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विरोध किया:अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ ने राज्य सरकार को चेतावनी दी, कर्मचारियों की जबरन वेतन कटौती ठीक नहीं

नागौरएक महीने पहले
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समर्पण पत्र नियुक्ति अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। - Dainik Bhaskar
समर्पण पत्र नियुक्ति अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें।

अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि शिक्षकों, प्रबोधकों तथा कर्मचारियों की जबरन वेतन कटौती की गई तो संगठन द्वारा विरोध किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह चंपावत ने महासंघ के समस्त घटक दलों से आह्वान किया है कि वे इस वेतन कटौती का पुरजोर विरोध करें। राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी इस तरह का निर्णय लिया गया था।

जिसके विरूद्ध अखिल राजस्थान कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के समक्ष रीट याचिका दायर कर चुनौती दी है। संघ की तरफ से अधिवक्ता कुलदीप माथुर एवं धीरेंद्र सिंह सोडा द्वारा पैरवी करते हुए तर्क दिया की वेतन कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है, जिसको बिना कर्मचारी की सहमति दिए किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा सकती।

ऐसे में सरकार द्वारा कर्मचारियों के वेतन मैं प्रतिमाह वेतन कटौती का आदेश विधि विरुद्ध होने से अपास्त किए जाने योग्य है। जिस पर माननीय न्यायधीश दिनेश मेहता द्वारा प्रारंभिक सुनवाई के पश्चात सरकार से जवाब तलब करते हुए नोटिस जारी किए गए। प्रदेशाध्यक्ष हरलाल सिंह डूकिया ने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा पुनः कर्मचारी संगठनों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपने कर्मचारियों को स्वैच्छिक वेतन कटौती के लिए समर्पण पत्र नियुक्ति अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें।

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