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  • The Biggest Responsibility On The Corporation To Prevent Corona Infection, But Negligence Such That Workers Are Not Putting Masks In The Office, Senezer Machines Are Junk

नगर निगम की दो बड़ी लापरवाही:कोरोना संक्रमण रोकने की निगम पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी, लेकिन लापरवाही ऐसी कि कर्मी आफिस में मास्क नहीं लगा रहे, सेनेजाइजर मशीनें कबाड़ हुईं

कोटा8 महीने पहले
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नगर निगम में कमरा नंबर 109 में बैठे कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
नगर निगम में कमरा नंबर 109 में बैठे कर्मचारी।
  • सेनेटाइजर छिड़काव करने वाले टैंकरों में छेद, बाजारों की भीड़ पर अंकुश नहीं लगा पा रहा

काेराेना संक्रमण राेकने के लिए पिछले साल नगर निगम जितना एक्टिव और सजग था, इस बार उतनी ही लापरवाही की जा रही है। दैनिक भास्कर ने जब साेमवार काे निगम भवन का निरीक्षण किया ताे अधिकांश कर्मचारियाें के मास्क नाक तक उतरे हुए मिले। कमराें में और अधिकारियाें के चैंबर के बाहर बैठे कर्मचारी भास्कर रिपाेर्टर और फाेटाे जर्नलिस्ट काे देखते ही मास्क ठीक करने लगे। इसके अलावा पिछले साल नगर निगम ने लाखाें लीटर साेडियम हाइपाेक्लाेराइड का छिड़काव पूरे शहर में करवाया था। जहां पर काेराेना मरीज मिलते थे, उसके आसपास के क्षेत्र तक काे सेनेटाइज करवाया जाता था।

जबकि, इस बार अभी तक य कार्य शुरू नहीं किया गया। जब निगम में सेनेटाइज मशीनें तलाश की गई ताे पता चला कि अधिकांश मशीनें खराब हाे चुकी है। कुछ मशीने ताे किशाेरपुरा स्थित गैराज में पड़ी है अाैर कुछ मशीनें सेक्टर कार्यालय में धूल खा रही है। एक तरफ नगर निगम द्वारा काेराेना संक्रमण से बचाव के लिए रैलिया निकाली जा रही है, मास्क बांटे जा रहे हैं।

सोमवार को भी कोरोना जागरूकता के लिए 40 रथ शहर में रवाना किए। अाम जनता काे सचेत कर रहे हैं और और दूसरी तरफ खुद के अाफिस में ही काेराेना गाइड लाइन की पालना नहीं की जा रही है। साेमवार काे निगम भवन में उपमहापाैर साेनू कुरैशी के चैंबर के बाहर गार्ड बिना मास्क के बैठे थे, कमरा नंबर 109 में हेल्प लाइन पर बिना मास्क के कर्मचारी बैठे हुए थे। भास्कर की टीम काे देखते हुए अपने मास्क ठीक कर लिए। रिशेप्शन हाॅल में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए कैंप लगा रखा था।

न गन न सेनेटेजाइजर : निगम में आते-जाते समय गेट पर न काेई टेम्प्रेचर चैक कर रहा है न ही काेई सेनेटाइजर की व्यवस्था है। मुख्य भवन के कमराें से लेकर सेक्टर कार्यालय तक कहीं सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं है। हां, जगह-जगह सीएम के फाेटाे वाले स्टीकर जरूर लगा रखे है कि काेराेना गाइड लाइन की पालना करें, मास्क नहीं ताे प्रवेश नहीं, लेकिन पालना खुद ही नहीं कर रहे हैं।

बाजारों में उमड़ रही भीड़, केवल 1-2 दुकानें सीज कर खानापूर्ति कर रहा है नगर निगम

पिछले 15 मार्च से काेटा में काेराेना के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, हालात दिन पर दिन बेकाबू हाेते जा रहे हैं और दूसरी तरफ लाेग लापरवाही करना भी नहीं छाेड़ रहे हैं। बाजाराें में दुकानाें से लेकर सड़काें तक साेशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं। उसके बावजूद नगर निगम सरकार के आदेशाें की पूर्ति करने के लिए एक-दाे दुकानें सीज करके पल्ला झाड़ रही है।

साेमवार काे भी शहर के बाजाराें में काफी भीड़ थी और कार्रवाई के नाम पर नगर निगम ने 2 दुकानाें काे सीज किया। काेराेना संक्रमण राेकने के लिए राज्य सरकार ने लाॅकडाउन ताे नहीं लगाया, लेकिन नगर निगमाें काे आदेश दिए है कि वे बाजाराें में हाेने वाली भीड़ काे राेके, जाे दुकानदार काेराेना गाइड लाइन की पालना नहीं कर रहा है, उनकी दुकानाें काे सीज किया जाए। राज्य सरकार का अादेश है, इसलिए नगर निगम द्वारा मजबूरी में एक-दाे दुकानें सीज कर शाम काे रिपाेर्ट भेज देती है कि कड़ी कार्रवार्ई की जा रही है। जबकि, हकीकत यह है कि जिन बाजाराें में भीड़ हाेती है, वहां ताे निगम की टीमें जाती ही नहीं है। केशवपुरा महावीरनगर रोड पर दो दुकानों को सीज किया गया : नगर निगम दक्षिण आयुक्त कीर्ति राठौर ने बताया कि दोनों दुकानों पर बगैर मास्क के ही व्यवसाय किया जा रहा था। दुकानदार और उपभोक्ता किसी ने भी मास्क नहीं लगा रखा था।

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