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चारपाई की चौपाल:70 साल से चल रहे जमीनी विवाद को विधायक ने चारपाई पर बैठकर 7 मिनट में सुलझाया

हरसौर8 दिन पहले
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परबतसर, नागौर. परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया की चाय पर चर्चा। - Dainik Bhaskar
परबतसर, नागौर. परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया की चाय पर चर्चा।
  • प्रेरणादायक पहल; दो पक्षों में चल रहा था जमीनी विवाद कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटकर उम्र बीती, विधायक के प्रयासों से राजीनामे

एक ओर जहां देश में जमीन की कीमतें आसमान छूने से आम आदमी के आशियाने के सपने चकनाचूर हो रहे हैं, वहीं नागौर जिले की परबतसर विधानसभा से विधायक की अनूठी पहल आमजन में आपसी सौहार्द प्रेम एवं भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए एवं विवादों का निबटारा करने की दिशा में बेहतर काम कर रही है।

विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार कम उम्र में विधायक बने रामनिवास गावड़िया के पास जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे जमीनी विवादों को लेकर प्रतिदिन शिकायत आती है।

इसका घर पर निबटारा करने के लिए विधायक ने ‘चारपाई की चौपाल’ मुहिम चलाई। इसमें सर्व समाज के लोग बैठकर विवादों का निबटारा करते हैं। इस मुहिम के जरिये उन कई लोगों को अकाल मृत्यु से बचाया जा रहा है, जिनके परिवाराें में आए दिन जमीनी विवादों में कई सदस्यों की मौत हो जाती है।

घर-घर पहुंचकर समझाइश से निबटा रहे छोटे-मोटे विवाद

बीते शुक्रवार को ‘चारपाई की चौपाल’ में एक ऐसे ही पुराने मामले का निबटारा किया गया। 70 साल से बरुण गांव के खसरा नंबर 250 251 484 जोकि रेवेन्यू रिकॉर्ड में भंवरा राम राड़ परमेश्वर के नाम से इंद्राज है, जबकि कब्जा जितेंद्र सिंह राजपूत एवं भंवरलाल लेगा के पास था।

इसे लेकर विभिन्न समय से दो समाजों के लोगों में आपसी कहासुनी के बाद आए दिन विवाद होता है एवं विवाद तूल पकड़ लेता है दोनों पक्षों की ओर से परस्पर कोर्ट कचहरी एवं थाने में भी मामले दर्ज करवा रखे थे।

सबसे कम उम्र में विधायक बने रामनिवास गावड़िया ने परबतसर क्षेत्र में चलाई अनोखी मुहिम

चुनावों के समय किया वादा पूरा कर रहा हूं : गावड़िया

चुनाव के समय वादा किया था कि उपखंड में आपसी सौहार्द, प्रेम व भाईचारा बना रहे। विवादों का निबटारा कोर्ट-कचहरी एवं थाने से पूर्व ही कर लिया जाए। इसी के तहत गांव-गांव, घर-घर जाकर लोगों को आपस में समझाकर मूर्त रूप दे रहा हूं। इस मुहिम जल्द क्षेत्र विवादों मुक्त घोषित होगा, जो कि गअपने आप में एक उपलब्धि होगी।

-रामनिवास गावड़िया, विधायक

राहत - लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी आपसी समझाइश से सुलझाए जा चुके हैं विवाद

शुक्रवार को हुए राजीनामे के दौरान जितेंद्र राजपूत,भंवरलाल बाजड़ोलिया,दिलसुख जाजड़ा,लक्ष्मण लेगा,बहादुर देवासी,मोहन सिमर, प्रेमाराम फौजी थानाधिकारी पीलवा रिछपालसिंह आदि मौजूद रहे। बरुण गांव का यह जमीनी विवाद पिछले 70 साल से चल रहा है।

पीड़ित थाने कोर्ट कचहरी के चक्कर काटते-काटते थक गए हैं एवं भंवरलाल लेग, जिन पर उम्र का भी साया मंडराने लगा है। करीब 5000 की आबादी वाली ग्राम पंचायत कालेटड़ा के नजदीकी भड़सिया, पीलवा, बस्सी के ग्रामीणों की मांग पर विधायक ने घर पहुंचकर विवाद का निबटारा किया। इस प्रकार के कई पूर्ववर्ती निबटारों से चारपाई की चौपाल को पूरा सहयोग मिल रहा है।

सालों से थाने व कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगा रहे थे पीड़ित

अपने क्षेत्र के कई परिवारों में वर्षों से चल रहे जमीनी विवादों की गंभीरता को देखते हुए विधायक रामनिवास गावड़िया ने ये मामला ‘चारपाई की चौपाल’ में आमजन के सामने रखे और दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर सभी लोगों की राय-मशविरा के बाद दोनों पक्षों के हित को ध्यान में रखते हुए राजीनामा करवा दिया तथा अब दोनों पक्षों की ओर से लिखित समझौते के अनुसार आपसी विवाद का निबटारा कर के नए सिरे से कागजात तैयार करवए जा रहे हैं।

फायदे -आपसी समझाइश से समय और धन दोनों की होती है बचत लोगों को मिलती है प्रेरणा

विधायक गावड़िया ने बताया कि जमीन, पैतृक संपत्ति के बंटवारे सहित लेनदेन एवं मेड़बंदी तारबंदी आदि के कई विवाद कोर्ट, कचहरी, थाने से पूर्व भी निबटारा संभव है। हाल ही जमीनी विवाद में पीलवा थाने के अंतर्गत बिसास गांव में एक किसान की हत्या कर दी गई थी।

दो समाजों के बीच उत्पन्न जमीनी विवाद का आपसी समझाइश से उनका निबटारा कर दिया गया।विधायक ने कहा कि किसी भी विवाद के बाद अगर समझाइश जल्दी ही हो जाती है तो धन एवं समय की बचत होती।