खाया। वह बार बार विंडो से गुटखा थूक रहा था। इसी चक्कर में सड़क पर खड़े ट्रेलर में बस ठोक दी।

मैं ड्राइवर की बगल वाली सीट के पीछे गैलरी मे बैठा था। झटका लगते ही बस से बाहर आ गया। उपर केबिन में सो रहा एक शख्स नीचे आ गिरा। इससे पहले खुद को संभालते ड्राइवर कूद कर वहां से भाग गया। केबिन में सो रहे खलासी और हेल्पर बुरी तरह से फंस गए। थोड़ी ही देर में दोनों ने दम तोड़ दिया।

ड्राइवर से स्पीड स्लो करने और ध्यान से गाड़ी चलाने के लिए कई बार टोका, लेकिन वह नहीं माना।
ड्राइवर से स्पीड स्लो करने और ध्यान से गाड़ी चलाने के लिए कई बार टोका, लेकिन वह नहीं माना।

अपने रिश्तेदारों के साथ सफर कर रही बबली ने बताया कि वो भावनगर से कानपुर जा रहे थे। बबली ने बताया कि ड्राइवर बस कुछ ज्यादा ही तेज चला रहा था। मेरे भाई के साले ने ड्राइवर से कहा भी था- बस धीमे चलाओ। सब सवारियां सो रही थी। मैं ड्राइवर की पीछे वाली सीट पर ही बैठी थी।

थोड़ी ही देर बाद हादसा हो गया। बस में अफरा-तफरी मच गई। सवारियां चिल्ला रही थीं लेकिन ड्राइवर लोगों को बचाने की बजाय मौके से भाग गया। अगर ड्राइवर ने बात मान ली होती तो ये हादसा नहीं होता। बबली के परिवार के लोगों को भी गंभीर चोटें आई हैं।

हादसा इतना भीषण था कि बस के आधे से ज्यादा हिस्से के परखच्चे उड़ गए।
हादसा इतना भीषण था कि बस के आधे से ज्यादा हिस्से के परखच्चे उड़ गए।

एक अन्य यात्री रामजी भाई ने बताया कि हम आगे ऊपर की स्लीपर पर सो रहे थे। टक्कर के बाद स्लीपर से नीचे गिर गए और चोट लग गई। जगमोहन ने बताया कि ट्रेलर सड़क पर खड़ा था, बस ने पीछे से उसे टक्कर मारी। उस समय सब सो रहे थे। मैं सामने वाले पर गिर गया, एक सवारी मेरे ऊपर गिर गई। फिर कांच टूटने से उनके सिर व पैर पर चोट आई।

तड़के हुए इस हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई।
तड़के हुए इस हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई।

तड़के 3 बजे हुआ हादसा
दरअसल, स्लीपर कोच अहमदाबाद से सोमवार रात को चली, जिसे कानपूर जाना था। कोटा-बारां हाइवे 27 पर बेलेंस बिगड़ने से बस ड्राइवर ने आगे चल रहे ट्रेलर को टक्कर मार दी। हादसे में 4 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5 घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक केबिन में स्टाफ (दो ड्राइवर) सो रहा था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 3 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि 1 युवक की हॉस्पिटल ले जाते समय मौत हुई। बस में फंसी डेड बॉडी को निकालने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी।

मौके पर ही 3 लोगों ने दम तोड़ दिया।
मौके पर ही 3 लोगों ने दम तोड़ दिया।

गुटखा थूकते वक्त बस का बैलेंस बिगड़ा, 4 की मौत:45 यात्रियों से भरी बस सड़क पर खड़े ट्रेलर में घुसी, 5 घायल