परिजनों काे 6 माह बाद मिली जानकारी, दर्ज करवाया मुकदमा:मृतक के खाते से 15 लाख 90 हजार रुपए निकालने पर तीन जने गिरफ्तार

कोटा6 दिन पहले
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

गुमानपुरा पुलिस ने मृतक के खाते से 15.90 लाख रुपए निकालने के मामले में खुलासा करते हुए मकान मालिक, बैंककर्मी सहित 3 आाराेपियाें काे गिरफ्तार किया है। आराेपियाें ने अलग-अलग 5 चेक के माध्यम से धनराशि निकाली। सिटी एसपी केसर सिंह शेखावत ने बताया कि 3 अगस्त 2021 काे फरियादी आनंद सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी महावीर नगर ने रिपाेर्ट दी थी, जिसमें उसने बताया कि मेरे चचेरे भाई पवन पुत्र गाेपाल सिंह निवासी पाटनपाेल जलदाय विभाग रामगंजमंडी में कनिष्ठ लिपिक था। उसकी शादी नहीं हुई थी।

20 साल से वह शिवपुरा निवासी नरेन्द्र गौतम के मकान में किराए से रहता था। पवन की 12 नवंबर 2020 काे अधरशिला में माैत हाे गई थी, जिसकी मर्ग दादाबाड़ी थाने में दर्ज है और जांच चल रही है। पवन की मृत्यु के पश्चात हमने उसके कमरे से उसका रिकाॅर्ड लिया। इसमें एसबीआई बैंक में खाता हाेना पाया गया। उसकी माैत के बाद खाते से 13 नवंबर काे 4 लाख, 20 काे 3 लाख, 8 दिसंबर को 3.50 लाख, 16 को 3.50 लाख, 21 को 1.90 लाख रुपए 5 चेकों से कुल 15.90 लाख रुपए निकाले, जबकि उसकी मृत्यु 12 नवंबर काे हाे गई थी।

आरोपियों में एसबीआई बैंक का कर्मचारी भी शामिल
​​​​​​​पुलिस ने बताया कि पवन के खाते का रिकॉर्ड प्राप्त किया। रिकॉर्ड के आधार पर मृतक पवन सिंह की मृत्यु 12 नवंबर 2020 काे हुई। इसके बाद उसके खाते से 5 चेकों के माध्यम से कुल 15 लाख 90 हजार की राशि निकाली गई। राशि अमर गुप्ता के खाते में हस्तांतरित हुई। इस पर अमर गुप्ता (43) पुत्र अनिल कुमार, निवासी विज्ञान नगर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि मनोज कुमार (46) पुत्र मोहनलाल, निवासी आनंद विहार बजरंग नगर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एसबीआई बैंक शाखा मेडिकल कॉलेज महावीर नगर और प्रशांत गौतम पुत्र नरेन्द्र गौतम निवासी शिवपुरा सरकारी स्कूल के पास ने योजना बनाकर पवन सिंह के खाते से रकम निकाली। इस पर तीनों का अपराध में शामिल होना पाया जाने पर तीनाें काे गिरफ्तार कर लिया। अमर गुप्ता के खिलाफ पूर्व में 13 प्रकरण दर्ज हैं।

साइन की चेकबुक का किया उपयाेग: डिप्टी अंकित जैन ने बताया कि पवन आराेपी प्रशांत के घर पर किराए से रहता था। उसने मरने पूर्व ही एक चेक बुक पर अपने साइन कर रखे थे। इसकाे आरोपियों ने मरने के बाद में अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद आराेपियाें ने पैसा निकालना शुरू किया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी राशि बैंक से निकल रही थी, ताे बैंक के कर्मचारियाें ने संबंधित व्यक्ति काे काॅल नहीं किया। यह जांच का विषय है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इसमें अगर काेई बैंक कर्मी भी आराेपी निकलता है ताे उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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