पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

दुष्कर्म के आरोपी को सजा:दुष्कर्मी को दस साल का कठोर कारावास,पीड़िता को 17 दिन तक बंधक बनाकर रखा था

कोटा4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
दुष्कर्म का आरोपी

न्यायालय पोक्सो क्रम-5 के न्यायधीश हनुमान प्रसाद ने शनिवार को महिला के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी सतीश सोनी को 10 साल कठोर कारावास सुनाया है। 15 हजार का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी को जेल भेज दिया। विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेश वर्मा ने बताया कि महिला ने 8 जुलाई 2018 को कुन्हाड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरी शादी 2 मार्च 2014 को हुई थी। मैं उनके साथ करीब 4 साल तक रही। ढाई साल की बेटी है। इसी बीच किसी लड़के ने मुझे रास्ते में परेशान किया तो सतीश सोनी ने मेरे साथ हमदर्दी दिखाई और उस लड़के को जान से मारने की धमकी दी। वह लड़का कौन था मुझे पता नहीं। उसके बाद वह मुझे मेरे घर छोड़ गया। उसके बाद रोजाना मेरे घर के आस-पास व ससुराल जाती तो वह मेरा पीछा करने लगा। इसी बहाने मेरे पति ने मुझे तलाक दे दिया। इसके बाद सतीश सोनी ने रोजाना धमकी देना शुरू कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार 21 जून 2018 को सतीश सोनी मुझे बहला-फुसलाकर चौमहेला ले गया। मुझे वहां एक मकान में 17 दिन तक रखा और जबरन शारीरिक संबंध बनाए, जबकि वह मुझे अपनी पत्नी बना कर रखना चाहता था।

इधर, छेड़छाड़ के आरोपी को 2 साल की कैद

छेड़छाड के मामले में न्यायालय पोक्सो क्रम-3 ने शनिवार को आरोपी राम कुंवार को दो वर्ष का साधारण कारावास सुनाया है। साथ ही 5500 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जबकि दुष्कर्म के आरोप से उसे बरी कर दिया। विशिष्ट लोक अभियोजक ललित कुमार शर्मा ने बताया कि महिला ने 12 नवंबर 2016 को इटावा थाने में रिपोर्ट देकर बताया था कि सुबह वह घर से कहीं जा रही थी, तभी सरकारी हैंडपंप के पास राम कुंवर पुत्र रामनाथ हाथ पकड़कर उसे ले गया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। लेकिन वह उसके चंगुल से बचकर घर आई। पति को सारी बात बताई। राम कुंवर ने पति के साथ भी गाली गलौच की।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- घर-परिवार से संबंधित कार्यों में व्यस्तता बनी रहेगी। तथा आप अपने बुद्धि चातुर्य द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न करने में सक्षम भी रहेंगे। आध्यात्मिक तथा ज्ञानवर्धक साहित्य को पढ़ने में भी ...

और पढ़ें