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हादसों को न्योता:400 साल पुरानी खानें अब गहरी हो रही, चौड़ाई नहीं बढ़ी तो हादसे तय

मकराना2 महीने पहले
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  • क्षेत्र में अब तक मलबा या पापड़ा गिरने से हो चुकी है 69 मजदूरों की मौत

मुगल काल से विश्वभर को दूधिया संगमरमर उपलब्ध करवाने वाली मकराना की मार्बल खानें अब मशीनरी युग में गहराई नापने लगी है। इन खानों में दीर्घकालीन सुरक्षित खनन हो इसके लिए अब खानों का क्षेत्रफल व चौड़ाई बढ़ाने की आवश्यकता है। क्योंकि पिछले बीस सालों का रिकॉर्ड देखे तो चौड़ाई के अभाव में अगवाड़ में हैगिंग वाल या मलबे का पापड़ा गिरने से 55 मार्बल खानों में 69 मजदूरों की मौत हो चुकी है।

अब ज्यादा गहराई बढ़ने से मजदूरों की जान का खतरा भी बढ़ने लगा है। राज्य सरकार ने क्वारी लाईसेंसी खानों की चौड़ान बढ़ाने पर पिछले 35 सालों से रोक लगा रखी है। खानधारी हर दिन इसी बात का इंतजार करते हैं कि अब राज्य सरकार मार्बल खानों की चौड़ान बढ़ाने के आदेश जारी करेगी। मकराना की 758 में से 470 खानें तो ऐसी है जो कि 190 फीट से ज्यादा गहरी है।

कुछेक चुनिंदा खानें तो 300 फीट की गहराई को पार कर गई है जिसके चलते अब उन्हें खान सीमा के अगवाड़ व पछवाड़ की तरफ निश्चित रूप से खान की चौड़ान बढ़ानी होगी। अधिकांश हादसे बारिश के मौसम में मध्य रात्रि के बाद ही हुए हैं जिससे अब तक कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई है।

प्लॉटनुमा छोटे-छोटे क्षेत्रफल में आवंटित है मार्बल खानें

खानों के क्षेत्रफल का इसी से आंकलन लगाया जा सकता है कि अधिकांश पुरानी मार्बल खानें 2 हजार वर्ग फीट से 10 हजार वर्ग फीट के क्षेत्रफल की है। इनमें कईं खानों के बीच अथवा खान के अगवाड़ व पछवाड़ में सरकारी जमीन मौजूद हैं। अगर राज्य सरकार क्वारी लाईसेंसी खानों के चौड़ान बढ़ाने के आदेश जारी करें एवं खनि अभियंता स्तर पर इसके खानों के क्षेत्रफल विस्तार की कार्रवाई की जाए तो निश्चित रूप से मकराना के मार्बल उद्योग को जीवनदान मिलेगा। खानों में ऊपर से मलबा, लूज मिट्टी व पत्थर गिरने का खतरा नहीं रहेगा वहीं सरकार की राजस्व आय बढ़ेगी। खानों में चौड़ान बढाए जाने से खानधारियों के बीच आए दिन होने वाले सीमा विवाद खत्म होंगे।

खनन नीति का प्रारूप तैयार कर रही कमेटी के समक्ष रखा है चौड़ान का प्रस्ताव : पूर्व विधायक जाकिर हुसैन गैसावत व मार्बल खान एवं मजदूर वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष दीपक बंसल ने हाल ही में नई खनिज नीति का प्रारूप तैयार कर रही पांच सदस्यीय कमेटी व राज्य सरकार के समक्ष मकराना की मार्बल खानों का चौड़ान बढ़ाने हेतु प्रस्ताव पेश किया है। मकराना की मार्बल खानों सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की क्वारी लाईसेंसी खानोंं के चौड़ान बढ़ाने पर राज्य सरकार द्वारा रोक है।

परंतु राज्य सरकार ने 19 फरवरी 2013 को बिजौलिया खनन एरिया का रिफरेंस देते हुए सेण्ड स्टोन की खानों की चौड़ान बढ़ाने के आदेश जारी किए थे, जिसमें लाईसेंस व लीजों में तीस मीटर तक की स्ट्रिप जोड़े जाने का प्रावधान किया गया। उस समय भी मकराना मार्बल खानों की चौड़ान बढाए जाने की मांग पुरजोर से की गई थी। इसके बावजूद एमएमसीआर 2017 में खान क्षेत्रफल विस्तार नियमों में सरलीकरण नहीं किया गया।

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