मेड़ता को जिला बनाने की फिर उठी मांग:बार संघ ने सांसद से की मुलाकात, सीएम से भी मिलेंगे, कहा- रियासतकाल में जिला था मेड़ता

मेड़ता17 दिन पहले

मेड़ता को जिला बनाने की मांग एक बार फिर से बुलंद हो रही है। इसको लेकर जिला बार एसोसिएशन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों की कड़ी में उनकी ओर से अब तक स्थानीय स्तर से प्रदेश स्तर के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। अब उन्होंने राजसमंद सांसद दीयाकुमारी को भी अपनी इस मांग से परिचित कराया है।

बार संघ अध्यक्ष सहित अधिवक्ताओं ने सांसद से पूर्व में जिला रहे मेड़ता को सभी तरह की सुविधाओं के मद्देनजर एक बार फिर जिला बनाने की मांग की है। आज भी मेड़ता को जिला बनाने की मांग को लेकर बार संघ एसोसिएशन के सदस्यों ने आगामी रणनीति तैयार की है और इस रणनीति के तहत सदस्य मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे और उनके सामने मेड़ता को जिला बनाने की मांग पूरजोर रूप से उठाएंगे। जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष हेमाराम बेड़ा, उपाध्यक्ष रमेशचंद्र परिहार, कोषाध्यक्ष रजब अली, वरिष्ठ अधिवक्ता शिवदयाल सिंह राठौड़, संजीव सिंह चौधरी डांगावास ने बताया कि मेड़ता पूर्व में रियासत काल में जिला था व उसके बाद नागौर को राजस्व जिला बना दिया गया।

वर्तमान परिपेक्ष्य में मेड़ता को मेड़ता, डेगाना, जैतारण, भोपालगढ़, ब्यावर, परबतसर, मकराना, रियांबड़ी आदि उपखंडों को शामिल करते हुए जिला बनाए जाने का उचित आधार है। वर्तमान में जिला स्तर के सभी न्यायालय भी मेड़ता में स्थित है व प्रदेश और जिले की श्रेष्ठ कृषि उपज मंडी भी यही है। पर्यटन से लेकर परिवहन की भी मेड़ता में सुविधा है। मेड़ता को जिला बनाए जाने से आमजन को सुविधा होगी। बार संघ ने सांसद से मेड़ता को जिला बनाने के लिए राज्य सरकार से अनुशंसा दिलवाने की मांग की।

न्यायालय परिसर में बेंच और टीनशेड बनवाने की मांग

अभिभाषक संघ अध्यक्ष बेड़ा सहित अधिवक्ताओं ने सांसद से न्यायालय परिसर में 20 सीमेंटेड बेंच और 50 गुणा 80 का टीनशेड बनवाने की मांग की। अध्यक्ष बेड़ा ने बताया कि यहां जिला एवं सेशन न्यायालय, पोक्सो न्यायालय, अनुसूचित जाति/जनजाति कोर्ट, पारिवारिक न्यायालय, मोटरयान दुर्घटना अधिकरण व अन्य न्यायालयों के साथ उपखंड तथा तहसील कार्यालय एक ही परिसर में है। जहां पूरे जिले के लोग आते हैं, लेकिन यहां बैठने के लिए कुर्सी, बैंच नहीं लगी। इसलिए यहां बैठने के लिए बैंच और छाया इत्यादि की सुविधा के लिए टीनशेड बनवाया जाए।

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