दरियाव धाम में भाजपा पर जमकर बरसे गहलोत:हिंदू-मुसलमान के बीच ध्रुवीकरण अभी हिंदू को अच्छा लग रहा, पहले राम मंदिर की बात हुई थी, अब ज्ञानवापी! मगर ये अच्छी बातें नहीं

मेड़ता2 महीने पहले

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज रामस्नेही संप्रदाय की प्रधान पीठ दरियाव धाम रेण पहुंचे। उन्होंने वहां मंच पर विकास की बातें तो खूब की मगर सांप्रदायिक दंगे और हिंसा के बीच अयोध्या और वाराणसी पर भी काफी कुछ बोल गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू-मुसलमान कहके जो ध्रुवीकरण हो रहा है। हिंदू को बहुत अच्छा लग रहा है अभी। मजा आ गया। देखिए... पहले राम मंदिर की बात हुई थी। अब वो नया आ गया ज्ञानपीठ... ज्ञानवापी क्या है वो, वाराणसी के अंदर। ये बातें अच्छी नहीं है। लोंग टर्म के अंदर। हमें अगली पीढ़ी का भविष्य सुधारना है। वर्तमान पीढ़ी सही रास्ता दिखाएगी तो हमारे बच्चे, बेटे और पोते उनका भविष्य अच्छा रहेगा। अगर झगड़े, दंगे और खून-खराबा होगा ये किसी भी देश के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए मुझे कई बार चिंता होती है कि ये हो क्या रहा है इस देश के अंदर।

'मैं दंगे और हिंसा बर्दाश्त नहीं करूंगा' ऐसा कहने में पीएम कंजूसी कर रहे हैं
सीएम ने कहा कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में 13 पार्टियों ने मांग की कि प्रधानमंत्रीजी आप दो टूक बात करो देशवासियों से कि भई देखों मैं सब बर्दाश्त कर सकता हूं पर ये दंगे और हिंसा बर्दाश्त नहीं कर सकता। इसमें क्या दिक्कत है। इसमें वो कंजूसी कर रहे हैं। कंजूसी करने का समझ गए मेरा मतलब। कंजूसी कर रहे हैं। बोल नहीं रहे हैं। बोलना पड़ेगा उनको एक-न-एक दिन, क्योंकि सच्चाई हमारे साथ में है। सच्चाई इसमें है कि आप अपील करो प्रधानमंत्री के रूप में कि देश में शांति और भाईचारा रहे।

हमनें करौली.., जोधपुर... दंगों को बढ़ने नहीं दिया
आज माहौल जो बना हुआ है देश के अंदर। आप देखते होंगे अखबार में, पढ़ते होंगे। टीवी में देखते होंगे। अभी राजस्थान में भी करौली में, जोधपुर में दंगे हो गए। रामगंज में तनाव हो गया। यह अच्छी बात नहीं। हम सब मिलकर रहेंगे, तब जाकर राजस्थान और विकास करेगा। राजस्थान में हमने पुलिस को चाक-चौबंद किया, जिन्होंने तनाव और दंगे नहीं भड़कने दिए। एक आदमी की जान नहीं गई। जब हिंदू-मुस्लिम में दंगे होते हैं तो निर्दोष लोगों की जान चली जाती है। जो दंगा कराता है वो तो बचके भाग जाता है।

इस पावन धाम से संकल्प होना चाहिए कि हमें कोई भड़काएगा नहीं
यह पावन धाम है, यहां से संकल्प होना चाहिए कि हमें कोई भड़काएगा नहीं, भड़काने वाले बहुत थे। हम तो मोदीजी से कह रहे हैं कि आप अपील करो देश को, ये तो कोई गुनाह नहीं है। विपक्ष में हम लोग हैं। हम अपने देश के प्रधानमंत्री से रिकवेस्ट करते हैं कि पूरे देश में जगह-जगह तनाव हो गए, दंगे हुए थे। यह सब खत्म होने चाहिए। यह आप अपील करें जनता से कि जनता में प्रेम, शांति और मोहब्बत रहनी चाहिए। इसमें बुरा क्या है। दरियावजी महाराज भी यहीं कहते थे। सच्चाई और अहिंसा के मार्ग पर चलो।

"राम शब्द का मतलब- रा से राम और म से मोहम्मद, हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक थे दरियावजी महाराज'
दरियावजी महाराज ने कहा था कि राम में जो रा है उसका मतलब है राम और राम में तो म है उसका मतलब है मोहम्मद। ऐसी हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक दरियावजी महाराज थे। रेण पीठ से ज्यादा कौन समझ सकता है राम का मतलब।

हमें गर्व कि हम हिंदू है मगर दूसरे धर्म को नीचा न दिखाएं
हम राम भक्त और हिंदू नहीं है क्या। हमें गर्व है कि हम हिंदू है। महात्मा गांधी ने कहा था मुझे गर्व है मैं हिंदू हूं पर दूसरे धर्म जो है। मुस्लिम हो, सिक्ख हो, इसाई हो, पारसी, जैन हो- उनका सम्मान करना मेरा धर्म बनता है। इसमें क्या गलत बात है। हम सब हिंदू है। हमें गर्व है इस बात का कि हम हिंदू है पर इसका मतलब यह नहीं कि हम दूसरे धर्म को नीचा दिखाए। झगड़े करें, फसाद कराए, दंगे करवा दें, जान चली जाती है। इस दौरान गहलोत ने ब्रह्मलीन पीठाचार्य हरिनारायण महाराज की चरणपादुकाओं पर मत्था टेकर पूजा की। दरियाव महाराज की समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना की।

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