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हत्या का खुलासा:पैसों के लिए बनाड़ में की थी युवक की हत्या, लाश ले 4 घंटे वहीं घूमे आरोपी, सुबह नागौर ला कुएं में फेंका शव

नागौर9 महीने पहले
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इस कार में लेकर आए शव। कोतवाली में रखी कार। - Dainik Bhaskar
इस कार में लेकर आए शव। कोतवाली में रखी कार।
  • दो जनों ने गला दबाकर की थी हत्या, नागौर में चार जनों ने लाश को लगाया ठिकाने, सबको दबोचा

मेला मैदान के कुएं से शनिवार तड़के तीन बजे निकला शव शहर के खटीकों का मोहल्ला निवासी शशि तोसावड़ा उर्फ कानाराम पुत्र ताराचंद का था। यह युवक जोधपुर से कपड़े लाने का बोलकर घर से निकला था जिसकी आरोपियों ने पैसों के लालच में गला दबाकर जोधपुर के बनाड़ में हत्या कर दी थी।

हत्या के बाद आरोपी मृतक की लाश को लेकर जोधपुर रेलवे स्टेशन सहित घंटों तक जोधपुर कमिश्नरेट एरिया में ही घूमते रहे। जब सुबह होने लगी तो आरोपी यहां नागौर पहुुुंचे और अपने दो और साथियों को बुलाकर लाश को मेला मैदान स्थित 200 फीट गहरे कुएं में फैंक दिया था।

पुलिस ने 12 घंटे मशक्कत के बाद शनिवार तड़के 3 बजे शशि की लाश को कुंए से बाहर निकाला और शिनाख्त करवाई। इसके कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों के साथ सहयोग करने में दो विधि से संघर्षरत बालकों को उठा लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे शशि की हत्या करने के बाद उसकी कार को बेचने वाले थे। इसीलिए उन्होंने शशि को मारा था। उल्लेखनीय है कि लगातार बढ़ते अपराधों से लोगों में भय व्याप्त है।

बेखौफ इतने- जिस बनाड़ में हत्या की वह इलाका कमीश्नरेट में आता है, वहां शव गाड़ी में ले घूमे भी

पुलिस को जैसे ही कुएं में शव की सूचना मिली तो मृतक के फोन की कॉल डिटेल व लोकेशन सहित अन्य जानकारियां निकाली गई। इसमें सामने आया कि आरोपी जोधपुर के अलावा यहां नागौर में भी आया था। पुलिस को यह भी पता चल गया कि मृतक शशि के साथ कुम्हारी दरवाजा निवासी बृजेश पुत्र श्रवण जाति खटीक तथा कुम्हारी दरवाजा निवासी किशोर भार्गव पुत्र भीखाराम भी साथ में थे।

दोनों को ट्रैक किया तो बृजेश की लोकेशन बड़ौदा में आई। पुलिस को शक हुआ कि इतने कम समय में कोई कैसे बड़ौदा पहुंच सकता है? पुलिस ने दोनों के साथियों को उठाया और पूछताछ कर दोनों आरोपियों को भी जोधपुर से दबोच लिया।

लाश को कुएं में फेंक उसी कार में बेखौफ घूमते रहे आरोपी, परिजनों को देख लावारिस छोड़ भागे कार

कोतवाली थाना प्रभारी जीतेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपी बृजेश व किशोर ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि उन्होंने 11 मार्च की रात 11 बजे जोधपुर के बनाड़ में ही शशि की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव कार की डिक्की में डाल दिया।

इसके बाद करीब चार घंटे तक वे जोधपुर कमिश्नरेट के रेलवे स्टेशन सहित अन्य जगहों पर घूमते रहे। सुबह होने लगी तो आरोपी 7 बजे नागौर पहुंचे। मैला मैदान के पास कार की नंबर प्लेट हटाई और पहचान बिगाड़ी। इसके बाद अपने दो और साथियों को लाश ठिकाने लगवाने के लिए बुलाया। इस तरह बृजेश एवं किशोर के साथ दो और नाबालिगों ने शशि की लाश को कुएं में फेंक दिया।

9 मार्च रात 9:55 पर : अंतिम बार परिजनों से बात- मैं जोधपुर से रवाना हो गया हूं...

