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बेकाबू कोरोना:8000 से अधिक हुए कोटा में कुल कोरोना मरीज, अब तक कुल 91 की मौत

कोटाएक महीने पहले
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  • कोरोना के 149 नए रोगी मिले, एक और की जान गई
  • राज्य में कोरोना पॉजिटिव रोगियों की संख्या में कोटा तीसरे स्थान पर

कोरोना अभी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना का असर शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में भी पहुंचने लगा है। शहर के कई गली मोहल्लों में एक साथ कई रोगी सामने आने लगे हैं। गुरुवार को 149 नए कोरोना पॉजिटिव रोगी सामने आए हैं। एक मरीज की मौत हुई है। अब कोटा में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 91 हो गई है। जबकि कुल मरीजों की संख्या 8080 हो गई है। राज्य में कोटा अभी भी कोरोना पॉजिटिव रोगियों की संख्या में तीसरे स्थान पर बना हुआ है। पहला स्थान जयपुर का है गुरुवार को जयपुर में 369 के आए जबकि जोधपुर में पॉजिटिव रोगियों की संख्या 223 रही।

कोटा रेल मंडल में गुरुवार को 7 नए कोरोना पॉजिटिव रोगी मिले।अब तक 242 रेल कर्मचारी व उनके परिवार के सदस्य कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से अभी 118 कोरोना एक्टिव केस हैं। एमबीएस अस्पताल में गुरुवार को छह नए कोरोना पॉजिटिव रोगी मिले। इनमें तीन रोगी आउटडोर के व 3 रोगी इंडोर के शामिल हैं। जेके लोन अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता भी कोरोना पॉजिटिव आई है। इसके अलावा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से मरीज आए हैं।

काेराेना निगेटिव हाेने का ये मतलब नहीं कि आप दाेबारा संक्रमित नहीं हाे सकते

भारत में कोरोना वायरस के 51 लाख से ज्यादा मरीज आ चुके हैं। राजस्थान में यह आंकड़ा एक लाख और काेटा में सरकारी रिपोर्ट के हिसाब से 8 हजार से ज्यादा हाे चुका है। इस वायरस की रोकथाम के लिए कहा जा रहा है कि ज्यादा टेस्टिंग ही उपाय है। इन हालात में काफी लोग कोविड 19 टेस्ट को लेकर कई तरह की सूचनाओं से भ्रमित हैं और उनके दिमाग में काफी सवाल उठते हैं। कोविड 19 टेस्टिंग से जुड़े अहम और जरूरी सवालों काे लेकर भास्कर ने सीएमएचओ डॉ. बीएस तंवर से बात की और उनके जवाब जाने।

