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कोटा के सांगोद में 250 लोग फंसे:बाढ़ में सेना-NDRF का रेस्क्यू अभियान रात से जारी, स्कूल में फंसे लोग खाने के लिए तरसे; 200 को किया गया रेस्क्यू

कोटा3 महीने पहले

कोटा जिले में भारी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में पानी घुसने से हालात बिगड़ने लगे है। खतौली-इटावा के बाद सांगोद कस्बे में बाढ़ की स्थति बन गई है। भीम सागर बांध का पानी छाड़ा गया था। इसके बाद सांगोद कस्बा जलमग्न हो गया है। इस इलाके में करीब 250 लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। राहत व बचाव के लिए सेना व NDRF की टीम जुटी हुई है। जिसके बाद 200 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है।

वहीं, हिंगी आवासीय स्कूल में इलाके में पानी का फ्लो ज्यादा होने के कारण राहत व बचाव टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई। खानपुर से SDRF की टीम ने मोर्चा संभाला। खानपुर की तरफ से आकर SDRF की टीम ने हिंगी आवासीय स्कूल में फंसे स्टाफ व बच्चों से 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। अभी भी कई जगहों पर लोग फंसे हुए बताए। जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांगोद खानपुर सहित आस पास के इलाके का हेलिकॉप्टर से हवाई सर्वे किया। ओम बिरला सड़क मार्ग से गावों मे पहुंच जायजा लेंगे। इस दौरान स्पीकर के OSD राजीव दत्ता, पूर्व विधायक हीरालाल नागर, जीएमए प्लाजा अध्यक्ष राकेश जैन भी साथ में हैं।

पेड़ पर गुजारी रात

सांगोद कस्बे में उजाड़ नदी ईदगाह में एक ही परिवार के 10-12 लोग फंसे थे। बाढ़ की वजह से 3 लोगों ने पेड़ पर रात गुजारी। सुबह 5 बजे राहत टीम ने तीनों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। निचला बाजार में 36, व अदालत चौराहे पर 22 लोग टीन पर अभी भी बैठे हुए हैं। हिंगी आवासीय विद्यालय में स्टाफ परिवार सहित 35 लोग फंसे हुए हैं।

कस्बे के पुराना बाजार, गणेश कुंज, गांधी चौराहा, नगर पालिका, उजाड़ पुलिया, सराफा बाजार में 2 से 3 फीट पानी भरा हुआ है। गांधी चौराहे इलाके में करंट लगने से एक युवक की मौत की सूचना मिल रही है। शुक्रवार को 31 साल के युवक के घर में ही करंट लगा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि 1986 के बाद पहली बार ऐसे पानी आया है।

स्कूल में फंसे रमेश की आप बीती- राहत के इंतजार में गुजरी रात

विद्यालय में व्याख्याता रमेश ने बताया कि आवासीय विद्यालय की कॉलोनी में रहने वाले स्टाफ का परिवार व छात्राएं शुक्रवार से खाने पीने को तरस रहे हैं। पूरा परिसर जलमग्न है। विद्यालय के ऊंचे स्थान पर टीन शेड के नीचे सभी ने रात गुजारी। छोटे बच्चे बुखार से तड़प रहे हैं, लेकिन अभी तक राहत नहीं पहुंची है। लाइट भी बंद है। बांध में पानी छोड़ने से पहले प्रशासन ने सूचना नहीं दी। यहां रहने वाले लोग मुसीबत में फंस गए हैं। अभी पानी का फ्लो पहले जैसा ही है। रात में बच्चों को जैसे-तैसे सुलाया और हमने जागकर पूरी रात गुजारी। परिसर में खड़ी 5-6 कारें व 10-12 बाइक पूरी तरह से डूब चुकी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विद्यायल में अप डाउन करने वाले कोटा व सांगोद का स्टाफ शुक्रवार को साइन करके ही निकल गया था। इस कारण वो बाढ़ में नहीं फंसे। सांगोद एसडीएम अनिता सहरावत ने बताया कि कस्बे में अलग-अलग जगह 250 लोग फंसे हुए हैं। राहत व बचाव टीम रात से ही रेस्क्यू में जुटी हुई है। पानी का फ्लो ज्यादा होने से दिक्कत आ रही है। आगे तक साधन नहीं पहुंच पा रहे। कोशिश कर रहे हैं। सेना के जवानों ने टीन पर बैठे 22 लोगों को अभी रेस्क्यू किया है।

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