बजरी की लीजों का ड्राेन सर्वे:सुप्रीम काेर्ट के आदेश के बाद खान विभाग बजरी खनन पट्टों का करा रहा है ड्रोन सर्वे

नागौरएक महीने पहले
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खान एवं भू विज्ञान विभाग सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनुपालना में नदी क्षेत्र से 5 किलोमीटर दूर स्थित बजरी की लीजों का ड्राेन सर्वे करा रहा है। तीन दिन चलने वाले सर्वे की शुरूआत सोमवार से हुई। इस सर्वे के माध्यम से जाना जाएगा कि लीज होल्डर ने खनन पट्टों में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं। एसएमई जेके गुरुबक्षाणी ने बताया कि नागौर में यह सर्वे शुरू कराया गया है। प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अग्रिम आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नागौर में बजरी के कुल 16 खनन पट्टे बचे हैं। ये खनन पट्टे नदी क्षेत्र से 5 किलोमीटर से अधिक दूरी पर हैं। वर्तमान में तहसील जायल में 6 एवं तहसील मूंडवा में 10 कुल 16 खनिज बजरी के खनन पट्टे स्वीकृत होकर प्रभावशील है। एमई धीरज पंवार ने बताया कि ड्रोन सर्वे का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। इसलिए हो रहा है सर्वे | एसएमई गुरुबक्षाणी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा एसएलपी. संख्या 10587/2019 बजरी लीज होल्डर्स वेलफेयर सोसायटी बनाम राजस्थान राज्य व अन्य में 11 नवंबर 2021 को सेन्ट्रल एम्पावर्ड कमेटी द्वारा दिनांक 23 दिसंबर 2020 को प्रस्तुत रिपोर्ट के बिंदु संख्या ’जे’ पर वर्णित सिफारिश के अतिरिक्त शेष सिफारिशें तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए आदेश जारी किए थे।

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