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ज्ञापन सौंप बताई पीड़ा:वन्यजीव बाहुल्य इलाके के खेतों में जाली व करंट मशीनें हटाने की मांग

कुचेरा2 महीने पहले
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वन्यजीव बचाओ, तार जाल हटाओ अभियान के तहत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए। - Dainik Bhaskar
वन्यजीव बचाओ, तार जाल हटाओ अभियान के तहत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए।
  • वन्य जीव प्रेमियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप बताई पीड़ा

क्षेत्र के वन्यजीव प्रेमियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र से करंट झटका मशीनें, प्लास्टिक व लोहे की जालियां हटाकर वन्यजीवों की सुरक्षा की मांग की है। साथ ही जोधपुर के बिलाड़ा थाना क्षेत्र में करंट झटका मशीनें व जालियां हटाकर वन्यजीवों की सुरक्षा की मांग करने वाले युवाओं के परिवारों का हुक्कापानी बंद कर गांव की सुविधाओं से वंचित करने वाली खाप पंचायत पर कार्रवाई की भी मांग की है।

इस अवसर पर बिश्नोई महासभा वन एवं वन्यजीव रक्षा समिति जिलाध्यक्ष नाथूराम भाम्भू, जिला उपाध्यक्ष रामस्वरूप लामरोड़, बूचाजी पर्यावरण संस्थान सचिव व वन्यजीव रक्षा समिति प्रचार मंत्री मांगीलाल अग्रवाल, मीडिया प्रभारी हेतराम बिश्नोई, मेड़ता पंचायत समिति सदस्य गोविन्द विश्नोई, मनोज बिश्नोई, महावीर, अनिल पूनियां, एडवोकेट दिलीप, पूनाराम, शक्तिसिंह राठौड़, सेठी आदि ने संयुक्त हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपकर वन्यजीवों को बचाने के लिए वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र में जाली व करंट झटका मशीनों पर प्रतिबंध लगाने व खाप पंचायत के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन दिया। मेड़ता उपखण्ड अधिकारी को सौंपे मुख्यमंत्री के नाम अपने ज्ञापन में वन्यजीव प्रेमियों ने बताया कि करंट झटका मशीनों से करंट लगने व लोहे एवं प्लास्टिक की जालियों में फंसने से हरिण, चिंकारा, कृष्णमृग सहित दुर्लभ वन्यजीव घायल होकर तड़पते हुए अकाल मौत के शिकार हो जाते हैं। जिससे वन्यजीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। इसलिए वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र से जालियों व करंट झटका मशीनों को हटवाकर उन पर पूर्ण पाबन्दी लगाई जाए।

ताकि वन्यजीवों को अकाल मौत से बचाया जा सके। साथ ही उन्होंने ज्ञापन में लिखा कि गत 5 जून को जब विश्व पर्यावरण दिवस पर विश्वभर में वन्यजीवों को बचाने पर विचार विमर्श व चर्चाएं चल रही थी। उसी दिन बिलाड़ा थाना क्षेत्र में खाप पंचायत ने वन्यजीवों को अकाल मौत से बचाने के लिए जाली व करंट मशीन हटाओ अभियान चलाने वाले वन्यजीव प्रेमी सुरेश लोल सहित तीन युवाओं के परिवारों को बहिष्कृत कर दिया था।

प्रजातंत्र के इस युग में जब खाप पंचायत का अस्तित्व भी नहीं होना चाहिए, उस समय में खाप पंचायत द्वारा वन्यजीवों की रक्षा की मांग करने वाले पर्यावरण प्रेमियों के परिवारों को बहिष्कृत कर पीड़ा पहुंचाना असहनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि बिलाड़ा पुलिस थाने को सूचित कर खाप पंचायत के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने व वन्यजीव प्रेमियों को न्याय दिलाने की मांग की।

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