36 साल बाद चौड़ान बढ़ाने का आदेश:एक भी लाइसेंसधारी ने नहीं किया आवेदन, व्यापार मंडल ने की जल्द आवेदन करने की मांग

मकराना12 दिन पहले
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संगमरमर नगरी मकराना की मार्बल खानें 350 सालों में खनन करते हुए 300 फीट से ज्यादा गहरी चली गई हैं। मार्बल सीमित दायरे में ही जमीन में दबा है। जिनकी खानों की लंबाई चौड़ाई फिक्स है। कुएं की तरह गहरी होती खानों में चौड़ाई नहीं बढऩे से दुर्घटनाएं होती रही हैं। पिछले 36 सालों से खानों की चौड़ान बढ़ाने पर रोक थी। पूरे विश्व को उत्तम कोटि के मार्बल की सप्लाई देने वाला मकराना की खानों को दीर्घकालीन खनन हेतु चौड़ान बढ़ाने की जरूरत थी। जिसकी बार-बार डिमांड होने पर राज्य सरकार ने पिछले माह 16 अगस्त को खानों की लीज और लाईसेंसी खानों की चौड़ान बढ़ाने के आदेश जारी किए थे।

जल्द से जल्द आवेदन करने का आग्रह
यह आदेश मकराना की खानों के लिए एक जीवनदान की तरह है लेकिन एक माह बाद गुजरने के बाद भी मकराना में 758 में से एक भी खानधारी ने चौड़ान बढ़ाने हेतु खनिज अभियंता कार्यालय में आवेदन नहीं किया है। इस पर संगमरमर व्यापार मंडल अध्यक्ष अब्दुल रहीम सिसोदिया ने खान लाइसेंसियों से अपनी खानों की चौड़ाई बढ़ाने हेतु खान विभाग में जल्द से जल्द आवेदन करने का आग्रह किया है ताकि भविष्य में सुरक्षित खनन हो सके।

3000 रुपए के शुल्क के साथ हो सकेगा आवेदन
अभियंता महेश पुरोहित ने बताया क्वारी लाईसेंसी खानों की चौड़ान बढ़ाने हेतु लाईसेंसी 3000 रूपए के शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन करें। खान पर पिछले तीन साल में कोई अवैध खनन ना हो। अगर अवैध खनन की रकम बकाया है तो उसे विभाग को जमा करवाना होगा। खान में 0.18 हेक्टेयर क्षेत्रफल यानि 60 गुणा 30 मीटर या इससे कम का एरिया ही जोड़ा जा सकेगा। उस एरिया का जितना डेड रेंट वर्तमान दर से बनता है। उसका 15 गुना रकम विभाग को जमा करवानी होगी। माइनिंग लीज की खानों के मामले में आवेदन शुल्क 10 हजार है। वहीं लीज की चौड़ान में मिनिमम एक हेक्टेयर और अधिकतम की सीमा नहीं रखी है।

कई खानों की गहराई 300 फीट तक हो गई है
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