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कोटा में गौशाला पर राजनीति:कर्मचारी और आयुक्त ने खुद माना हो रहा गलत, कांग्रेसी पार्षद कह रहे सब ठीक

कोटा18 दिन पहले
गौशाला पहुंचे पार्षद

कोटा नगर निगम के अधीन आने वाली बंधा गौशाला में बार-बार लापरवाही और घटिया क्वालिटी के पशु आहार का मामला सामने आ रहा है। वही कांग्रेस का बोर्ड होने के चलते अब कांग्रेसी पार्षद इस मामले को दबाने में जुट गए। पार्षदों का एक दल गौशाला पहुंचा, जिसमें सहवरित पार्षद भी शामिल थे। पार्षद गौशाला पहुंचे और कहा कि यहां सब कुछ ठीक है।

2 दिन पहले ही यहां पर बीजेपी पार्षदों के एक दल ने गेहूं के भूसे में मेथी का भूसा मिलाते हुए पकड़ा था साथ ही घटिया क्वालिटी का चापड़ का सैंपल भी लिया था। इस मामले में खुद आयुक्त ने भी माना कि जब टेंडर ही गेहूं के भूसे का दिया है तो मेथी का भूसा मिलाने का कोई मतलब ही नहीं था। इससे पहले भी माल के वजन में घोटाले का मामला खुद महापौर राजीव अग्रवाल ने पकड़ा था। साथ ही चापड़ की जांच भी करवाने की बात कही गई है। लगातार गौशाला की लापरवाही या सामने आने के बाद कांग्रेसी पार्षद बचाव में उतरे हैं। पार्षदों का कहना है कि पूर्व में जब रत्ना जैन महापौर बनी थी तब से ही इस गौशाला की स्थिति बढ़िया होने लग गई थी और आज गौशाला बहुत अच्छी स्थिति में है।

बीजेपी पार्षद गायों पर राजनीति कर रहे हैं। वहीं इसके उलट खुद गौशाला के कर्मी और निगम के अधिकारी मान रहे हैं कि वहां गड़बड़ी हुई। बताया जा रहा है कि यहां भूसे और चापड़ का टेंडर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के पास है। बीजेपी पार्षदों ने कहा कि कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का टेंडर होने की वजह से कांग्रेसी पार्षद बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं और ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।