एसीबी की कार्रवाई:मकराना में 4 महीने में तीन ट्रेप, रिश्वतखोरों पर भारी पड़ रहा 13 का आंकड़ा

मकराना5 दिन पहले
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मकराना के रिश्वतखोर सरकारी कर्मचारियों के लिए 13 तारीख का आंकड़ा काफी भारी पड़ रहा है। जबकि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के लिए इस तारीख को की गई अब तक की हर कार्रवाई कारगर व सफल साबित हुई है। मकराना में पिछले चार माह में तीन लोगों को ट्रेप किया गया है।

90 हजार लेते ट्रेप
तीसरे मामले में नंद सिंह भी 13 मई के दिन ट्रेप हुआ है। इससे पहले 13 जनवरी को जलदाय विभाग का सहायक अभियंता सीताराम यादव ठेकेदार का बिल पास करने के एवज में दस प्रतिशत कमीशन की राशि 90 हजार रूपए लेते ट्रेप हुआ था।

12 मार्च को कांस्टेबल हुआ था ट्रेप
इसके बाद 13 मार्च को मकराना पुलिस थाना का हैड कांस्टेबल भूर सिंह ट्रेप हुआ। वह बांसड़ा गांव निवासी परिवादी को पुलिस में दर्ज मामले में जेल भेजने की धमकी देकर परेशान कर रहा था। उसने मामला निपटाने के लिए 20 हजार की मांग की जिस पर एसीबी ने उसे 8500 रूपए देकर सत्यापन करवाया और ट्रेप की कार्रवाई में बाकी के 11500 रूपए दिलवाए । उसमें से उसने 5000 रूपए अपने पास रखकर बाकी के 6500 रूपए परिवादी को वापस दे दिए। ताज्जुब की बात यह है कि वह शातिराना अंदाज में रुपए नहीं मांगकर गवाह पेश करने की बात कहता। उसे ट्रेप करने के लिए एसीबी पाली की टीम को सात दिन तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।

एसडीएम, सीओ से लेकर बाबू तक पकड़े गए
चौदह साल पहले एक एसडीएम रिश्वत में एलसीडी लेते एसीबी के हत्थे चढे थे। नगर परिषद् में आयुक्त संतलाल ठेकेदार से 50 प्रतिशत तक कमीशन राशि लेते 28 अगस्त 2020 को पकड़ा गया। उससे बिस्तर में दबाई 15.50 लाख की नकदी बरामद हुई। चार साल पहले उपनिदेशक नागौर और मकराना सीडीपीओ उषा चौधरी पोषाहार महघोटाले में पकड़ी गई। एसीबी मकराना में दो खनिज अभियंता, एक खनिज कार्यदेशक, बाबू सहित अब तक पांच जनों को भ्रष्टाचार में पकड़ चुका है। मकराना में नगर परिषद् में जेईएन, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, परिवहन निरीक्षक, बीईईओ, पीएचईडी में एक्सईएन, विकास अधिकारी, एईएन, पुलिस उपाधीक्षक, इंस्पेक्टर, एएसआई, डिस्कॉम एईएन, जेईएन, दो ग्रामसेवक, डॉक्टर, पटवारी आदि पकड़े जा चुके हैं।

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