यहां पैदा होता है देश का 12 फीसदी नमक:सांभर झील: इस बार डेढ़ गुना ज्यादा पानी, नमक भी 30 मीट्रिक टन होगा

कुचामन सिटी14 दिन पहलेलेखक: अभिमन्यु जोशी
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सांभर के बीच से निकलती है रेलगाड़ी। 
फोटो: सुनीलदत्त बोहरा/ लक्ष्मण कुमावत - Dainik Bhaskar
सांभर के बीच से निकलती है रेलगाड़ी। फोटो: सुनीलदत्त बोहरा/ लक्ष्मण कुमावत

राज्य में नमक का सर्वाधिक उत्पादन नावां में होता है। अंग्रेजों ने यहां सांभर झील के किनारे रेलवे लाइन डाली और सांभर साल्ट लिमिटेड कम्पनी द्वारा सांभर में नमक का उत्पादन शुरू हुआ। यहां जो नमक बनता है वह प्राकृतिक रूप से तैयार होता है। उद्यमी जमीन पर क्यार व कंटासर बनाते हैं।

बोरवेल के पानी से कंटासर में डाला जाता है। इसके बाद पानी को एक कंटासर से दूसरे और फिर तीसरे में इस तरह कई कंटासर में घुमाया जाता है। इससे पानी का खारापन बढ़ जाता है और पानी को लगभग पच्चीस डिग्री तक खारा किया जाता है। फिर ये पानी क्यारियों में डाला जाता है।

तेज धूप के कारण पानी धीरे-धीरे नमक के रुप में बदलता रहता है। फिर ट्रैक्टरों के माध्यम से नमक प्लान्ट व रिफाइनरी तक पंहुचाया जाता है। इस बार झील में हर बार से डेढ़ गुना तक पानी ज्यादा आया है। इसलिए नमक उत्पादन भी 15 फीसदी ज्यादा होगा। नावां में हमेशा 25 मीट्रिक टन उत्पादन होता है जो इस बार 30 मीट्रिक टन तक हो सकेगा।

तीन जिलों के बीच है सांभर झील
सांभर झील समुद्र तल से 1,200 फीट की ऊंचाई पर है। भरे रहने पर इसका क्षेत्रफल 90 वर्ग मील में फैला हुआ है। सांभर झील में तीन नदियाँ आकर गिरती हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस नमक का स्रोत, अरावली के शिष्ट और नाइस के गर्तों में भरा हुआ गाद है। इस गाद में घुलने वाला सोडियम बारिश के पानी में घुसकर नदियों के रास्ते झील में आता है और नमक के रूप में बदल जाता है।

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