शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा:भारत के साथ ही मॉरिशस और नेपाल सहित विश्व के 15 देश हिंदू राष्ट्र बनने को तैयार

नागौर10 दिन पहले
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गोवर्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कहा है कि भारत अगर हिंदू राष्ट्र हुआ तो सालभर के भीतर विश्व के पंद्रह देश हिन्दू राष्ट्र घोषित हो जाएंगे। कोरोना काल में 9 महीने तक हमनें रिसर्च किया। विश्व में कुल 204 देश हैं।

इनमें से 53 देशों में हिंदू रहते हैं। कुछ माह पहले एक सम्मेलन हुआ था, जिसमें कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने हिंदू राष्ट्र को लेकर कहा कि सरकार इसे हिंदू राष्ट्र घोषित करती है तो नेपाल और मॉरिशस सहित दुनिया के 15 देश हिंदू राष्ट्र घोषित होने की तैयारी में हैं।

देश में गायों में लंपी वायरस से गायों की मौत को लेकर भी जताई चिंता, कहा गायों को बचाना होगा

साथ ही स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने एक विवादित बयान दिया, काशी में ज्ञान वापी मामले पर किए गए सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि हमारी दृष्टि केवल काशी, मथुरा तक सीमित नहीं है। बल्कि मक्का में मक्केश्वर महादेव तक है। इस पर वह बोल पड़े कि आप ज्ञान वापी की बात करते हो... मैं तो मक्का के मक्केश्वर महादेव तक पहुंच गया। यह हिंदुओं की आस्था का केंद्र है।

आजकल के युवा पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ रहे है, जिस पर शंकराचार्य ने कहा कि मैंने भी दिल्ली में पढ़ाई की है, लेकिन मुझ पर तो यह हावी नहीं हुई। शहर में श्री गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने रविवार दोपहर 12 बजे चेनार रोड स्थित माली समाज भवन में हिन्दू राष्ट्र-संगोष्ठी को संबोधित भी किया।

विकास करते समय आप पर्यावरण को मत भूलिए: देश में गायों में लंपी वायरस से गायों की मौत को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि हमें लंपी से गायों को बचाना होगा। पृथ्वी को धारण करने में गाय सबसे पहले पायदान पर है। स्कंद पुराण के अनुसार पृथ्वी को धारण करने वाले 7 तत्व है।

इनमें से किसी भी तत्व में विकृति आती है तो पृथ्वी का संतुलन बिगड़ जाता है। विकास के नाम पर धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष का लोभ होने से विकृति उत्पन्न हुई है, इससे चंद्रमा की धरती तक धंस चुकी है, पर्यावरण को मत भूलिए।

कहा: भारत अपने आप में सशक्त हिंदू राष्ट्र
शंकराचार्य निश्चलानंद ने वैदिक गणित पर कई रिसर्च किए और कई ग्रंथ भी लिखे, लेकिन आज भी हमें पाइथागोरस प्रमेय की गणित पढ़ाई जा रही है। वैदिक गणित पर 22 ग्रंथ लिख चुके है। शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती गणित के बड़े विद्वान है। वैदिक गणित पर इन्होंने खूब काम किया है। विश्व के अनेक बड़े विश्वविद्यालयों में इनकी वैदिक गणित पढ़ाई जा रही है। हिंदू राष्ट्र को लेकर कहा कि हमारा भारत अपने आप में एक सशक्त हिंदू राष्ट्र है।

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