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  • 22 Years Ago, Veerangana Had Fasted For 64 Days Waiting For Her Husband's Body, Then CM Bhairon Singh Shekhawat And Foreign Minister Vasundhara Raje Also Came To Celebrate.

कारगिल शहीद मंगेज सिंह बलिदान दिवस:22 साल पहले वीरांगना ने पति के शव के इंतजार में 64 दिनों तक किया था अनशन, तब के CM भैंरोसिंह शेखावत और विदेश मंत्री वसुंधरा राजे भी आये थे मनाने

नागौर13 दिन पहले
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हरनावां स्थित शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करतीं वीरांगना पूर्व सरपंच संतोष कंवर। - Dainik Bhaskar
हरनावां स्थित शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करतीं वीरांगना पूर्व सरपंच संतोष कंवर।

कारगिल युद्ध के शहीद सूबेदार मंगेज सिंह राठौड़ का आज रविवार को 22वां बलिदान दिवस है। इस मौके पर उनके गांव हरनावां स्थित शहीद स्मारक स्थल में वीरांगना पूर्व सरपंच संतोष कंवर ने सर्वप्रथम शहीद की प्रतिमा की पूजा कर श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद पौधारोपण भी किया गया।

कारगिल युद्ध में 22 साल पहले सूबेदार मंगेज सिंह राठौड़ की शहादत के बाद वीरांगना संतोष कंवर ने अपने जाबांज पति के शव के इंतजार में लगातार 21 दिनों तक अन्न-जल त्याग दिया, जिसके बाद तत्कालीन CM भैरोसिंह शेखावत व विदेश मंत्री वसुंधरा राजे खुद वीरांगना के गांव पहुंचे और समझाइश करते हुए वीरांगना को अपने हाथ से पानी पिलाया। बावजूद इसके शहीद का शव घर पर आने के 64 दिनों तक वीरांगना ने अनशन नहीं तोड़ा।

शहीद सूबेदार मंगेज सिंह राठौड़।
शहीद सूबेदार मंगेज सिंह राठौड़।

ऐसे मिली शहादत
शहीद मंगेज सिंह भारतीय सेना की 11 वी राजपूताना राइफल्स बटालियन में सूबेदार पद पर कार्यरत थे। कारगिल युद्ध के दौरान 6 जून 1999 को 10 सैनिकों के साथ सूबेदार मंगेज सिंह को तुर्तुक क्षेत्र में भेजा गया। यहां ऑटोमेटिक हथियारों से लैस पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के जवानों पर हमला कर दिया। इस दौरान सैनिक अपनी एलएमडी व मिडियम गन संभालते हुए टारगेट से 50 मीटर ही दूर ही थे। हमले में भारतीय सेना के 6 जवान घायल हो गए और एक गोली मंगेज सिंह को भी लगी। लेकिन घायल होने के बावजूद मंगेज सिंह घायल सैनिकों को संभालने और वहां से ले जाने का आदेश देकर आगे बढ़े। घायल हालत में ही आगे बढ़ मंगेज सिंह ने बंकर के पीछे पाकिस्तान सैनिकों पर कई राउंड फायरिंग की, जिससे 7 पाकिस्तानी सैनिक ढेर हो गए। इसी दौरान किसी पाकिस्तानी सैनिक की छुपकर की गई फायरिंग में मंगेज सिंह भी शहीद हो गए।

22 साल पहले तत्कालीन CM भैंरोसिंह शेखावत और विदेश मंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया वीरांगना से समझाइश करने शहीद मंगेज सिंह के गाँव पहुंचे थे ।फ़ाइल फोटो।
22 साल पहले तत्कालीन CM भैंरोसिंह शेखावत और विदेश मंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया वीरांगना से समझाइश करने शहीद मंगेज सिंह के गाँव पहुंचे थे ।फ़ाइल फोटो।

64 दिनों के बाद मिला शहीद का शव
वीरांगना संतोष कँवर सहित परिजनों को मंगेज सिंह के शहादत की जानकारी तो 6 जून 1999 को मिल गई पर उनकी पार्थिव देह तत्काल बरामद नहीं हो सकीय। जिसकी खोजबीन लगातार जारी रही और लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद भारतीय सेना को 5 अगस्त 1999 को शहीद की पार्थिव देह मिली।

मरणोपरांत मिला सम्मान
प्रदेश के इस वीर सपुत को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया और उनके नाम पर कारगिल में भारत के कब्जे वाले कुछ क्षेत्र का नामकरण मंगेज सिंह हरनावा के नाम से किया गया। वहीं, प्रदेश सरकार ने भी उनके नाम से एक विद्यालय का नामकरण किया।

शहीद सूबेदार मंगेज सिंह के 22 वे बलिदान दिवस पर पौधारोपण करते हुए।
शहीद सूबेदार मंगेज सिंह के 22 वे बलिदान दिवस पर पौधारोपण करते हुए।
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