कोटा की कई कॉलोनियों में बाढ़ का खतरा:चंबल किनारे निचली बस्तियों में भरने लगा पानी, रेस्क्यू टीमें अलर्ट मोड पर

कोटा3 महीने पहले
चंबल किनारे निचली बस्तियों में भरने लगा पानी

मानसून शुरू होने के साथ ही जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलती है। वहीं, मानसून आने के बाद बाढ़ के रूप में विपदा भी आती है। चंबल नदी किनारे बसा होने के चलते कोटा के कई इलाके हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। कॉलोनियों में पानी भर जाने की वजह से लोगों का हाल बेहाल हो जाता है। इस बार भी कोटा में एक दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों में खतरे की आशंका बनी हुई है। ऐसे में नगर निगम की रेस्क्यू टीम में इन इलाकों का दौरा कर रही है।

हालात यह है कि 2 दिन में हल्की बारिश के बाद ही चंबल नदी के किनारे बसी निचली बस्तियों में पानी भरने लगा है। नयापुरा इलाके की एक बस्ती में तो घरों में पानी घुसने लगा है और लोग परेशान हो रहे हैं। हालांकि इस इलाके से ज्यादातर लोगों को पहले ही शिफ्ट कर दिया गया था, क्योंकि क्षेत्र में चंबल रिवर फ्रंट का काम चल रहा है। लेकिन कम बारिश के बाद भी कॉलोनियों में पानी भरना साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में कोटा में बाढ़ की स्थिति फिर से बनने वाली है।

कोटा की चंबल किनारे बसी सभी निचली बस्तियां, खंड गावड़ी, देवली अरब रोड के इलाके, अंनतपूरा के इलाके हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। यहां पर रेस्क्यू टीमों को नावे चलानी पड़ती है।

रेस्क्यू टीमों को रखा गया है अलर्ट मोड पर

अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि कोटा में हर साल बाढ़ की स्थिति कई इलाकों में उत्पन्न होती है। पुराने अनुभवों के आधार पर उन इलाकों का दौरा किया जा रहा है। लोगों को खतरे से आगाह भी किया जा रहा है साथ ही बाढ़ की स्थिति ना बने उसके लिए भी प्लानिंग की जा रही है। लेकिन कई इलाके ऐसे हैं जहां पानी भरता ही भरता है। ऐसे में नगर निगम की सभी रेस्क्यू टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। टीम में 24 घंटे कंट्रोल रूम में मौजूद है। आपात स्थिति से निपटने के लिए संसाधन भी पूरे हैं।