नावां मर्डर केस में BJP-RLP का नया गठबंधन:राज्यसभा चुनाव से पहले BJP के धरने को सांसद ने किया लीड

नागौरएक महीने पहले

नागौर के नावां में बीजेपी नेता और नमक कारोबारी की हत्या के बाद अब BJP-RLP के बीच नया गठबंधन देखने को मिला। इस मर्डर में नावां MLA महेंद्र चौधरी व उनके भाई का नाम सामने आने के बाद विरोध-प्रदर्शन के लिए BJP-RLP एक मंच पर आ गए। हालांकि ये पहला मौका नहीं था जब BJP-RLP नजदीक नहीं आई हो। इससे पहले लोकसभा चुनावों में गठबंधन से लेकर पंचायत चुनावों में एक-दूसरे का साथ देने के अलावा विधानसभा में भी दोनों पार्टियां मिलकर सत्ता पक्ष कांग्रेस से दो-दो हाथ करते हुए दिखाई दे चुकी है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्यसभा चुनावों को देखते हुए दोनों पार्टी एक हो गई है। इस बार मामला थोड़ा अलग था। क्योंकि, पिछले लंबे समय से नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल BJP और BJP के प्रदेश नेताओं पर हमलावर थे। लेकिन, नावां मर्डर केस मामले में दोनों पार्टियों के पदाधिकारी एक मंच पर दिखे।

नवां में हुए धरने-प्रदर्शन के बाद राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जल्दी ही दोनों पार्टियां दोबारा साथ आ सकती है। ऐसा होता है तो आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को बड़ा झटका होगा और प्रदेश के सियासी समीकरण में भी बड़ा बदलाव होगा। प्रदेश में खाली हो रही 4 राज्यसभा सीटों के लिए भी 10 जून को मतदान होना है। संख्या बल के हिसाब से 2 सीट कांग्रेस के पास और एक सीट BJP के खाते में सीधे-सीधे जाती दिखाई दे रही है। वहीं चौथी सीट पर अगर निर्दलीय या अन्य विधायक कोई उलट फेर न कर दे तो ये भी कांग्रेस के पास जानी तय है। ऐसे में मौजूदा पॉलिटिकल हालात और RLP-बीजेपी की नजदीकी नए गुल भी खिला सकती है।

बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व विधायकों की मौजूदगी में धरने को संबोधित करते हुए RLP सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल।
बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व विधायकों की मौजूदगी में धरने को संबोधित करते हुए RLP सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल।

कुचामन-नावां बीजेपी का गढ़
दरअसल, नागौर का कुचामन-नावां क्षेत्र BJP का गढ़ माना जाता है। इस इलाके में BJP कार्यकर्ता की हत्या और उसके बाद BJP द्वारा धरना शुरू किया गया। धरने में BJP के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया भी पहुंचे थे। इसके बाद धरने में शुरू नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की एंट्री। BJP के नेताओं ने भी इस धरने की बागडोर बेनीवाल को सौंप दी। इसमझौता वार्ता भी नागौर सांसद बेनीवाल की अगुवाई में हुई। आंदोलन को स्थगित करने का एलान भी बेनीवाल ने ही किया।

BJP प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया ने भी RLP विधायकों की तारीफ की थी।
BJP प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया ने भी RLP विधायकों की तारीफ की थी।

धरने में BJP प्रदेशाध्यक्ष ने की थी RLP विधायकों तारीफ
नावां में आयोजित धरने में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने नमक कारोबारी और भाजपा नेता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए RLP विधायकों द्वारा किए जा रहे संघर्ष को लेकर उनकी तारीफ की थी। खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल के लिए कहा था कि वो सत्य के साथ है। उन्होंने कहा था कि दोनों एक ही विचारधारा वाली पार्टी है।

आंदोलन स्थगित होने के बाद RLP सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने जयपुर से नावं में धरनास्थल पर पहुंचकर बीजेपी नेताओं के साथ बीजेपी के पूर्व विधायक हरीश कुमावत का अनशन तुड़वाया था।
आंदोलन स्थगित होने के बाद RLP सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने जयपुर से नावं में धरनास्थल पर पहुंचकर बीजेपी नेताओं के साथ बीजेपी के पूर्व विधायक हरीश कुमावत का अनशन तुड़वाया था।

बेनीवाल बोले थे- BJP कार्यकर्ताओं ने मजबूती से दिया था साथ
सांसद बेनीवाल ने भी धरने में बीजेपी नेताओं और बीजेपी कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा था कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके चुनावों में पहली बार कमल के निशान की जगह RLP के बोतल के निशान पर वोट दिया। मजबूती रखते हुए उन्हें चुनाव में जीत दिलवाई थी। दोनों पार्टियों ने मिलकर CM अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत तक को चुनाव हरा दिया था। इसके बाद भी कई मौकों पर मिलकर कांग्रेस का विरोध करते है। कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी को जब भी RLP की जरुरत पडी, निस्वार्थ भाव से साथ दिया है।