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जाबाज को अंतिम विदाई:सुखराम का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, संक्रमित होने के बाद एम्स में इलाज चला, हवलदार सुखराम का 12 अक्टूबर को हुआ था निधन

डेगाना8 महीने पहले
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सीआरपीएफ बटालियन में हवलदार के पद पर कार्यरत सुखदेव की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाने के बाद मंगलवार को उनके पार्थिव देह को हवलदार सुखराम के पैतृक गांव डावोली मीठी में सैनिक सम्मान के साथ कोविड 19 के नियमों की पालना करते हुए किया गया। तहसीलदार रामनिवास बाना ने इसकी जानकारी देकर बताया कि डावोली मीठी निवासी सुखराम केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में हवलदार के पद पर कार्यरत थे।

जिनको गत 20 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आने के बाद बटालियन के अधिकारियों ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अस्पताल झज्जर हरियाणा में इलाज के लिए भर्ती कराया था लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। गत 12 अक्टूबर को उनकी अस्पताल में मौत हो गई। जिस पर सीआरपीएफ द्वारा उनके पार्थिव शरीर को सम्मान उनके पैतृक गांव डावोली मीठी भेजा गया। जहां पर मंगलवार सुबह सैनिक सम्मान के साथ उनके परिजनों द्वारा अन्तिम संस्कार किया गया।

अन्तिम संस्कार से पूर्व सुखराम के परिजनों को भी पीपीई कीट पहनाकर पुरी तरह से सुरक्षित किया। उसके बाद मुक्तिधाम पर कोविड 19 की पूर्ण रूप से पालना करते हुये हवलदार का अन्तिम संस्कार किया। अन्तिम संस्कार की पुरी व्यवस्था जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में तहसीलदार डेगाना निर्देशन में की गई।

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