पहले दिन ही खराब हो गई गाड़ी:लकवा रोगियों को सुविधा के लिए आई थी बैटरी की कार, सांसद दीया कुमारी का प्रशासन पर आरोप

मेड़ता18 दिन पहले

जोधपुर रेल मंडल के रेण रेलवे स्टेशन पर सबसे अधिक लकवा रोगी ट्रेन में यात्रा करने के लिए पहुंचते हैं। इसका कारण यह है कि रेण से ही 18 किमी दूर बुटाटी धाम है। मान्यता है कि वहां चतुरदास महाराज मंदिर में फेरी देने से लकवा रोग ठीक हो जाते हैं। बुटाटी के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन रेण हैं। यहीं वजह है कि यहां से ट्रेनों में बैठने और उतरने वाले यात्रियों में सबसे ज्यादा संख्या इन्हीं की होती है।

इसके चलते लकवा रोगियों की सुविधा के लिए ही स्थानीय मांग के बाद अंबुजा सीमेंट की ओर से एक बैटरी कार रेण रेलवे स्टेशन के लिए मुहैया करवाई गई। कार के संचालन के लिए टेंडर हुआ। दो दिन हल्का-फुल्का ट्रायल चला। इसके बाद इस बैटरी कार का संचालन शुरू कर दिया गया। इस कार का काम था लकवा रोगी, बुजुर्गों या फिर मरीजों को प्लेटफार्म नंबर 1 से प्लेटफार्म नंबर 2 तक पहुंचाना और 2 नंबर प्लेटफार्म से 1 नंबर प्लेटफार्म तक पहुंचाना। मगर संचालन के पहले ही दिन यह बैटरी कार खराब हो गई। सिर्फ रिवर्स गियर में चल रही है, जबकि आगे की तरफ मूव नहीं कर पा रही है।

जिस कंपनी की गाड़ी उसी से रिपेयर कराने की मांग
आपको बता दें कि 14 अगस्त को रेण रेलवे स्टेशन पर यह बैटरी कार पहुंच गई थी। इसके बाद 35 दिन यह कार पड़ी रही। फिर रेलवे की ओर से इसके संचालन के लिए टेंडर जारी हुआ। कस्बे के ही गौरव शर्मा को इसके संचालन की जिम्मेदारी मिली।गौरव ने बताया कि मैंने यह गाड़ी अपने हाथ में ली तब ही अवगत करा दिया था कि स्टियरिंग बहुत टाइट है और ब्रेक भी नहीं लग रहे थे। तब मैंने अपने स्तर पर यह तो सही करवा दिए मगर विधिवत्त रूप से शुभारंभ के दिन यह खराब हो गई। मैंने रेलवे के स्थानीय अधिकारियों को गाड़ी हैंड ओवर कर जिस फर्म से गाड़ी खरीदी गई थी, उससे टेक्निकल दिक्कत दूर कराने की मांग की है ताकी इसका संचालन किया जा सकें।

सांसद ने लगाया प्रशासन पर आरोप
आपको बता दें कि राजसमंद सांसद दीया कुमारी की ओर से भी 11 मई 2022 को रेण रेलवे स्टेशन के लिए दो बैटरी कार की स्वीकृति दी गई थीं। मगर आज 4 महीने बाद भी यह बैटरी कार रेण रेलवे स्टेशन पर नहीं पहुंच पाई है। इस संदर्भ में राजसमंद सांसद दीया कुमारी ने बताया कि मेरे मद से मैंने दो बैटरी कार के लिए स्वीकृति दी थी। इसका प्रोसेज बहुत लंबा होता है। कई बार प्रशासन की ओर से स्वीकृति में टाइम लग जाता है। मैं लगातार इस मामले को देख रही हूं। डीआरएम और कलेक्टर को भी कह रहीं हूं कि जल्द से जल्द बैटरी कार मिल जाए। अंबुजा ने जो बैटरी कार दी, उसके लिए भी हम लोगों ने ही प्रयास किया था। उनकरो किसी की सेंक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए उनकी बैट्री कार जल्दी आ गई। प्रदेश सरकार का जो प्रशासन है, उसका काम ही ऐसा है कि हमारा पैसा जल्दी नहीं पहुंच पाता है। हमें तो लगता है यह प्रदेश की कांग्रेस सरकार के प्रशासन का षड्यंत्र तो नहीं है। यहां का प्रशासन हमारे काम धीमी गति से कर रहा है।

प्लेटफार्म नंबर 2 पर नहीं है कोई सुविधा
आपको बता दें कि रेण कस्बे के प्लेटफार्म नंबर दो पर कोई सुविधा नहीं है। वहां न तो पीने के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था है और न ही छाया के लिए पर्याप्त टीन शेड की। वहां कोच इंडीकेशन बोर्ड भी नहीं है। साथ ही जो एफओबी बना है वह भी कवर्ड नहीं है। जिससे रेल यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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