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ऑक्सीजन की आपूर्ति:10 दिन में तैयार हो जाएगा 65 सिलेंडर का नया प्लांटच; चिंता-ऑक्सीजन की कालाबाजारी शुरू, मरीज तड़प रहे

नागौरएक महीने पहले
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नागौर.ऑक्सीजन के 12 सिलेंडरों की पर्ची। - Dainik Bhaskar
नागौर.ऑक्सीजन के 12 सिलेंडरों की पर्ची।
  • असर }अब 108 एंबुलेंस के लिए मांग अनुसार होगी ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति, नागौर से अभी हॉस्पिटल को 34 व डीडवाना से 24 सिलेंडर प्रतिदिन प्राप्त हो रहे हैं

कोरोना महामारी के फैले संक्रमण के बीच राहत भरी खबर है। पंडित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में बन रहा ऑक्सीजन प्लांट 10 दिन में तैयार हो जाएगा। नया प्लांट 65 सिलेंडर ऑक्सीजन क्षमता का है। अभी जो प्लांट चल रहा है वह प्रतिदिन 34 सिलेंडर उत्पादन क्षमता का है। इसके साथ ही अंबूजा भी यहां जेएलएन में बड़ा प्लांट लगाने वाली है जिसके लिए शुक्रवार को जगह चिन्हित कर ली गई है। वर्तमान में जिले में रोजाना 450 सिलेंडर ऑक्सीजन की जरुरत है जिसे प्रशासन यहां-वहां से पूरी करने की कोशिश में जुटा है लेकिन पर्याप्त आपूर्ति हो नहीं पा रही है।

कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी के प्रयासों से जल्द ही अपना जिला ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनने वाला है। जिले में सुचारू ऑक्सीजन के लिए सांसद हनुमान बेनीवाल भी लगातार प्रयास में जुटे हैं। एक दिन पहले ही बेनीवाल ने जयपुर व दिल्ली में उच्चााधिकारियों व मंत्रियों से बात भी की थी। उधर, जिले में ऑक्सीजन की कमी के चलते इसकी कालाबाजारी भी शुरू हो गई है।

इधर, रीको के मुख्य प्रबंधक विपोन मेहता ने बताया कि जिले में ऑक्सीजन की आपूर्ति बीकानेर एवं किशनगढ़ से हो रही है। बीकानेर से 150 तथा किशनगढ़ से 100 ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। वहीं नागौर प्लांट से हर दिन 34 व डीडवाना प्लांट से 24 सिलेंडर मिल हो रहे हैं।

अारोप: 10 हजार के सिलेंडर की ब्लैक में अढ़ाई गुणा तक वसूल रहे कीमत, परेशान अस्पताल संचालक ने पुलिस तक पहंुचाई शिकायत
नागौर| देश कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है। संक्रमित हॉस्पिटल एवं एम्बुलेंस में बगैर ऑक्सीजन के दम तोड़ रहे हैं और सप्लायर ऐसी महामारी में भी मुनाफा कमाने में जुटे हैं। कुछ लोग हॉस्पिटलों में भर्ती मरीजों की जिंदगी बचाने की बजाय उनके सिलेंडरों की कालाबाजारी में ही जुट गए। ऐसे में मरीज दम तोड़ रहे हैं। बावजूद ऐसे कालाबाजारियों के खिलाफ किसी तरह की प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके चलते ऑक्सीजन सिलेंडरों की कालाबाजारी जोरों पर हैं।

नागौर निवासी डाॅ. हापूराम चौधरी ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत भी सौंपी है। शिकायत में बताया कि वे महादेव हॉस्पिटल का संचालक करते हैं। कोविड-19 महामारी में अस्पताल को सरकारी आदेश के अनुसार कोविड-19 डेडिकेटेड सेंटर बनाया गया है। कोविड-19 सेंटर बनाने पर अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता रहती है। इस आवश्यकता के मद्देनजर शिव शक्ति गैस एजेंसी सप्लायर्स किले की ढाल से संपर्क किया एवं अस्पताल में भर्ती 3 कोरोना वायरस के रोगियों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति के लिए 28 अप्रैल को डिमांड लेटर जारी किया था।

इसकी पालना में उन्हें सप्लायर ने 29 अप्रैल सुबह 9:46 बजे दो ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति की थी। रिपोर्ट के अनुसार पूछने पर उन्होंने बताया कि दो सिलेंडर ही स्वीकृत हुए हैं। जबकि मरीजों के हिसाब से कम से कम 12 सिलेंडर की आवश्यकता बताई थी। इस तरह संदेह हुआ तो डॉ. हापूराम ने इस बारे में पूछताछ की तो सामने आया कि महादेव अस्पताल नागौर के नाम से विक्की ने मातेश्वरी ट्रेडर्स एफ 405 ए सेकंड फेस बासनी जोधपुर से 12 ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त किए हैं जबकि डॉ. हापूराम के अस्पताल को केवल दो ही ऑक्सीजन सिलेंडर सुपुर्द किए थे।

इस प्रकार शेष 10 ऑक्सीजन सिलेंडर को गबन करते हुए कालाबाजारी कर दी। इस प्रकार सप्लायर ने जानबूझकर धोखाधड़ी करते हुए पैसों के लालच में कई भर्ती रोगियों का जीवन संकट में डाला तथा अपने अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को रेफर करना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार एक बड़ा सिलेंडर दस-ग्यारह हजार रुपए का आता है जिसमें पहले 350 रुपए की ऑक्सीजन गैस आती थी, लेकिन अब इस पर 50 रुपए बढ़ गए हैं। इसलिए इसकी कीमत 400 रुपए प्रति सिलेंडर है। लेकिन कोरोना के चलते बढ़ी कालाबाजारी में एक ऑक्सीजन का बड़ा सिलेंडर 20 से 25 हजार रुपए में बिक्री किया जा रहा है। लोगों के घरों में ऑक्सीजन सिलेंडर रखे हुए हैं यह जानकारी कलेक्टर के पास पहले ही पहुंच चुकी थी। उन्होंने बताया था कि जानकारी में आया है कि स्थानीय लोगों ने अपने घरों मे अवैधानिक रूप से ऑक्सीजन सिलेंडर रखे हुए हैं।

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