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हॉस्पिटल के बाहर बिक रहे अबॉर्शन किट:बिना डर के 700 रुपए में दिया MTP किट, बोले: कोई रिस्क नहीं, इसे लेने के बाद ज्यादा तबीयत खराब हो भी जाए तो उसका भी इलाज

नागौर2 महीने पहले
खुलेआम गर्भपात की टेबलेट बेचते।

नागौर के नावां शहर में मेडिकल स्टोर संचालक खुलेआम गर्भपात करा रहे हैं। डॉक्टर पर्ची के बिना मेडिकल स्टोर 500 से 800 रुपए लेकर गर्भपात का सामान बेच रहे हैं। दैनिक भास्कर टीम ने स्टिंग करते हुए इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ बोगस ग्राहक बनकर किया है।

स्टिंग के दौरान टीम नावां शहर के कुछ मेडिकल स्टोर पर MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी किट) खरीदने गई। इस दौरान कई दवा विक्रेता डॉक्टर की पर्ची के बिना ही गर्भपात की दवा देने को राजी हो गए। एक दुकानदार ने तो मांगते ही गर्भपात किट काउंटर पर लाकर रख दी।

गर्भपात किट देने के बाद पूरा पूरा तरीका भी समझाया
यहां राजकीय CHC के बाहर स्थित दो मेडिकल स्टोर पर भास्कर टीम के प्रतिनिधि ने पहुंच कर मेडिकल स्टोर संचालक से गर्भ गिराने के लिए दवा मांगी। गर्भपात से जुड़ी दवा बिना डॉक्टर की सलाह और पर्ची के बेचना प्रतिबंधित होने के बावजूद मेडिकल स्टोर संचालकों ने उसे यह दवा तुरंत हाथ में थमा दी। इस दौरान भास्कर टीम ने दवा के उपयोग ओर नुकसान के बारे में पूछा तो दोनों मेडिकल संचालकों ने दवा कैसे ओर कब लेनी है इसकी पूरी जानकारी भी दी।

बिना डॉक्टरी सलाह के जानलेवा होता है गर्भपात किट का उपयोग
गर्भपात की दवा बिना डॉक्टर की देख रेख में लेना जानलेवा भी हो सकता है। कई बार इन मेडिसिन से ब्लीडिंग बन्द नहीं होती और ऐसे में ज्यादा खून बहने व समय पर उपचार नहीं मिलने की स्थिति में महिला की मौत भी हो सकती है। गर्भपात की दवा केवल डॉक्टर की निगरानी में ही गर्भवती महिला को दी जाती है। जिससे अधिक रक्त बहाव होने या अन्य समस्या होने पर तत्काल उपचार किया जा सके।

ये कहता है नियम
नियमानुसार लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर गर्भपात की दवा रख तो सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की पर्ची के बिना उसकी बिक्री नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा उन्हें गर्भपात की दवा का खरीद-बिक्री का हिसाब भी रखना पड़ता है।

इस बारे में जब नागौर CMHO डॉक्टर मेहराम महिया से बात की गई तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए ड्रग इंस्पेक्टर से बात करने को कहा। उनका कहना था कि अगर इस प्रकार गर्भपात की टेबलेट्स बेची जा रही हैं तो इस पर कार्रवाई करना ड्रग एडीसी और इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी है। उनका तो कुछ लेना देना ही नहीं है। वहीं जब ड्रग इंस्पेक्टर महेन्द्र बाज्या से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अगर मेडिकल स्टोर पर गर्भ गिराने की दवा बेची जा रही है तो जल्द ही कार्रवाई करेंगे।

मेडिकल दुकान संचालक से स्टिंग के दौरान हुई बातचीत

  • भास्कर- एक माह का गर्भ गिराने के लिए कोई दवा है क्या।
  • विक्रेता- हां है सात सौ रुपए की है। लेनी हो तो ही लाऊं।
  • भास्कर- हां लेनी है, लेकिन कोई रिस्क तो नहीं है।
  • विक्रेता- नहीं कोई रिस्क नहीं है। किट में से एक पहले लेनी है ओर दो गोली बारह घण्टे बाद ओर शेष दो गोली उसके बारह घण्टे बाद लेनी है।
  • भास्कर- ज्यादा ब्लीडिंग जैसी कोई पेरशानी तो नहीं होगी।
  • विक्रेता- हो सकती है। ऐसा कुछ हो तो ब्लीडिंग को रोकने की दवा भी ले जाना।

इनपुट : अरुण जोशी (नावां)

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