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कोटा में सांसों की रेल:जामनगर से आई 67 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई

काेटा2 महीने पहले
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उम्मीदों को ऑक्सीजन देने वाली प्रदेश की  पहली ट्रेन कोटा में - Dainik Bhaskar
उम्मीदों को ऑक्सीजन देने वाली प्रदेश की पहली ट्रेन कोटा में

मेडिकल ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे काेटा के लिए गुरुवार का दिन राहतभरा रहा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के प्रयास से जामनगर से एक टैंकर 28 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन लेकर काेटा पहुंचा, वहीं शुक्रवार सुबह 39 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के 3 टैंकर लेकर एक ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेन काेटा पहुंच रही है, जिसमें से करीब 24 मीट्रिक टन ऑक्सीजन काेटा काे मिलेगी, शेष संभाग के अन्य जिलों को भेजी जाएगी।

यानी दाे दिन में काेटा काे 52 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन मिल जाएगी। ये अभी तक की सबसे बड़ी सप्लाई है। इसी के साथ शुक्रवार दाेपहर बाद से मेडिकल काॅलेज के काेविड अस्पतालाें व काेविड केयर सेंटर में गंभीर मरीजाें काे एडमिट करना भी शुरू कर दिया जाएगा।

काॅलेज प्रबंधन ने करीब 50 बेड बढ़ाने की तैयारी भी कर ली है, जहां शुक्रवार दाेपहर बाद सिलेंडर पहुंचने पर एडमिशन शुरू हाे जाएंगे। जैसे ही शाम को जामनगर से लिक्विड ऑक्सीजन का टैंक कोटा जिले की सीमा में पहुंचा तो पुलिस एस्कॉर्ट करने पहुंची, टैंक को सीधे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां लिक्विड ऑक्सीजन टैंक में खाली किया गया।

केन्द्र से आई टीम ने ऑक्सीजन प्लांट के लिए देखी जगह:वहीं केंन्द्र से आई टीम ने गुरुवार को कोटा मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट के लिए जगह देखी। प्रिंसिपल डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि केंद सरकार के मद से 2 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगने हैं। हालांकि ये प्लांट सितंबर तक शुरू हो पाएंगे। जामनगर से कोटा पहुंचे ऑक्सीजन टैंकर से बूंदी जिले के सभी अस्पतालों के सिलेंडर भी रिफिल किए जाएंगे।

कोविड अस्पताल में इन दिनों गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है। ऑक्सीजन की जरूरत वाले अधिकतर मरीजों को ओपीडी में बैठाकर ही ऑक्सीजन दी जा रही है। उम्मीद है अब ये संकट नहीं रहेगा।
कोविड अस्पताल में इन दिनों गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है। ऑक्सीजन की जरूरत वाले अधिकतर मरीजों को ओपीडी में बैठाकर ही ऑक्सीजन दी जा रही है। उम्मीद है अब ये संकट नहीं रहेगा।

920 किमी सफर तय करके आज कोटा पहुंचेगी राज्य की पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस
गुजरात के जामनगर से ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन शुक्रवार सुबह लगभग 5 बजे पहुंचने की उम्मीद है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस रात 12:40 पर रतलाम रेलवे स्टेशन पहुंची जहां स्टाफ बदलने में 10 मिनट लगे। जामनगर से ट्रेन गुरुवार दोपहर 11.53 बजे रवाना हुई, सीनियर डीसीएम अजय कुमार पाल ने बताया कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस की रनिंग को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।

रेगुलेटर भिजवाए, सिलेंडर रिफिल होते ही शुरू हाेंगे एडमिशन : मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि कोविड केयर सेंटर में 13, नए अस्पताल में 12 और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में 25 ऑक्सीजन सिलेंडर रेगुलेटर भिजवा दिए हैं। शुक्रवार दोपहर तक सिलेंडर रिफिल होते ही, रेगुलेटर्स लगाकर ज्यादा ऑक्सीजन रिक्वायरमेंट वाले मरीजों को एडमिट करेंगे। हालांकि मौजूदा स्थिति में ऑक्सीजन की इस सप्लाई को भी असीमित नहीं कह सकते।

ऑक्सीजन की कमी से कोटा-बूंदी के अस्पतालों में नए मरीजों को भर्ती नहीं कर पा रहे थे। मैं कुछ दिनों से प्रयास कर रहा था और आज जामनगर रिफाइनरी से 28 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कोटा को मिल गई। वहीं, 39 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर एक ट्रेन शुक्रवार को कोटा पहुंचेगी। - ओम बिरला, लोकसभा स्पीकर

आज से कुछ नए मरीजों को एडमिट करना शुरू करवाएंगे। टैंक के साथ ही शुक्रवार सुबह ट्रेन भी आ जाएगी, जिससे हमें करीब 24 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिलेगी। शुक्रवार को 75 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी आ रहे हैं, ऐसे में ऑक्सीजन बेड्स और बढ़ जाएंगे। - उज्जवल राठौड़, कलेक्टर

कहीं और डायवर्ट न हो जाए टैंकर इसलिए अफसरों को भी नहीं बताया
वहीं जामनगर से ऑक्सीजन टैंकर बुधवार सुबह 10 बजे रवाना हुआ, जो 32 घंटे बाद गुरुवार शाम करीब 6 बजे कोटा पहुंचा। सूत्रों ने बताया कि यह ऑक्सीजन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने राज्य कोटे के अतिरिक्त अपने निजी प्रयास से दिलवाई है। बिरला ने इसके लिए जामनगर रिफाइनरी के आला प्रबंधन से बात की और यह टैंकर रवाना कराया। सूत्रों ने बताया कि इस टैंकर के बारे में ऐनवक्त तक राज्य सरकार के किसी अधिकारी को कुछ नहीं बताया गया था, क्योंकि टैंकर किसी भी जगह डायवर्ट हो सकती था।

तीन दिन का बैकअप मिला
मेडिकल कॉलेज के ऑक्सीजन प्लांट प्रभारी डॉ. सीएल केड़िया ने बताया कि वर्तमान में हमारे यहां कोविड में रोजाना 1800 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत हो रही है। लिक्विड ऑक्सीजन टैंकर आने से अस्पताल को 3 दिन का बैकअप मिलेगा। अस्पताल में 20 टन का का लिक्विड ऑक्सीजन टैंक है। इसमें अभी करीब साढ़े 3 टन लिक्विड ऑक्सीजन है। जामनगर से आए टैंकर से हमारे टैंक में करीब 14 टन ऑक्सीजन भरी जाएगी, शेष स्थानीय सप्लायरों के प्लांट्स पर खाली होगी। मेडिकल कॉलेज के टैंक से अस्पताल के 4 आईसीयू सहित अन्य 300 ऑक्सीजन बेड पर सीधे ऑक्सीजन सप्लाई होती है।

राज्य सरकार का सौतेला व्यवहार, कोटा को कुछ दिन नहीं देगी सप्लाई : सूत्र
कोटा को ऑक्सीजन की बड़ी खेप मिलते ही राज्य सरकार ने अगले कुछ दिन के लिए कोटा को ऑक्सीजन सप्लाई बंद करने की तैयारी कर ली। सूत्रों ने बताया कि राज्य के अधिकारियों का कहना है कि अब थोड़े दिन भिवाड़ी से सप्लाई नहीं मिल पाएगी। यदि रेगुलर सप्लाई नहीं मिली तो कोटा को मिली यह बड़ी खेप भी दो दिन में खत्म हो जाएगी।

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