80 लाख रुपए के डोडा-पोस्त से भरा लावारिस ट्रक पकड़ा:होटल पर खड़े ट्रक में नमक के कट्टों के नीचे छिपाया था 2508 किलो डोडा-पोस्त

नागौरएक महीने पहले
पुलिस टीम द्वारा जब्त किया गया ट्रक। - Dainik Bhaskar
पुलिस टीम द्वारा जब्त किया गया ट्रक।

नागौर सदर थाना पुलिस ने NH-89 पर गोगेलाव सरहद में एक होटल पर लावारिस खड़े नमक के कट्टों से भरे ट्रक में 80 लाख रुपए का अवैध डोडा पोस्त जब्त किया गया है। ट्रक में नमक के कट्टों के नीचे 2508 किलो अवैध डोडा-पोस्त छिपाकर भरा हुआ था। पूरी कार्रवाई सदर SHO रूपाराम के नेतृत्व में DST और सदर पुलिस टीम ने मिलकर खुफिया इनपुट्स के आधार पर अंजाम दी। फिलहाल पुलिस ट्रक मालिक की तलाश कर रही है। वहीं ट्रक व माल जब्त कर मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।

नागौर CO विनोद कुमार सीपा ने बताया कि रविवार को सदर पुलिस गश्त पर थी। इस दौरान खुफिया इनपुट्स के आधार पर सदर SHO रूपाराम के नेतृत्व में DST और सदर पुलिस टीम ने गोगेलाव सरहद में होटल वीर तेजा के बाहर लावारिस खड़े एक ट्रक की तलाशी ली। तलाशी में पुलिस टीम को ट्रक में कुल 325 नमक के कट्टे मिले। जब इन कट्टो को हटाकर नीचे देखा गया तो वहां भारी मात्रा में डोडा पोस्त भरा हुआ था। वजन कराने पर 2508 किलो डोडा-पोस्त भरा हुआ मिला। डोडा-पोस्त व ट्रक को जब्त कर लिया गया है। वहीं मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

10 सालों में नशा तस्करी के खिलाफ नागौर पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई
नागौर CO विनोद कुमार सीपा ने बताया कि प्रारम्भिक जांच पड़ताल में पता चला है कि ट्रक मालिक जोधपुर का है। मामले में पुलिस टीमें लगाकर पुरे खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। ये कार्रवाई पिछले 10 सालों में नशा तस्करी के खिलाफ की गई नागौर पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई है।

सरकार ने प्रतिबंध लगाया इसलिए 6 साल में बढ़ी तस्करी
राजस्थान में डोडा-पोस्त बेचने की अनुमति थी। आबकारी विभाग की ओर से जिलाें में डोडा-पोस्त का ठेका दिया जाता था और ठेकेदार नियमानुसार दुकानों पर बेचता था। उस समय डोडा-पोस्त की तस्करी बड़े पैमाने पर नहीं होती थी। एक अप्रैल, 2016 से सरकार ने राजस्थान में डोडा-पोस्त बैन कर दिया। उसके बाद से तस्करी और अवैध कारोबार बढ़ गया।

डोडा-पोस्त तस्करो का हब बन चुका है नागौर
नागौर डोडा-पोस्त तस्करों के लिए हब बना हुआ हैं। पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर और बीकानेर सहित सीमावर्ती जिलों में जाने वाले नशे का रूट तो नागौर है ही, साथ में पंजाब, हरियाणा की खेप भी नागौर से ही गुजारी जाती है। इसके साथ ही नागौर में भी नशे के बड़े तलबगार मौजूद है। मध्यप्रदेश में सख्ती हाेने से डोडा-पोस्त महंगा बिक रहा है। इसके चलते ज्यादा मुनाफे के चक्कर में तस्करी भी बढ़ गई है।