पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Kota
  • Sarpanch Mobilized In Protest Against PD Account, No Payment Will Be Made Without Speaking, Many Work In Panchayats Whose Bill Cannot Be Made

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

व्यवस्था:पीडी खाते के विरोध में सरपंच लामबंद, बोले-बिना बिल के भुगतान नहीं होगा, पंचायतों में कई काम ऐसे जिनका बिल बन ही नहीं सकता

कोटाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पहले धनराशि ग्राम पंचायतों के खाते में जमा होती थी, अब पीडी खाते में होगी, निकासी की प्रक्रिया भी लंबी

राज्य सरकार ने प्रदेश में पंचायतीराज में पब्लिक डेबिट (पीडी) खाते खोलकर नई व्यवस्था कर दी है। अब पंचायताें में हाेने वाले कार्याें का भुगतान अब ट्रेजरी से होंगे। इसके लिए बिल जमा करने होंगे। जबकि गांवों में कई काम ऐसे होते हैं, जिनका बिल नहीं बन सकता है। हालांकि सरपंच इसका विराेध कर रहे हैं।

इस नई व्यवस्था के विरोध में सरपंच लामबंद हो गए हैं। सरपंचाें काे कहना है कि इससे जिले की 156 ग्राम पंचायतों सहित राज्यभर में गांवाें के विकास के काम अटक गए हैं। गांव में मूलभूत सुविधाओं के कार्य नहीं हाे पाएंगे, क्याेंकि पीडी खाते से विकास कार्य के लिए धनराशि निकालने की प्रक्रिया लंबी जटिल कर दी है।

गांव के विकास के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों के नाम बैंक खाते में विकास कार्यों की राशि भेजती थी। उस राशि से सरपंच व ग्रामसेवक मिलकर गांव में मूलभूत सुविधाएं ग्रामीणों को उपलब्ध कराते थे, लेकिन अब सरकार ने पीडी खाता खोल दिया है। इसकी कस्टोडियन राज्य सरकार ही है। सरकार गांव के विकास पर पूरी निगाह रखेगी। इस पर वित्त विभाग का कंट्रोल होगा।
अब सरपंच नहीं कर पाएंगे भुगतान, ट्रेजरी से ही होगा

पीडी खाते खुलने से अब पैसों का पूरा कंट्रोल वित्त विभाग के पास रहेगा। अब सरपंच किसी भी कार्य का भुगतान नहीं कर सकेंगे। सरपंच और ग्रामसेवक केवल बिल पास करेंगे और विकास कार्यों का भुगतान ट्रेजरी से होगा। बिना बिल के कोई भी भुगतान नहीं हाेगा। इससे अब सरपंचों से भुगतान करने का अिधकार छिन गया है। ऐसे में ऐसी भी काम के लिए फर्म या संबंधित व्यक्ति को भुगतान के लिए ट्रेजरी के मानकों के अनुसार पूरी प्रक्रिया करनी होगी। भुगतान तभी होगा जब काम पूरा हो जाएगा और उसके बिल जमा होंगे।

इससे पहले में राशि सीधी ग्राम पंचायतों के खाते में हस्तांतरित की जाती थी, जिसका उपयोग सीधे ग्राम पंचायत द्वारा बैंक खाते से जाता था। ठेकेदार और संबंधित व्यक्ति सरपंच और ग्रामसेवक चेक दे देते थे और बैंक से भुगतान हो जाता था। लेकिन, अब राशि पीडी यानी पब्लिक डेबिट अकाउंट में हस्तांतरित की जाएगी। ग्राम पंचायत द्वारा कार्य के बदले चेक को ट्रेजरी से पारित होने के बाद पंचायत को राशि का भुगतान प्राप्त होगा। अब ग्राम पंचायतों द्वारा जारी फर्मों के चेक भी ट्रेजरी द्वारा ही पारित होंगे।

