आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं का प्रदर्शन:एक सप्ताह से कार्य बहिष्कार जारी, बोलीं- नियमित करें सरकार, नहीं तो जारी रहेगा आंदोलन

मेड़ता11 दिन पहले
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन - Dainik Bhaskar
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

मेड़ता शहर के पब्लिक पार्क में आज शाम 5 बजे पूरे उपखंड क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की बैठक हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और कार्य बहिष्कार के निर्णय को आगे भी जारी रखने का फैसला लिया गया। इस दौरान पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा को मुख्यमंत्री के नाम अपना 5 सूत्री मांग पत्र सौंपा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर हमारी बात नहीं सुनी गई तो आने वाले दिनों में भी अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।

नियमित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने बताया कि वे पिछले लम्बे वक्त से अल्प मानदेय पर महिला एवं बाल विकास विभाग और आंगनबाड़ी से जुड़ा पूरा कार्य कर रहे हैं और वह भी केवल अल्प मानदेय पर। इतने कम मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में हम सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमित किया जाएं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की। कार्यकर्ताओं ने बताया कि अगर हमारी मांगों को अनदेखा किया गया तो हम अनिश्चितकालीन रूप से कार्य का बहिष्कार आगे भी जारी रखेंगे। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो वो होने वाले चुनाव में वोटिंग भी नहीं करेगी।

पिछले एक सप्ताह से जारी है कार्य का बहिष्कार

इस दौरान कार्यकर्ता मंजू, अमीर बानो, कमला चौधरी, सरला देवी, संजू आचार्य, उर्मिला, सुमन, कंचन, संगीता, लक्ष्मी, रामेश्वरी देवी सहित पूरे मेड़ता क्षेत्र की हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहीं। आज की बैठक में कार्यकर्ताओं ने आगामी 28 जनवरी को नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और मेड़ता विधायक इंदिरा बावरी को भी सरकार के नाम ज्ञापन देने का निर्णय लिया। आपको बता दें कि पिछले एक सप्ताह यानी 19 जनवरी से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ओर से कार्य का बहिष्कार करते हुए आंदोलन किया जा रहा है। वहीं इसी बीच हड़ताल के दौरान भी कल राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और बच्चों को मिठाइयां बांटने का निर्णय लिया गया।

इन 5 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन

  1. सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमित करने
  2. नियमन की प्रक्रिया हो तब तक हमारा मानदेय 20 हजार रुपए प्रति महीने करने
  3. सेवानिवृत होने पर 5 लाख रुपए नकद और 5 हजार रुपए प्रति महीने पेंशन दिए जाने
  4. प्रतिदिन अलग-अलग विभाग के कार्य को छोड़कर केवल महिला एवं बाल विकास विभाग के अंर्तगत आने वाले कार्य दिए जाने
  5. दैनिक कार्य का समय 4 घंटे तक ही रखे जाने की मांग की गई है।
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