11 मार्च को शशि तोसावड़ा की थाने में गुमशुदगी दर्ज हुई। इसमें ताराचंद तोसावड़ा ने बताया कि उसका बेटा 9 मार्च की दोपहर 2 बजे जोधपुर जाने का बोलकर निकला है। रात 9 बजे परिजनों से बात हुई तो शशि ने बताया था कि वह जोधपुर से रवाना हो गया है। इसके बाद 9:55 पर कार मालिक सुनील ने जब शशि को फोन किया तब भी उसने जोधपुर से चलने की बात कही थी।

इसके बाद उसका फोन बंद आने लगा। अगले दिन 10 मार्च को जब शशि कार लेकर घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। कोतवाली के पास शशि की कार में परिजनों ने बृजेश एवं तीन अन्य को बैठे देखा था। परिजनों ने कार का पीछा किया, लेकिन आरोपी रुके नहीं। इसके बाद शाम पौने पांच बजे कार लावारिस अवस्था में वाटरवर्क्स चौराहे के पास से बरामद हुई।

उस समय कार के नंबर प्लेट हटाई हुई थी। और कार से पहचान भी मिटाई हुई थी। परिजनों ने कार को पहचान लिया। इस तरह कार के बरामद होने एवं शशि के घर नहीं पहुंचने पर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। अगले दिन 11 मार्च को शशि के पिता ताराचंद ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इधर पता चला कि एक लाश मेला मैदान के पास कुएं में पड़ी है।

1. चालाकी: नाबालिग ने भी बचने का भरपूर किया प्रयास, खुद ही पुलिस के सामने बातें बनाते उलझता गया, पुलिस का शक गहराया

एसएचओ जीतेन्द्र सिंह ने बताया कि वारदात से एक नाबालिग ने भी बचने के लिए खूब चतुराई दिखाई। यह नाबालिग लाश को ठिकाने लगाने के बाद वापस परिजनों के पास पहुंचा और बोला कार उसने बृजेश के पास देखी है। बृजेश ने कार में उसको घुमाया भी था, लेकिन उस कार में शशि नहीं था।

इस तरह जब पुलिस को उस नाबालिग पर भी शक हुआ तो पुलिस ने उससे पूछताछ की तो वह भी फूट पड़ा और बोल दिया उसने भी एक पैर पकड़कर शशि की लाश को कुंए में पटकने में सहयोग किया है। नाबालिग ने बताया कि उसने पकड़े जाने के डर से किसी को कुछ नहीं बताया।

2. संवेदनहीनता: मृतक का 12 हजार का मोबाइल 5 हजार में बेचा, साइलेंसर की मिट्‌टी भी 1500 में बेच डाली थी सभी आरोपियों ने

एसएचओ ने बताया कि आरोपी पैसों के इतने भूखे हैं कि उन्होंने मृतक के मोबाइल को भी बेच दिया। इसके अलावा कार के साइलैंसर की मिट्टी को भी निकालकर बेच दिया था। पुलिस के अनुसार बृजेश पेशे से मिस्त्री है और वह चार शादियां कर चुका है।

आरोपी बृजेश एवं किशोर यह प्लान बनाए हुए थे कि उनके साथ जो भी चलेगा उसी को वे मारेंगे और उसकी कार को बेच देंगे। उसी समय आरोपियों के हाथ शशि लग गया, जिसको उन्होंने मार डाला। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने मृतक का मोबाइल 5 हजार में और कार के साइलेंसर की मिट्‌टी 1500 रुपए में बेची थी।

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