इस उदाहरण से समझें, गांवाें में काम के लिए कैसी परेशानी होगी

यदि किसी गांव में अावारा जानवर की मौत हो जाती है और उसे गांव के बाहर फिंकवाने के लिए किसी को लगाया जाता है और उसका पारिश्रमिक का भुगतान करना है या गांव में सफाई के लिए श्रमिकों को भुगतान करना है तो उन्हें ग्राम पंचायत के बैंक खाते से पैसा निकाल कर भुगतान नहीं किया जा सकता।

जानवर फिंकवाने का बिल बनाकर ट्रेजरी में भेजना होगा। इसके बाद भी कोई गारंटी नहीं कि उसका भुगतान तुरंत हो जाए। मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सभी कार्यों के बिल भेजना होगा। फंड के अभाव में बिल भुगतान का समय लंबा भी हो सकता है। ऐसे में छोटे-छोटे काम करवाना मुश्किल हो जाएगा।

सरपंचों ने कहा-पीडी खाते खोल कर अिधकार छीन लिए गए हैं

जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष मोइजुद्दीन गुड्डू ने कहा कि नई व्यवस्था के अनुसार अब पंचायतों के पैसों पर कोई कंट्रोल नहीं होगा। सरकार ने हर पंचायत के लिए पीडी अकाउंट खोले हैं। इस पर वित्त विभाग का कंट्रोल होगा। सरपंचों को पंचायत विकास कार्यों के लिए वित्त विभाग से पैसा लेना होगा।

अब सरपंच खुद पैसा खर्च नहीं कर पाएंगे। सरपंचों का कहना है कि पीडी खाता खुलने से सरपंचों के अधिकार छिन गए हैं। उनकी मांग है कि राजस्थान में पहले की तरह पंचायतों के खाते में ही पैसा आना चाहिए, ताकि विकास कार्य की गति धीमी ना हो। पीडी खाते से पैसा लेने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।

पीडी खाते के विरोध में सरपंचों ने पंचायतों के लगाए ताले, जिले की 158 ग्राम पंचायतों में नहीं हुई बैठक

पीडी खाता खोले जाने के विरोध और विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सरपंचों ने गुरुवार को कोटा जिले की 158 ग्राम पंचायतों पर ताला जड़ दिया। इस कारण ग्राम पंचायतों की होने वाली नियमित मासिक बैठक नहीं हो सकी। बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा की जानी थी, लेकिन नहीं हो सकी।

पंचायतों में ताला लगा होने के कारण जनसामान्य के काम भी नहीं हो सके। सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष मोइजुद्दीन गुड्डू व सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीदा पठान ने बताया कि राज्य भर के सरपंच अपने अधिकारों में लगातार की जा रही कटौती और पिछले 1 वर्ष से ठप पड़े विकास कार्यों सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

गुरुवार को राज्य की सभी पंचायत मुख्यालय पर ताले लगाने का आह्वान किया गया था। उसी के तहत जिले की सभी पंचायतों पर ताले लगाए गए राजस्थान सरपंच संघ के प्रदेश प्रवक्ता रफीक पठान ने बताया कि जिले के उपखंड इटावा के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह हाड़ा, सांगोद उपखंड के अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता, सुल्तानपुर उपखंड के अध्यक्ष शिवांगी राठौड़ व खैराबाद उपखंड के अध्यक्ष धर्मराज धाकड़ ने अपने-अपने क्षेत्र की सभी पंचायतों में तालाबंदी की गई।

सरपंचों ने चेतावनी दी कि शीघ्र ही मांगे नहीं मानी गई तो अगले चरण में संभागीय आयुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उसके बाद आगामी बजट सत्र में राजस्थान विधानसभा का घेराव सरपंचों द्वारा किए जाने का आह्वान किया।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- इस समय ग्रह स्थिति आपके लिए बेहतरीन परिस्थितियां बना रही है। व्यक्तिगत और पारिवारिक गतिविधियों के प्रति ज्यादा ध्यान केंद्रित रहेगा। बच्चों की शिक्षा और करियर से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य भी आ...

    और पढ़ें