डेडबॉडी को दुबारा चेक करना पड़ा:बस में सफर के दौरान युवक की तबीयत बिगड़ी, हॉस्पिटल में दम तोड़ा, परिजनों ने मोर्चरी पर हंगामा किया

कोटा3 महीने पहले

मृत युवक को जिंदा बताते हुए परिजनों ने एमबीएस हॉस्पिटल की मोर्चरी पर हंगामा कर दिया। परिजनों ने जिंदा व्यक्ति को मोर्चरी में रखने के आरोप लगाए। दुबारा चेक करने की जिद पर अड़ गए। पुलिस ने हंगामा कर रहे परिजनों से समझाइश की। लेकिन बात नहीं बनी। आखिर में मोर्चरी से शव को निकलवाकर परिजनों के सामने दुबारा चेक किया। तब जाकर परिजन शांत हुए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक गोविंद कोटा में प्राइवेट कम्पनी में अकाउंटेंट का काम करता था। इसी साल फरवरी में उसकी शादी हुई थी।उसकी पत्नी दो महीने से पीहर में रह रही थी।

गोविंद कोटा में प्राइवेट कम्पनी में अकाउंटेंट था।
गोविंद कोटा में प्राइवेट कम्पनी में अकाउंटेंट था।

दरअसल डाबर, बंबोरी निवासी गोविंद (30) सुबह रोडवेज की बस में बैठकर गढ़ेपान से कोटा आ रहा था। कोटा पहुंचने से पहले ही बस में उसकी तबियत खराब हुई। उसे तुंरत हॉस्पिटल लाया गया। उसकी ईसीजी की गई। पुलिस ने बताया कि साइलेंट अटैक आने से उसकी मौत हो गई। शव को एमबीएस की मोर्चरी में रखवाया। परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने मोर्चरी में आकर शव की शिनाख्त की। परिजनों ने बॉडी को दबाने से बॉडी से आवाज आने व हलचल होने की बात कहीं। और जिंदा व्यक्ति को मोर्चरी में शिफ्ट करने के आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।

एमबीएस चौकी पर तैनात कांस्टेबल ने बताया कि परिजनों को डेड बॉडी में हलचल होने की शंका थी। जिसपर दुबारा मोर्चरी से बॉडी को निकलवाकर चेक करवाया गया। जिसके बाद परिजन मान गए।

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