नमक के अवैध कारोबार पर JCB:भास्कर की खबर से चेता प्रशासन, अवैध क्यारियां हटाई; 'महेंद्र' टैक्स से चलती थीं !

नागौर3 महीने पहले

देश की दूसरी सबसे बड़ी नमक की झील सांभर झील में चल रहे नमक के अवैध धंधे पर मंगलवार को भास्कर खुलासे के बाद माफियाओ से लेकर अधिकारियों तक में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में नावां तहसीलदार सतीश राव JCB लेकर सरकारी अमले के साथ सांभर झील एरिया पहुंचे। यहां आउ गांव के पास झील किनारे करीब 21 बीघा जमीन पर बनी नमक की अवैध क्यारियों को JCB से तहस-नहस किया गया।

कार्रवाई की भनक लग जाने से नमक माफिया और उसके गुर्गे पहले ही मौके से भाग गए। बताया जा रहा है कि ये सभी अवैध नमक क्यारियां नावां क्षेत्र में नमक कारोबार संचालित करने को लेकर अवैध वसूली के लिए कथित रूप से चल रहे 'महेंद्र टैक्स' के रहमोकरम पर संचालित थी। नावां तहसीलदार सतीश राव ने बताया कि मंगलवार को पुलिस-प्रसाशन की संयुक्त टीम नावां में नमक झील क्षेत्र की जमीन पर चल रहे अवैध नमक के क्यारे हटाने पहुंची थी। आउ गांव के पास की सरहद में करीब 21 बीघा जमीन पर बने नमक के अवैध क्यारों को जस्ब से ध्वस्त किया गया है।

सफेद नमक का काला कारोबार, अवैध था इसलिए कार्रवाई के दौरान हक जताने कोई नहीं पहुंचा।
सफेद नमक का काला कारोबार, अवैध था इसलिए कार्रवाई के दौरान हक जताने कोई नहीं पहुंचा।

मालिकाना हक जताने कोई नहीं पहुंचा
इस दौरान मौके पर कोई भी इन अवैध क्यारों का मालिकाना दावा करने नहीं पहुंचा था। इन क्यारों को संचालित करने वाले माफिया का पता लगाया जा रहा है। झील क्षेत्र से अवैध नमक क्यारों को हटाने की कार्रवाई फिलहाल जारी है। वहीं इस बारे में जब नावां SDM बृह्मलाल जाट से बात की गई तो उन्होंने खुद के कोर्ट में होने और कोई जानकारी नहीं होने का हवाला दिया।

साल्ट लेक एरिया में बोरिंग बैन है, फिर भी पाइपों का जाल।
साल्ट लेक एरिया में बोरिंग बैन है, फिर भी पाइपों का जाल।

भास्कर पड़ताल में सामने आया ये सच
गौरतलब है कि भास्कर पड़ताल में सामने आया था कि जयपुर,अजमेर व नागौर तीन जिलों में फैली सांभर झील के पास लोगों ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। खाली जमीन पर पाइपों के जरिए खारे पानी को लाया जाता है। यहां पानी को क्यारियों में इकट्ठा किया जाता है। पानी सूखने के बाद पीछे नमक बच जाता है। जिस जमीन पर नमक बनाते है, उसे खारड़ा कहते हैं। इस नमक को एकत्रित कर जेसीबी से ट्रैक्टर और डम्पर में भरकर रिफाइनरी तक पहुंचाया जाता है। रिफाइन होने के बाद नमक को कट्‌टों में पैक कर देशभर में सप्लाई किया जाता है।

जेसीबी से हटाई 21 बीघा में फैली नमक की क्यारियां।
जेसीबी से हटाई 21 बीघा में फैली नमक की क्यारियां।

साल्क लेक एरिया में बोरिंग बैन
भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में ये भी सामने आया था कि सांभर झील के पास बोरिंग करने पर प्रतिबंध है, लेकिन अगर ‘महेंद्र टैक्स’ दे देते हैं तो बेरोकटोक बोरिंग कर सकते हैं। बिना ये टैक्स दिए न तो कोई बोरिंग कर सकता है और न ही खारे पानी को निकाल सकते हैं। भास्कर को राधेश्याम नाम के शख्स ने बताया था कि एक बोरिंग के लिए करीब 20 हजार रुपए देने होते हैं। यह टैक्स प्रशासन से लेकर हर जगह बंटता है।

सांभर झील पर अवैध कारोबार का ‘महेंद्र टैक्स’:कांग्रेस नेता की करोड़ों की कमाई में रोड़ा बन रहा था भाजपा नेता

नावां मर्डर के आरोपियों को किया कोर्ट में पेश:मोती सिंह और शूटर रणजीत समेत 4 आरोपियों को 25 तक PC रिमांड पर भेजा, दो आरोपियों को JC के आदेश