Q. काेराेना के लिए स्वाब टेस्ट कहां करवाया जा सकता है?
A. सबसे पहले आप अपने डॉक्टर से सलाह लें। अब प्राथमिक उपचार केंद्रों में भी टेस्टिंग की सुविधा है। इसके अलावा स्थानीय परीक्षण कैंपों, प्राइवेट लैब्स, घर-घर जाकर टेस्ट के लेकर स्थानीय अस्पतालों तक टेस्टिंग के कई विकल्प हैं। टेस्टिंग के बारे में और जानकारी के लिए आप स्थानीय प्रशासन की वेबसाइट, एप या हेल्पलाइन पर कॉल भी कर सकते हैं।
Q. स्वाब टेस्ट कितना सटीक होता है?
A. असल में इस टेस्ट में पीसीआर की जांच होती है, जो आनुवांशिक तत्व में वायरस की स्थिति देखने की जांच है। लैब में यह देखा जाता है पीसीआर में कोरोना वायरस है या नहीं। अब टेस्टिंग के लिए दो चुनौतियां पेश आती हैं। एक ये कि नमूने की क्वालिटी कैसी है और दूसरी लैब पर जांच का कितना बोझ है। आपके संपर्क में आने के बाद वायरस सांस तंत्र के ऊपरी हिस्से में मौजूदगी ​दर्ज कराता है। लक्षण दिखने में कुछ वक्त लगता है इसलिए अगर वायरस के संपर्क में आने के शुरुआती समय में ही टेस्ट हो तो उसका परिणाम हो सकता है कि बहुत सटीक न हों। दूसरी बात ये हैं कि स्वाब के नमूने भी कभी-कभी पूरी तरह से ठीक नहीं होते।
Q. नैजल स्वाब नमूना होता क्या है? यानी यह प्रक्रिया क्या है?
A. सैंपल लिए जाने के लिए एक मुलायम स्टिक को नाक के रास्ते गले तक घुसाया जाता है। इसके दूसरे कोने पर एक मुलायम ब्रश होता है जो गले तक पहुंचता है। इस स्टिक को घुसाने के बाद घुमा दिया जाता है, जिससे गले में जमा स्राव इस ब्रश में इकट्ठा हो जाता है। अच्छे नमूने के लिए स्राव को गले के पिछले हिस्से से लेना होता है। चूंकि शरीर को इस हिस्से में कोई भी चीज इंसर्ट करने की आदत होती ही नहीं है, इसलिए इसमें बेहद अटपटी फीलिंग होती है। विशेषज्ञ इसे खराब या नुकसानदायक नहीं कहते लेकिन मानते हैं कि ये बहुत अनकंफर्टेबल है।
Q. क्या एक बार एंटी बॉडी डवलप होने के बाद दूसरी बार टेस्ट पॉजिटिव हो सकता है?
A. अगर आपको पहले कोरोना वायरस था और आप एंटी बॉडी विकसित करके ठीक हो चुके थे, तो भी ये नहीं कहा जा सकता कि आपको कितने लंबे समय तक दोबारा संक्रमण नहीं होगा। चूंकि वायरस म्यूटेट करता है इसलिए पिछले वर्जन की एंटी बॉडी हो सकता है असरदार न हों। अगर आप एक बार कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं या कोरोना वायरस के पुराने वर्जन से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं, तब भी दोबारा संक्रमित होने का खतरा बना रहता है।
Q. स्वाब टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव हो लेकिन डॉक्टर को संक्रमण का शक हो तो?
A. सबसे पहले डॉक्टर आपके लक्षण देखते हैं और उनके आधार पर वो एक और टेस्टिंग पर विचार कर सकते हैं। शायद किसी और ​टेस्ट की जरूरत भी पड़े। अगर आपके शरीर में वायरस है और आपमें गले में दर्द, बहती नाक या सूखे कफ जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं तो स्वाब टेस्ट की रिपोर्ट पॉज़िटिव आनी चाहिए। कभी-कभी ऐसा होता है कि कोरोना वायरस सांस तंत्र के निचले हिस्से में चला जाता है, जहां सांस लेने में समस्या, गाढ़े कफ और खून के आक्सीजन का स्तर कम होने जैसे लक्षण दिखते हैं। ऐसी स्थितियों में चेस्ट एक्सरे और सीटी स्कैन की मदद से डॉक्टर देख सकते हैं कि कोविड 19 है कि नहीं।

Q. निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट के गलत होने के कितने आसार हैं?
A. अगर किसी मरीज़ में लक्षण नहीं दिख रहे हैं तो उसकी टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने की संभावना रहती है। जब तक शरीर में वायरस पकड़े जाने की स्थिति तक बढ़ नहीं जाती, तब तक उसकी मौजूदगी दिखना मुश्किल होती है। ऐसी स्थिति में रिपीट टेस्ट किए जा सकते हैं।
Q. कोविड 19 टेस्ट के और तरीके क्या हैं?
A. नैजल स्वाब नमूनों के अलावा गले के स्वाब या सलाइवा के नमूनों की जांच से भी कोरोना टेस्टिंग की गई है। वायरस के जैनेटिक तत्व को ट्रेस करने वाले न्यूक्लिक एसिड टेस्ट के अलावा एंटिजन टेस्टिंग भी की जाती है। एंटिजन टेस्ट की रिपोर्ट पॉज़िटिव आए तो ठीक लेकिन निगेटिव आने पर कन्फर्मेशन के लिए न्यूक्लिक एसिड टेस्ट करना पड़ता है।
Q. अगर आपको कोविड टेस्ट की जरूरत लग रही है तो क्या करें?
A. नैजल स्वाब नमूने से टेस्ट करवाने के लिए डॉक्टर का प्रेस्क्रिप्शन जरूरी है, इसलिए अगर आपको इस तरह की कोई जरूरत लगती है तो डॉक्टर से संपर्क करें।

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