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अध्यक्ष बदलने के प्रस्ताव पर कराए थे हस्ताक्षर:सरपंच संघ अध्यक्ष रवि गुप्ता ने 25 सरपंचों का समर्थन उनके पक्ष में होने का ठोका दावा

सांगोद2 महीने पहले
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  • सरपंचों ने कहा कि बैठक के बहाने अध्यक्ष बदलने के प्रस्ताव पर कराए थे हस्ताक्षर

सांगोद पंचायत समिति में दो सरपंच व संघ अध्यक्ष के दावे से पर्दा उठता दिखाई दे रहा है। यहां 36 ग्राम पंचायतों में से 25 सरपंचों ने सरपंच संघ अध्यक्ष रवि गुप्ता को लिखित में समर्थन पत्र सौंपकर मामले का पटाक्षेप कर दिया है। सरपंच संघ अध्यक्ष रवि गुप्ता ने बताया कि 13 जून को बोरीनाकलां सरपंच सुरेश मेहता ने सरपंच संघ का स्नेह मिलन समारोह आयोजित करने के बहाने सरपंचों को बुलाकर हनुमान मंदिर पर बैठक का आयोजन किया था। कुछ सरपंचों को छोड़कर बाकी सरपंचों से यह कहते हुए अध्यक्ष बदलने के प्रस्ताव पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए कि यह हस्ताक्षर बैठक को लेकर कराए जा रहे हैं।
सांगोद क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म
कुछ घंटों बाद ही मामला सामने आया कि सरपंच संघ अध्यक्ष पद पर बोरीनाकलां सरपंच सुरेश मेहता को चुन लिया गया तो क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म हो गया। सरपंच संघ अध्यक्ष गुप्ता ने सभी सरपंचों से संपर्क साधा तो मामला सामने आया कि उन्होंने सिर्फ बैठक को लेकर ही हस्ताक्षर किए थे। ना कि सरपंच संघ अध्यक्ष बदलने के लिए। जब यह बात सरपंचों को पता लगी कि उनको गफलत में रखकर हस्ताक्षर कराए गए हैं तो उन्होंने लिखित में समर्थन पत्र सरपंच संघ अध्यक्ष रवि गुप्ता को सौंपा।

सरपंच संघ अध्यक्ष रवि गुप्ता ने बताया कि 25 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने उनको लिखित में खुला समर्थन दिया है। उन्होंने यह दावा किया है कि बाेरीना सरपंच सुरेश मेहता चाहें तो वो मतदान कराने को भी तैयार हैं। गुप्ता का कहना है कि मेहता ने झूठ का सहारा लेकर अध्यक्ष का सेहरा खुद के माथे पर सजाने का झूठा प्रयास किया था।

सुरेश मेहता, सरपंच संघ अध्यक्ष सांगोद ने बताया कि सरपंचों का स्नेह मिलन समारोह को लेकर सरपंचों को एकत्रित नहीं किया था। मैंने संगठन की गतिविधियों पर चर्चा व सरपंच संघ के अध्यक्ष रवि गुप्ता को पद से हटाने के लिए बैठक बुलाई थी। इस बैठक में मौजूद सरपंचों ने सर्वसम्मति से उन्हें हटाने का निर्णय लिया था। लेटर पेड इकट्ठे करके दावा करने से काम नहीं चलता। उन्हें इस पद पर रहने के लिए सरपंचों की नए सिरे से बैठक बुलाकर बहुमत सिद्ध करना चाहिए। मेरे पक्ष में आज भी अधिकतर सरपंच हैं। वक्त आने पर उनकी सूची दे दी जाएगी।

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