खेती-किसानी:कृषि मंडी की ब्याजमाफी योजना 30 सितंबर तक बढ़ाई, 75 फीसदी छूट भी

नागाैरएक वर्ष पहले
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  • 2019 के तक बकाया मामले निपटाकर व्यापारी योजना का ले सकते हैं लाभ

कोरोना महामारी के चलते आर्थिक संकट से जूझ रहे व्यापारियों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने कृषि विपणन विभाग की ब्याज माफी योजना 30 सितंबर तक बढ़ा दी है। पहले ब्याज माफी योजना 2019 के तहत बकाया राशि 25 प्रतिशत ब्याज के साथ जमा करवाने की अंतिम तिथि 30 जून थी। 

राज्य की विभिन्न कृषि उपज मंडी समितियों में मंडी शुल्क, आवंटन शुल्क एवं अन्य बकाया राशि की वसूली एवं लंबित प्रकरणों के निस्तारण के दृष्टिगत विभाग द्वारा ब्याजमाफी योजना-2019 लागू की गई थी। इसमें 31 मार्च तक मूल बकाया राशि पर देय ब्याज में 75 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई थी। 

कोरोना महामारी के चलते देश में लॉकडाउन लागू होने के कारण योजना 30 जून तक बढ़ा दी गई। जून में भी आर्थिक गतिविधियां सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाई। व्यापारियों ने योजना के तहत समय बढ़ाने की मांग की थी। इस पर राज्य सरकार ने योजना की तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। मंडी समिति के अधिकारियों के अनुसार 2019 तक सैकड़ों प्रकरण लंबित हैं। 30 सितंबर तक व्यापारी प्रकरण निपटाकर बकाया राशि पर 75 प्रतिशत तक छूट प्राप्त कर सकते हैं।

कृषि उपज मंडी के सचिव यशपाल चौधरी ने बताया कि वर्ष 2019 तक बकाया प्रकरणों का निपटारा करवा व्यापारी 30 सितंबर तक बकाया राशि जमा करवा सकते हैं। राज्य सरकार ने ब्याजमाफी योजना की तिथि बढ़ा दी है। इसका व्यापारियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ लेना चाहिए। इसको लेकर कोई अपडेट आया तो जल्द बता देंगे।

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