मकराना में भागवत कथा:कथा वाचक डॉ. रामप्रसाद बोले- मकराना दैवीय भूमि है क्योंकि यहां के संगमरमर से बनी मूर्तियां विश्वभर के मंदिरों में लगी है

मकराना8 दिन पहले

मकराना शहर के श्रीराम धन रांदड़ भवन में श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा का वाचन कर रहे डॉ. रामप्रसाद ने शनिवार दोपहर में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने मकराना के संगमरमर की सराहना करते हुए कहा कि यह दैवीय भूमि है, जहां से निकले मार्बल से विश्वभर के मंदिर और मुर्गियां बनी है।

उन्होंने कहा कि मकराना के संगमरमर की पूरे विश्व में खास पहचान है। ऐसी पावन धरा पर सत्संग व कथावाचन का सौभाग्य प्राप्त कर वे धन्य हो गए हैं। उन्हेंाने मकराना को कौमी एकता की मिसाल बताते हुए कहा कि मंदिर व धार्मिक इमारतों के निर्माण में हर जाति वर्ग के लोग जुटे हैं जिसे देखकर मन अभिभूत हुआ है। एक दूसरे के बीच ऐसा साम्प्रदायिक सौहाद्र्र कहीं देखने को नहीं मिलता है।

उन्होंने वर्तमान दौर में अराजकता, दुष्कर्म, हत्या, आपसी झगड़ों तथा रिश्वतखोरी के बढ़ते मामलों पर बोलते हुए कहा कि कलयुग अपना प्रभाव दिखा रहा है। लोग शास्त्रों की मर्यादाओं को भूल रहे हैं, उनकी अवहेलना कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ धार्मिक स्थलों पर जाएं, बच्चों को संस्कारित करें, उन्हें बचपन से शास्त्रों व अपनी संस्कृति का ज्ञान करवाएं। वर्तमान घटनाओं में दूसरों को दोष देने बजाय स्वयं को सुधारने की आवश्यकता है। हम स्वयं अच्छा आचरण करेंगे तो दूसरे भी वैसा ही व्यवहार करेंगे।

उन्होंने कहा कि संतों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं होती बल्कि संत नाम सज्जनता का है। वे जाति समाज से ऊपर उठकर परमार्थ के लिए काम करते हैं। उन्होंने बताया कि भागवत कथा मकराना में 16 मई तक आयोजित होगी, जिसमें धर्म प्रेमी लेाग पहुंचकर कथा का आनंद लें एवं बच्चों और परिवार को संस्कारवान बनाए।

बाबू के रिश्वत में पकड़े जाने पर बोले ग्रेजुएट को संस्कारित करते हैं। एसडीएम कोर्ट में बाबू नंद सिंह के रिश्वत मामले में पकड़े जाने पर डॉ. राम प्रसाद ने कहा कि वे जोधपुर में गुरूकुल चलाते हैं। जिसमें आईएएस, आरएएस की तैयारी कर रहे ग्रेजुएट को नि:शुल्क कोचिंग दी जाती है, ताकि चयन के बाद नौकरी में रिश्वतखोरी से दूर रहे एवं जनता की सेवा करें। इसके लिए जोधपुर के सूर सागर में बड़ा राम द्वारा द्वारा उनके लिए सभी व्यवस्था नि:शुल्क की गई है।

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