संगोष्ठी का हुआ आयोजन:"पीढ़ियों के बीच गहराता द्वंद्व: समाधान के उपाय" विषय पर हुई चर्चा, एक-दूसरे की भावनाओं का करना चाहिए सम्मान

लाडनूं9 दिन पहले

नगर की प्रमुख सामाजिक संस्था युवक परिषद द्वारा "पीढ़ियों के बीच गहराता द्वंद्व समाधान के उपाय" विषय पर विचार संगोष्ठी का शनिवार को आयोजन किया गया। युवक परिषद भवन में आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता युवक परिषद के उपाध्यक्ष जौहरीमल दूगड़ ने की।

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि कोलकाता प्रवासी समाजसेवी सीए महेंद्र पाटनी ने कहा कि पीढ़ियों में समन्वय की कमी के कारण समाज और परिवार में बुजुर्ग उपेक्षित हो रहे हैं। परिवारों में संवाद हीनता जन्म ले रही है। हमें अपनी सोच को सकारात्मक बना कर नई पीढ़ी की प्रतिभा, योग्यता और सफलता की सच्चे मन से प्रशंसा करनी चाहिए। इसी प्रकार नई पीढ़ी को भी परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करते हुए उनके अनुभव और ज्ञान का लाभ उठाने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि तेरापंथ महिला मंडल कि अध्यक्षा प्रीति घोसल ने कहा कि आज हमारा देश और समाज परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में हमें नए चिंतन, नई सोच और नई तकनीक का स्वागत करते हुए स्वयं को परिवर्तन में ढालने के लिए तैयार रहना होगा। बच्चों और बुजुर्गों को आपस में मित्रवत व्यवहार करते हुए एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। एक दूसरे की योग्यता व प्रतिभा का लाभ लेने की इच्छा करनी चाहिए।

इस दौरान संगोष्ठी में सुमन नाहटा, संपतराज डागा, नीता नाहर, प्रकाश जांगीड़, बाबूलाल प्रजापत, चांदकपूर सेठी, रेणु कोचर आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संयोजन आलोक खटेड़ ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में युवक परिषद की ओर से चांदकपूर सेठी, अभयनारायण शर्मा, अरविंद नाहर, आलोक खटेड़ आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।

खबरें और भी हैं...