वन क्षेत्र में खनन लीज जारी करने का विरोध:साेरसन भी बृज की तरह संरक्षित वनक्षेत्र घाेषित हो

कोटा10 दिन पहले
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सोरसन में पर्यावरणप्रेमियों की बैठक को संबोधित करते विधायक भरत सिंह। - Dainik Bhaskar
सोरसन में पर्यावरणप्रेमियों की बैठक को संबोधित करते विधायक भरत सिंह।

वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के तहत सोरसन गोडावण संरक्षण क्षेत्र को बचाने के लिए गुरुवार काे कोटा, बारां और अंता के वन एवं पर्यावरण प्रेमियों ने विधायक भरत सिंह की अगुवाई में एक संगाेष्ठी आयोजित कर खनन के लिए लीज खोलने का विरोध किया है।

अंता और बारां के लोगाें ने एक स्वर में कहा कि सरकार बृज क्षेत्र की तरह सोरसन को वन संरक्षित क्षेत्र घोषित कर खनन को तुरंत प्रभाव से रोके इसके लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से भी दखल देने की मांग की है। विधायक भरत सिंह ने इस माैके पर कहा कि कहा कि यह क्षेत्र गोडावण संरक्षण के लिए सुरक्षित है। यहां पर पूर्व में राज्य पक्षी गोडावण रहते आए हैं।

यहां ब्रीडिंग सेंटर प्रस्तावित है। क्षेत्र के ईको सिस्टम के लिए गोडावण का होना जरूरी है, जो पर्यटन विकास की गारंटी है। उन्होंने कलेक्टर एवं डीसीएफ से कड़ा विरोध व्यक्त किया। वन मंत्री सुखराम से सार्वजनिक रूप से बात कर विरोध दर्ज कराया तथा 12 अक्टूबर को जयपुर में क्षेत्र के लिए विरोध प्रदर्शन करेंगे। स्थानीय सरपंच मधुसूदन नामा ने भी खनन से होने वाले नुकसान को लेकर ग्रामीणों की आशंका से सरकार को अवगत कराया।

इस दाैरान इंटेक के कंवीनर निखिलेश सेठी, पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक विट्ठल सनाढ्य, बाघ मित्र संयोजक बृजेश विजयवर्गीय, हाड़ौती नेचुरलिस्ट सोसायटी के सचिव सुनील सिंघल, आरएस तोमर, चंबल रेस्क्यू फोर्स के बनवारी यदुवंशी, उर्वशी शर्मा, वन्यजीव फोटोग्राफर, डीके शर्मा, झालावाड़ के मनोज शर्मा, बहादुर सिंह हाड़ा, कोटा हैरिटेज सोसायटी के जयवर्द्धन सिंह, कुशलपाल सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। वन्यजीव प्रेमियों ने सोरसन में भ्रमण कर काले हिरणों और वन्यजीवों को निहारा तथा खनन से होने वाले खतरों का जायजा लिया।

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