SDRF कमांडेंट से खास बात:बोले- 6 साल में प्रदेश में नौ हजार से ज्यादा लोगों को बचाया

कोटाएक महीने पहले
रेस्क्यू डेमो

मानसून आने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। प्री मानसून की झलक भी प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिल रही है। मानसून के दौरान आने वाली आपदाओं में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ की भूमिका अहम होती है। प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन कर हजारों लोगों की जान एसडीआरएफ बचा चुकी है।

पिछले साल की अगर बात की जाए तो साल 2021 में अलग-अलग हादसों के दौरान एसडीआरएफ ने 213 रेस्क्यू ऑपरेशन किए। ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ ने 1796 लोगों की जान बचाई। साथी 171 लोगों के दुर्लभ स्थानों से शव बरामद किए। साल 2021 में एसडीआरएफ ने फ्लड रेस्क्यू रोप रेस्क्यू, सीएसएसआर रेस्क्यू किए। पिछले साल मानसून के दौरान कोटा और भरतपुर संभाग में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी इस दौरान 57 टीमों का गठन किया गया था और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

सीकर में 52 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 4 साल के बच्चों को निकालने की बात हो या फिर सरिस्का टाइगर रिजर्व में लगी आग, कोटा में बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने की बात हो एसडीआरएफ हमेशा रेस्क्यू ऑपरेशन में आगे रही है। हर आपदा से लड़ने के लिए एसडीआरएफ जवान तैयार रहें इसके लिए लगातार ट्रेनिंग भी चलती रहती है। वही साल 2021 में एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए 61 उपकरण खरीदे। वर्तमान में 120 उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया चल रही है।

6 साल में 824 रेस्क्यू, 9 हजार से ज्यादा लोगों की बचाई जान

एसडीआरएफ अपने गठन के बाद से ही आपात स्थिति में लोगों को बचाने के लिए लगातार जुटी हुई है। साल 2016 से लेकर 2021 तक एसडीआरएफ ने 824 रेस्क्यू ऑपरेशन किए। इनमें 9181 लोगों को जिंदा बचाया गया। साथ 648 शव निकाले गए। केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पशु पक्षियों को भी बचाने का काम बाढ़ जैसी स्थिति में या किसी आपात स्थिति में एसडीआरएफ ने किया। 57 जीवित पशु और 822 पक्षियों को बचाया गया। साल 2016 में 28 रेस्क्यू कर 319, साल 2017 में 56 रेस्क्यू कर 656, साल 2018 में 110 रेस्क्यू कर 58, साल 2019 में 251 रेस्क्यू कर 6226, साल 2020 में 173 रेस्क्यू ऑपरेशन में 126 4 साल 2021 में 206 रेस्क्यू ऑपरेशन कर 1796 लोगों की जान बचाई।

कमांडेंट ने कहा संसाधनों की कमी नहीं, हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार

एसडीआरएफ के कमांडेंट आईपीएस पंकज चौधरी ने कोटा में एसडीआरएफ यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान भास्कर ने एसडीआरएफ के किए गए कामों, संसाधनों और ट्रेनिंग को लेकर पंकज चौधरी से एक्सक्लूसिव बात की। बातचीत के दौरान कमांडेंट ने कहा कि मानसून से पहले एसडीआरएफ की तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है। एसडीआरएफ के जवान हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। हालांकि अभी आधुनिक संसाधन भी एसडीआरएफ के पास उपलब्ध हैं। जवानों को इनके उपयोग में ट्रेंड किया जा रहा है। वही मेंटल व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि जवान अपनी कोई भी परेशानी मेंटर को बता सकते हैं इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई। ताकि बिना किसी तनाव के वे अपना काम कर सके। वहीं प्रदेश में 10 सेंसिटिव इलाकों में एसडीआरएफ चौकियों का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा गया है। पंकज चौधरी ने बताया कि उम्मीद है जल्दी इनक स्वीकृति मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि अब मानसून आने वाला है और सबसे ज्यादा बाढ़ की स्थिति कोटा और भरतपुर संभाग में होती है। यहां हमारी टीम तैयार हैं।