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इसलिए कोटा नहीं बन पा रहा क्लीन सिटी:ग्रीन बेल्ट के लिए सफाई करवा रहे थे मेयर, उनके सामने ही कचरा डाल गया टिपर, 20 हजार की पेनल्टी लगाई

कोटाएक महीने पहले
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रामतलाई मैदान में कचरा खाली करने वाला टिपर चालक। मेयर ने मौके पर ही ठेकेदार फर्म पर 20 हजार की पेनल्टी लगाई। - Dainik Bhaskar
रामतलाई मैदान में कचरा खाली करने वाला टिपर चालक। मेयर ने मौके पर ही ठेकेदार फर्म पर 20 हजार की पेनल्टी लगाई।
  • डीजल बचाने के लिए ट्रांसफर स्टेशन की बजाय कहीं भी डाल रहे कचरा

शहर की सफाई व्यवस्था में सबसे अहम कड़ी में ही गड़बड़ी है ताे व्यवस्था कैसे सुधरेगी? ऐसी ही धांधली का एक मामला बुधवार काे पकड़ में आया जब बाजाराें का कचरा उठाने वाला एक टिपर चालक ट्रांसफर स्टेशन की बजाय कचरा रामतलाई मैदान में ही खाली करके भागने लगा। उसी वक्त दक्षिण के महापाैर राजीव अग्रवाल भी रामतलाई मैदान में सफाई करवा रहे थे। भास्कर टीम भी सफाई व्यवस्था का जायजा लेने शहर में निकली हुई थी। 10 मिनट पहले जहां सफाई करवाई थी, वहां अचानक कचरा देख सभी चाैंक गए।

एक टिपर चालक को माैके पर ही पकड़ा और ठेकेदार फर्म पर 20 हजार की पेनल्टी लगाई। शहर की सफाई व्यवस्था से कोई संतुष्ट नहीं है। कचरा परिवहन की हालत ताे इतनी ज्यादा खराब है कि डाेर-टु-डाेर कचरा कलेक्शन के बावजूद कचरा पाॅइंट से लेकर राेड साइड पर कचरे के ढेर नजर आते हैं। अधिकतर इलाकाें में कचरा समय पर नहीं उठ रहा है।

दैनिक भास्कर द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘आओ सारे काेटा संवारें’ के दाैरान जब दक्षिण के महापाैर राजीव अग्रवाल के इलाके की सफाई व्यवस्था देखने गए ताे पता चला कि वाे रामतलाई मैदान में सफाई करवा रहे हैं। इस मैदान में लगने वाले कचरा पाॅइंट काे कुछ समय पूर्व ही खत्म कर ग्रीन बेल्ट बनाने की याेजना बनाई गई थी।

गुमानपुरा से कचरा लादकर लाया था टिपर चालक :

मतलाई मैदान की बजाए इस टिपर काे नियमानुसार साजीदेहड़ा स्थित ट्रांसफर स्टेशन या नांता स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड जाकर कचरा खाली करना था। महापाैर अग्रवाल व सेनेटरी इंस्पेक्टर शिवराज पंवार ने उस चालक काे पकड़ा ताे वाे बहाने बनाने लगा कि डीजल कम था, इसलिए यहां कचरा डाल रहा था।

दक्षिण नगर निगम में होंगे 3 हेल्थ ऑफिसर

शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए अब उत्तर नगर निगम की तर्ज पर अब दक्षिण नगर निगम में भी 3 हेल्थ ऑफिसर हाेंगे। महापाैर राजीव अग्रवाल के यू नाेट के बाद आयुक्त कीर्ति राठाैड़ ने माैजूदा हेल्थ ऑफिसर ऋचा गाैतम के साथ दाे और सिविल इंजीनियर एईएन संजय विजय और एईएन कपिल पालीवाल काे भी हेल्थ ऑफिसर का चार्ज साैंप दिया है।

नई व्यवस्था के अनुरूप दक्षिण नगर निगम क्षेत्र के सेक्टर नंबर 1, 2 व 3 के हेल्थ ऑफिसर एईएन संजय विजय हाेंगे। सेक्टर नंबर 4, 5 व 6 की हेल्थ ऑफिसर एईएन ऋचा गाैतम हाेंगी तथा सेक्टर नंबर 7, 8 व 9 के हेल्थ ऑफिसर एईएन कपिल पालीवाल हाेंगे। ये अपने कार्य के साथ स्वास्थ्य अधिकारी का भी कार्य देखेंगे।

तीनाें हेल्थ ऑफिसर अपने-अपने क्षेत्राें की सफाई कार्य का निरीक्षण, सफाई कार्य कर रही फर्म व ठेकेदाराें के बिलाें का प्रमाणीकरण, सफाई कर्मचारियाें की उपस्थिति, सफाई कर्मचारियाें की फाइलाें का निस्तारण, टिपर का संचालन, कचरा परिवहन आदि सफाई से संबंधित सभी प्रकार के कार्य करेंगे।

स्वच्छता सर्वेक्षण: इस बार जनता की सुविधा व वेस्ट मैनेजमेंट के आधार पर रैंकिंग

केंद्रीय मंत्रालय ने स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए टूलकिट जारी कर दी है। कोटा इस बार 10 लाख से 40 लाख तक की आबादी वाले 40 शहरों से मुकाबला करेगा। सर्वेक्षण 7500 अंकों का हाेगा। अक्टूबर में पहले चरण का एसेसमेंट होगा। इसके बाद दो चरणों के एसेसमेंट के बाद रैंकिंग तय होगी। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण का आधार पीपुल फर्स्ट रखा गया है। वर्तमान हालात देखकर लगता है कि इस बार भी कोटा रैंकिंग में पिछड़ेगा।

7500 अंकाें का होगा सर्वे, सर्विस लेवल प्रोग्रेस के 40% अंक

सर्विस लेवल : 3000 अंक

इस बार सर्विस लेवल प्रोग्रेस में सबसे अधिक 40% यानी 3000 अंक हैं। इसके तहत देखा जाएगा कि निकायों ने डिजिटल ट्रैकिंग हो रही है या नहीं। सफाई मित्र सुरक्षा और गीले- सूखे कचरे के अलग उठाव की व्यवस्था पर 900-900 अंक मिलेंगे। ​​​​​​​

सिटीजन वाॅइस : 2250 अंक

इसमें आपदा और महामारी से निपटने की तैयारियाें का सर्वे होगा। पहले फेज के 400 अंक हैं। इसका सत्यापन 2 अक्टूबर से शुरू है। दूसरे फेज में स्वच्छता कार्यक्रमों की जानकारी ली जाएगी। इसके 600 अंक हैं। तीसरे फेज में सत्यापन फरवरी में होगा।

वेस्ट मैनेजमेंट: 2250 अंक

इसमें सर्टिफिकेशन देखा जाएगा। सफाई व्यवस्था में बदलाव व साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 1000 अंक हैं। वाटर पाॅल्यूशन कम करने और ट्रीटमेंट के लिए 1000 अंक हैं। सारे दस्तावेज डिजिटली भेजने हाेंगे। इसके लिए 250 अंक रखे गए हैं।

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